SCERT के संयोजन से गरियाबंद जिले में बालवाड़ी शिक्षकों के लिए 5 दिवसीय ECCE आधारित जिला स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न

5 day ECCE based district level training for kindergarten teachers concluded in Gariaband district in collaboration with SCERT

SCERT के संयोजन से गरियाबंद जिले में बालवाड़ी शिक्षकों के लिए 5 दिवसीय ECCE आधारित जिला स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न

गरियाबंद : SCERT के संयोजन से जिला मिशन गरियाबंद के मार्गदर्शन में बालवाड़ी प्रभारी शिक्षकों के लिए ECCE (Early Childhood Care and Education) आधारित 5 दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया. यह प्रशिक्षण दो दिन ऑनलाइन और तीन दिन ऑफलाइन के जरिए संपन्न हुआ. जिसमें जिले के सभी विकासखंडों से करीब 260 बालवाड़ी प्रभारी शिक्षक शामिल हुए.
प्रशिक्षण के प्रथम और द्वितीय दिवस ऑनलाइन के जरिए आयोजित किए गए. जिसमें गरियाबंद, छुरा, फिंगेश्वर, देवभोग और मैनपुर विकासखंडों के बालवाड़ी प्रभारी शिक्षकों ने सहभागिता की. ऑनलाइन सत्रों में ECCE की अवधारणा, बच्चों की अधिगम शैली, थीम आधारित पाठ्यक्रम, स्कूल रेडिनेस (विद्या आनंद), खेल आधारित शिक्षा, समावेशी शिक्षा एवं नवाचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई.
प्रशिक्षण के तृतीय, चतुर्थ एवं पंचम दिवस ऑफलाइन माध्यम से आयोजित किए गए. जिसमें गरियाबंद, छुरा और फिंगेश्वर विकासखंड के बालवाड़ी प्रभारी शिक्षकों का प्रशिक्षण बीआरसी हॉल, गरियाबंद में आयोजित किया गया. वहीं देवभोग एवं मैनपुर विकासखंड के बालवाड़ी प्रभारी शिक्षकों का प्रशिक्षण हनुमान हॉल, अमलीपदर में संपन्न हुआ.
ऑफलाइन सत्रों के दौरान ECCE सिद्धांतों के अनुरुप दैनिक पाठ योजना, सर्कल टाइम, संज्ञानात्मक विकास, भाषा विकास, आउटडोर गेम एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति जैसे कालखंडों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण, डेमो एवं समूह कार्य कराए गए. साथ ही शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) के प्रभावी उपयोग एवं बच्चों की सक्रिय सहभागिता पर विशेष जोर दिया गया.
प्रशिक्षण का शैक्षणिक संचालन आह्वान टीम से मास्टर ट्रेनर के रुप में समीर कसेर, विजय यादव, अश्वनी कुमार और भुवेंद्र कुमार बघेल तथा जिला मिशन गरियाबंद से DRG मास्टर ट्रेनर के रूप में नीता सर्वा, मोहानी गोस्वामी एवं अनिल अवस्थी द्वारा किया गया.
इस मौके पर जिला मिशन समन्वयक (DMC) शिवेश शुक्ला ने कहा कि “ECCE आधारित प्रशिक्षण बालवाड़ी शिक्षकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सशक्त बनाता है. प्रारंभिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही भविष्य की शिक्षा की मजबूत नींव है.”
वहीं एपीसी आदरणीय विल्सन थामस सर ने कहा कि “प्रारंभिक बाल्यावस्था में आनंददायक एवं प्रभावी शिक्षण बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत जरुरी है. इस तरह के प्रशिक्षण शिक्षकों की व्यावसायिक क्षमता को और मजबूत करते हैं.”
समूह कार्य और डेमो प्रस्तुतियों के जरिए शिक्षकों की व्यावहारिक दक्षता, कक्षा संचालन कौशल एवं आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई. कुल मिलाकर यह SCERT के संयोजन से आयोजित 5 दिवसीय ECCE आधारित जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बहुत कामयाब और उपयोगी साबित हुआ.
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