उफनते नाले में बहे मां-बेटे, मायके से ससुराल लौट रही रजनी और बच्चे का शव बरामद, परिवार में पसरा मातम, ग्रामीणों ने मांगा मुआवजा

Mother and son swept away in a swollen drain, bodies of Rajni and child who were returning from her maternal home to her in-laws' house were recovered, family mourns, villagers demand compensation

उफनते नाले में बहे मां-बेटे, मायके से ससुराल लौट रही रजनी और बच्चे का शव बरामद, परिवार में पसरा मातम, ग्रामीणों ने मांगा मुआवजा

बलरामपुर/शंकरगढ़ : मायके से ससुराल लौट रही महिला अपने बेटे के साथ उफनते नाले के बीच में फंस गई. पानी के तेज बहाव में दोनों मां-बेटे बह गए. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों का शव नदी से बाहर निकाला. घटना शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के साही टोंगरी की है.
मिली जानकारी के मुताबिक आमगांव की रहने वाली पहाड़ी कोरवा महिला रजनी कोरवा पति किशुन कोरवा अपने दो साल के बच्चे के साथ हफ्ते भर पहले मायके गई हुई थी. वापस ससुराल आते समय उफनते नाले के बीच में फंस गई.
पानी के तेज बहाव पर उसका जोर नहीं चला और बेटे के साथ बह गई. खबर मिलने पर मौके पर पहुंची शंकरगढ़ पुलिस ने दोनों का शव नदी से बाहर निकाला. परिजनों को घटना की खबर देने के साथ शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा. मां-बेटे की असामयिक मौत से मातम पसरा हुआ है.
यह हादसा एक बार फिर मानसून के दौरान उफनते नालों और जलभराव वाली जगहों की गंभीरता को उजागर करता है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र में कोई वैकल्पिक पुल या सुरक्षित मार्ग उपलब्ध नहीं कराया गया है. जिससे हर साल बारिश के समय इस तरह के हादसे होते रहते हैं.
रजनी और उसके दो साल के मासूम बेटे की असमय मौत से आमगांव और ससुराल गांव में शोक की लहर है. परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से उचित मुआवज़ा और सुरक्षा उपायों की मांग की है.
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