छत्तीसगढ़ में ISI कनेक्शन!, किरायेदार सत्यापन के दौरान पुलिस ने पाकिस्तान समर्थित स्लीपर सेल के सदस्य को दबोचा, मोबाइल से मिले अहम डिजिटल सबूत
ISI connection in Chhattisgarh! Police nabbed a member of a Pakistan-backed sleeper cell during tenant verification; crucial digital evidence recovered from his mobile phone.
जांजगीर-चांपा : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले की अकलतरा पुलिस ने किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है. जिस पर पाकिस्तान समर्थित स्लीपर सेल से जुड़े होने और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक आरोपी के मोबाइल फोन से विदेशी नंबरों के साथ चैटिंग, वीडियो कॉलिंग और अन्य अहम डिजिटल सबूत मिले हैं.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सेवक सिंह पिता बलविंदर सिंह उम्र 23 साल के रूप में हुई है. आरोपी के खिलाफ अकलतरा थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 एवं 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
किरायेदार सत्यापन में सामने आया मामला
पुलिस को खबर मिली थी कि अकलतरा के मिनीमाता चौक स्थित एक मकान में बाहरी राज्यों के कई लोग किराए पर रह रहे हैं. सत्यापन के दौरान पुलिस को सेवक सिंह की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ में उसके जवाबों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस ने उसका मोबाइल फोन खंगाला. जहां से कई विदेशी नंबरों से संपर्क के संकेत मिले.
पाकिस्तान, सऊदी अरब और अन्य विदेशी नंबरों से संपर्क
मोबाइल जांच में पाकिस्तान, सऊदी अरब और अन्य देशों के नंबरों के साथ संपर्क के प्रमाण मिले हैं. आरोपी कथित तौर पर व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी संपर्कों के संपर्क में था. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण व्यक्तियों, संवेदनशील स्थलों, लोकेशन, वाहनों के नंबर और फोटो-वीडियो जैसी जानकारियां साझा कर रहा था.
मोबाइल से मिले डिजिटल सबूत
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल से व्हाट्सएप चैट, वीडियो कॉल रिकॉर्ड, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल सामग्री बरामद करने का दावा किया है. मोबाइल फोन को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. ताकि पूरे नेटवर्क और संपर्कों की विस्तृत पड़ताल की जा सके.
हथियार मिलने के बाद टारगेट किलिंग की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह भी जानकारी सामने आई है कि आरोपी को पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार उपलब्ध कराए जाने की प्लान थी. पुलिस को शक है कि हथियार मिलने के बाद उसे विशेष लक्ष्यों पर हमला करने या टारगेट किलिंग जैसे कार्य सौंपे जा सकते थे. हालांकि इन तथ्यों की पुष्टि विस्तृत जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी.
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के दौरान हुई इस कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आरोपी के संपर्क सूत्रों, संभावित सहयोगियों और पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं.
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