स्वास्थ्य मंत्री ने पत्रकार के सवाल पर धमकी देकर मांगा सबूत, उसी इलाके से झोलाछाप डाक्टर की गलत दवाई से एक की मौत दो की हालत नाजुक
Health Minister threatened the journalist and asked for proof one died due to wrong medicine given by a quack doctor from the same area two are in critical condition
बलौदाबाजार/भाटापारा : एक पत्रकार द्वारा राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को उनके विभाग में झोलाछाप डाक्टरो को संरक्षण देने के बदले बलोदाबाजार जिले के स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर महीने 4 हजार वसूलने के सवाल पर मंत्री जी बिफर गए और जवाब देने की बजाय उल्टे पत्रकार से सबूत मांगने लगे. इतना ही स्वास्थ्य मंत्री ने सबूत नही देने पर पत्रकार पर मानहानि का मुकदमा दायर करने की धमकी भी दे डाली थी.
यह बयान स्वास्थ्य मंत्री ने जिस बलौदाबाजर जिले में दिया था. उसी बयान के चंद घंटों ही बाद उसी बलौदाबाजर जिले के लवन थाना क्षेत्र में एक झोलाछाप डाक्टर राजेश मिश्रा की गलत दवाई की वजह से एक युवक की मौत हो गई है. वहीं दो युवक अभी भी जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं. हालांकि गलत दवाई की वजह से मौत होने की पुष्टि के बाद फरार डाक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है.
जिसके बाद मंत्री जी के बयान को लेकर जिले मे जमकर चर्चा हों रही है कि आखिरकार मंत्री जी को खुद सबूत मिल गया होगा.? और सवाल खड़े हो रहे हैं. कि पत्रकार से सबूत मांगने वाले प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री क्या पत्रकार से माफी मांगेंगे???
या फिर अपने बयान पर खेद जताते हुए प्रदेश भर मे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्युवेद की आड़ मे कुक्कुरमुत्तो की तरह फैले इन अवैध झोलाछाप डाक्टर जो कि डिग्री नहीं होने के बाद सर्जरी से लेकर बच्चे पैदा करवाने तक का काम क्लिनिक खोल कर खुलेआम कर रहे हैं. उनके खिलाफ क्या सख्त कार्यवाही करने का आदेश जारी करते हैं. या फिर और किसी सबुत का इंतजार करते हैं..??? मंत्री जी पत्रकार का काम सवाल करना है ना कि जबाब देना. अगर पत्रकार के सवाल पर जबाब मांगा जाने लागे तो फिर निष्पक्ष पत्रकारिता कौन करेगा..??
बता दें कि सर्दी खांसी ठीक होने का झांसा देकर आयुर्वेदिक दवा के नाम पर तीन लोगों को जहरीला तरल पदार्थ देने वाले आरोपी को थाना लवन पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया. जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया. इस मामले में जहरीला तरल पदार्थ पीने से जहां एक व्यक्ति की मौत हो गई. वहीं दो व्यक्ति गंभीर रुप से बीमार हो गये हैं. जिनका ईलाज चल रहा है.
5 नवम्बर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लवन से प्राप्त मेमो की जांच तस्दीक पर थाना लवन पुलिस द्वारा इलाजरत राहुल वर्मा से पूछताछ कर बयान लिया गया. जिसमें 4 नवम्बर को वह दिनेश वर्मा के निर्माणाधीन मकान में काम पर गया. वहां मोहन धीवर भी साथ था. इसी समय आरोपी राजेश मिश्रा वहां पर आया और अभी सर्दी खांसी का सीजन है कहकर अपने पास रखे एक बोतल में रखे तरल पदार्थ को आयुर्वेदिक दवाई है. कफ सिरप है कहकर हम लोगों को दिया.
इसके बाद राजेश मिश्रा द्वारा एक स्टील गिलास में आधा पानी और आधा दवाई मिलाकर मुझे दिनेश वर्मा और मोहन धीवर को दिया. जिसे हम तीनों ने पिया. इसके बाद रात डेढ़ बजे करीब मुझे अचानक उल्टी होने लगी और मेरी तबियत बहुत ज्यादा खराब हो गई. तब अपने परिवार वालों को इस बात की जानकारी दिया.
जिसके बाद मुझे अस्पताल लाकर भर्ती कराये हैं. यहां आकर पता चला कि मोहन धीवर और दिनेश वर्मा भी ईलाज कराने अस्पताल में भर्ती हुए हैं. जहां पर दिनेश वर्मा की मौत हो गई है.
इसकी रिपोर्ट पर थाना लवन में अपराध क्र. 458/2024 धारा 105 ,123 बीएनएस मामला दर्ज कर जांच में लिया गया. मामले में थाना लवन पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुयए आरोपी राजेश मिश्रा को हिरासत में लिया गया. जिससे पूछताछ करने पर सर्दी, खांसी कफ ठीक होने के नाम पर दिनेश वर्मा, मोहन धीवर और राहुल वर्मा को आयुर्वेद दवाई के नाम पर जहरीला तरल पदार्थ देना कबूल किया. जिससे दिनेश वर्मा की मौत और दो व्यक्ति गंभीर रुप से बीमार पड़ गए. मामले में धारा सदर जुर्म का सबूत पाये जाने से थाना लवन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया. जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया.
गिरफ्तार आरोपी
राजेश मिश्रा उम्र 50 साल निवासी राधा विहार कॉलोनी बलौदाबाजार, थाना सिटी कोतवाली, जिला बलौदाबाजार भाटापारा (छत्तीसगढ़)
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