कल 21 सितंबर को कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ बंद का किया आह्वान, ONE MAN-ALL PROBLEM का समाधान देश को ढूढ़ना होगा- शैलेश पाण्डेय
Congress calls for Chhattisgarh bandh tomorrow on 21st September country will have to find solution to ALL PROBLEMS Shailesh Pandey
रायपुर : प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और कवर्धा की घटना को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने शनिवार 21 सितंबर को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया है. कांग्रेस के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ कवर्धा के लोहारीडीह गया था. प्रतिनिधिमंडल में पूर्व अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय सहित वरिष्ठ नेता शामिल थे.
कांग्रेस के नेतागण पुलिस अभिरक्षा में मृत प्रशांत साहू की अंत्येष्टि में शामिल हुए और परिजनों से भी मिले. परिजनों ने पुलिस के मारपीट की वजह से प्रशांत की मौत होने का आरोप लगाया.
लोहारीडीह घटना स्थल से लौटने के बाद प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि लगातार हो रही अपराधिक घटनाओं को पुलिस रोक नहीं पा रही है. घटना की जांच हाईकोर्ट की सीटिंग जज ने करने की मांग की. कचरु साहू का दोबारा पोस्टमार्टम करने की मांग प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने की. रेंगाखार थाने की सीसीटीवी फुटेज निकलवाने की मांग की.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में महिलाएं, बच्चे, युवा सुरक्षित नहीं है. कानून व्यवस्था बदहाल है. कांग्रेस आगामी शनिवार 21 सितंबर को प्रदेश बंद का आह्वान किया है. लोहारीडीह की घटना को दबाने का प्रयास किया था. कांग्रेस की सजगता से मामले को नहीं दबा पाए.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मांग की है कि डॉक्टर की टीम बनाकर फिर से शिवकुमार की पीएम किया जाए. थाने का सीसीटीवी जब्त किया जाए. बंद कैदियों की पिटाई की गई है. इसलिए मिलने नहीं दिया जा रहा है. एसपी को बर्खास्त किया जाए.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb
ONE MAN-ALL PROBLEM का समाधान देश को ढूढ़ना होगा- शैलेश
बिलासपुर : पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय ने कहा कि मोदी 3.0 ने पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद कमेटी की सिफ़ारिशो को मुहर लगा दिया है. जिसमे वन नेशन-वन इलेक्शन देश में होना चाहिए. लेकिन हमारा देश एक पूर्ण लोकतांत्रिक देश है. और एक बेहतर संविधान है हमारे पास. तो क्या ऐसा करना संभव होगा कि हम देश की आवाज़ सुने बिना सिर्फ कमेटी की अनुशंसा के आधार पर इतना बड़ा फ़ैसला लेने जा रहे हैं.
हमारा देश एक संघीय ढाँचे से बना हुआ है और इसको वैसे ही चलाया जा रहा है या पालन किया जा रहा है. हम अमेरिका, ब्रिटेन, फ़्रांस, केनेडा नहीं है. हम 140 करोड़ के भारत देश है. जहां की भौगोलिक और राजनीतिक परिस्थितियाँ अलग-अलग है. और सही बात ये है कि यहां के मुद्दे भी अलग-अलग हैं. देश के मुद्दे और राज्यों के मुद्दे अलग-अलग होने की वजह से हम सभी बातों का ध्यान रख पाते हैं. और उन्हें आधार पर फैसला ले पाते हैं.
इस देश में क्षेत्रीय पार्टियाँ भी हैं. जिन पर जनता भरोसा करती है. क्या वे इसमें टिक पायेंगी. और क्या इससे जनता के स्वतंत्र मुद्दे शामिल हो पायेंगे? ये बड़ा सवाल है. स्थानीय मुद्दे दब जाएँगे और सिर्फ बड़े मुद्दे ही रह जाएँगे और जनता इससे कमजोर हो सकती है? और ग़लत आदमी का चयन हो जाएगा जो जनहित नही है.
संविधान संशोधन एक बड़ा विषय होगा. इस पर मोदी सरकार ने जरुर सोचा होगा लेकिन सिर्फ अपने फायदे के लिए! ये इतना सरल नहीं है. अभी देश नियंत्रित किया जा सकता है. लेकिन इससे देश अपने आपको कितना सुरक्षित कर पाएगा?
देश में विधायक सांसद खेल बिगाड़ो भी होता है सरकारों को हॉर्स ट्रेडिंग कर गिराया भी जाता है और बीजेपी इस खेल में माहिर है. तो फिर क्या होगा जब सरकार गिर जाएगी. क्या बचे समय में राष्ट्रपति शासन लगाया जाएगा. ये जनता को पता होना चाहिए.
मोदी थ्री कहीं अपने डर से तो नहीं ये विषय को प्रमोट कर रही है. क्योंकि मोदी थ्री सरकार बड़ी मुश्किल से बनी है और इस विषय में राष्ट्रीयता से ज्यादा स्वार्थ दिख रहा है और वो सिर्फ सत्ता पाने ने के लिये ऐसा किया जा रहा है. अब मोदी जी इतने पॉपुलर नहीं रह गये हैं. इसलिए सत्ता आपसी का बीजेपी तोड़ ढूँढ रही है. कि कैसे देश में कब्जा बनाया जाये? ख़ैर हमारा देश इस पर चर्चा करेगा और जनता से कुछ छुपता नहीं है. आगे सभी नापाक इरादे सामने आ जाएँगे?
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb



