अली हुसैन आसिम बिहारी पर लिखी उर्दू किताब के अंग्रेजी संस्करण का हुआ विमोचन
Article : 14 और 15 अप्रैल को पूरे देश में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और बाबा ए क़ौम अली हुसैन आसिम बिहारी की जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई। गरीबों, मज़लूमों को न्याय दिलाने, जात-पात, ऊंच-नीच और आपसी वैमनस्य को खत्म करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले ये दोनों महान नेता लगभग समकालीन हैं।
Article : 14 और 15 अप्रैल को पूरे देश में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और बाबा ए क़ौम अली हुसैन आसिम बिहारी की जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई। गरीबों, मज़लूमों को न्याय दिलाने, जात-पात, ऊंच-नीच और आपसी वैमनस्य को खत्म करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले ये दोनों महान नेता लगभग समकालीन हैं। वहीं उनके जीवन और सेवाओं की बात करें तो दोनों नेताओं के बीच काफी समानता है। दोनों का जीवन जन्म से लेकर मृत्यु तक एक जैसा रहा है।
गौरतलब है कि अल्पसंख्यक, एससी, एसटी, ओबीसी ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 133वीं और राष्ट्रपिता अली हुसैन आसिम बिहारी की 135वीं जयंती के अवसर पर दो दिवसीय भव्य समारोह का आयोजन किया था। इस मौके पर सभी वक्ताओं ने अपने भाषण में दोनों नेताओं को याद किया और उनके विचारों को आम लोगों तक पहुंचाने की बात कही। इस दौरान आईपीएस सेवानिवृत्त डीजीपी छत्तीसगढ़ मोहम्मद वज़ीर अंसारी द्वारा बाबा ए क़ौम अली हुसैन आसिम बिहारी पर लिखी गई उर्दू पुस्तक के अंग्रेजी संस्करण (अनुवाद) का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो ने कहा कि बाबा साहेब द्वारा दिये गये संविधान को बचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इससे हमारी सभ्यता और संस्कृति सुरक्षित रहेगी, हम सब सुरक्षित रहेंगे और देश सुरक्षित रहेगा।
कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी दोनों महान नेताओं के नक्शेकदम पर चलने और उनके जीवन के प्रति लोगों को जागरूक करने की बात कही। यह भी कहा गया कि संविधान के अनुच्छेद 341(राष्ट्रपति आदेश 1950) को खत्म करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन और आन्दोलन चलाया जाना चाहिए और जो भी नेता या पार्टी इसे खत्म न करने की बात कहे, हम सबको उसका बहिष्कार करना चाहिए। आने वाले चुनाव में संविधान को बचाते हुए हमें इसकी चिंता करनी है कि मनुवादी और पुंजीवादी तत्व संसद में न जाने पाएं, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों,और झूठे, मक्कार और कम पढ़े-लिखे लोगों को भी संसद में प्रवेश नहीं मिलना चाहिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एएमयू ओल्ड ब्वॉयज़ एसोसिएशन के अध्यक्ष आज़म अली खान ने कहा कि आज मुसलमानों को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और बाबा ए क़ौम अली हुसैन आसिम बिहारी जैसी शख्सियत की सख़्त ज़रूरत है। आपने यह भी कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के व्यक्तित्व से तो सभी परिचित हैं, परन्तु अली हुसैन आसिम बिहारी के व्यक्तित्व से बहुत से लोग परिचित नहीं हैं।
कार्यक्रम में भंते शाक्यापुत्र सागर, जीपी मेहरा, एडवोकेट हाजी मोहम्मद हारून, आईपीएस एमडब्लू अंसारी, एएमयू ओल्ड बॉयज़ एसोसिएशन के अध्यक्ष आज़म अली खान, भोपाल महापौर मालती रॉय, विधायक भगवान दास सबनानी, राहुल कोठारी, सुभाजीत यादव आईएएस, थिक थुई थौंग और भी कई गणमान्य लोग मौजूद थे सभी ने सभा को संबोधित किया और एक स्वर में इन दोनों महान नेताओं के शैक्षिक मिशन को आगे बढ़ाने की बात कही।



