मनरेगा में भारी अनियमितता हितग्राहियों से अवैध वसूली का रोजगार सहायक पर लगाया गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने की कलेक्टर से शिकायत

Huge irregularities in MNREGA, serious allegations of illegal recovery from beneficiaries on Rozgar Sahayak, villagers complain to Collector

मनरेगा में भारी अनियमितता हितग्राहियों से अवैध वसूली का रोजगार सहायक पर लगाया गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने की कलेक्टर से शिकायत

बिलासपुर : बिलासपुर जिला में ग्राम पंचायत खैरा डंगनिया में पदस्थ रोजगार सहायक मनोज सोनी के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है. बड़ी तादाद में प्रधानमंत्री आवास और मनरेगा के हितग्राही ग्रामीणों ने मंगलवार को जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मनोज सोनी पर फर्जी मस्टर रोल तैयार करने, हितग्राहियों से अवैध वसूली और अपने निजी कार्यों में मजदूरों से काम कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मनोज सोनी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रत्येक हितग्राही से ₹5000 की अवैध वसूली की है. पैसे नहीं देने पर आवास निर्माण कार्य रोकने और अगली किस्त जारी न कराने की धमकी भी दी गई. ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार सहायक ने खुलेआम कहा “जहां शिकायत करनी है कर लो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता.”
इतना ही नहीं, मनरेगा मजदूरी भुगतान में भी भारी गड़बड़ी उजागर हुई है. ग्रामीणों के मुताबिक जिनका काम में नाम ही नहीं है. उनके नाम से मस्टर रोल भरकर पैसा निकाला गया है. इसके अलावा मजदूरों से रोजगार सहायक ने अपने खेत में निजी कार्य खंती (गोदी), खाद डालने आदि करवाया है. ग्रामवासियों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास निर्माण पूर्ण हो चुका है. लेकिन अभी तक उनकी श्रमिक मजदूरी नहीं मिली है.
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2021 में भी रोजगार सहायक मनोज सोनी के खिलाफ फर्जी मस्टर रोल की शिकायत हुई थी. जिसमें उसकी मां, पत्नी और भांजे के नाम मस्टर रोल में पाए गए थे. जांच में आरोप साबित होने के बावजूद अब तक कोई सख्त कार्यवाही नहीं की गई. जिसका फायदा उठाकर वह आज भी मनमानी कर रहा है.
उप सरपंच रामावतार और ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मनोज सोनी को पंचायत प्रतिनिधियों का संरक्षण मिला हुआ है. जिसके चलते वह बेखौफ होकर भ्रष्टाचार और धमकी देने का काम कर रहा है. आवेदन के साथ पहले की शिकायतों की पावती और दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं.
ज्ञापन सौंपने पहुंचे हितग्राहियों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते रोजगार सहायक को निलंबित नहीं किया गया तो वे धरना-प्रदर्शन और आंदोलन के लिए मजबूर होंगे. ग्रामीणों का कहना है कि मनोज सोनी गवाहों पर दबाव बनाकर बयान बदलवा सकता है. इसलिए फौरन निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए.
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रुप से प्रमोद मोहिते, जोहितराम पंच, अनिल कुमार, कौशिल्या, ज्योति कश्यप, अशोक कश्यप, संतोष कुमार, कृष्ण कुमार, सतोस भारद्वाज, राजेश मोरिले, शिवकुमार चौहान, अखिलेश, विनोद चौहान, मनेन्द्र, बरन, सुभाष, लक्ष्मण, उमाशंकर मोहिते समेत दर्जनों ग्रामीण ज्ञापन सौंपने पहुंचे.
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर प्रकरण को कितनी संजीदगी से लेता है और क्या दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है या ग्रामीणों को एक बार फिर सिर्फ आश्वासन देकर लौटा दिया जाएगा?
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