नवा रायपुर में खुली आईटीआई ड्रोन ट्रेनिंग अकादमी, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय का 5 वां दीक्षांत समारोह संपन्न, राज्यपाल और साय हुए शामिल

ITI Drone Training Academy opened in Nava Raipur 5th convocation of Atal Bihari Vajpayee University concluded Governor and Sai participated

नवा रायपुर में खुली आईटीआई ड्रोन ट्रेनिंग अकादमी, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय का 5 वां दीक्षांत समारोह संपन्न, राज्यपाल और साय हुए शामिल

अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय का 5 वां दीक्षांत समारोह संपन्न, राज्यपाल और साय ने 64 विषयों में 92 गोल्ड मैडल और 48 विद्यार्थियों को पी.एच.डी. से नवाजा

बिलासपुर : महामहिम राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित 5वें दीक्षांत समारोह में शिरकत की. उन्होंने 64 विषयों में विद्यार्थियो को 92 गोल्ड मेडल तथा 48 को पी.एच.डी. और 35 हजार 291 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारत के सर्वाेच्च न्यायालय के न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा शामिल हुए. उन्हें भारतीय न्याय व्यवस्था में अमूल्य योगदान पर पी.एच.डी. की मानद उपाधि से विभूषित किया गया.
कार्यक्रम में इससे पहले दीक्षांत समारोह शोभायात्रा निकाली गई। दीक्षांत समारोह में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, राज्य की प्रथम महिला रानी डेका काकोटी शामिल हुई.
विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक अमर अग्रवाल, विधायक धरम लाल कौशिक, विधायक धरमजीत सिंह, विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक अटल श्रीवास्तव एवं विधायक दिलीप लहरिया शामिल हुए। राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथियों ने विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका कन्हार और मासिक पत्रिका अटल दृष्टि का विमोचन किया.
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि विश्वविद्यालय सिर्फ संस्थानों से कहीं अधिक है। विश्वविद्यालय हमारी सामूहिकता, ज्ञान और संस्कृति के संरक्षक है. वे ऐसे स्थान है जहां इतिहास संरक्षित किया जाता है। साहित्य का विश्लेषण किया जाता है। आप अपनी पढ़ाई के माध्यम से विचार के विविध क्षेत्रों मेें जुड़ रहें है मानवता के बारे में आपकी विचार को समृद्ध किया जा रहा है। भारत सरकार की राष्ट्र शिक्षा नीति 2020 दूरदर्शिता का प्रतिनिधित्व करती है। इसका उद्देश्य युवाओं को तेजी से गतिशील दुनिया में आगे बढ़नेे के लिए कौशल और ज्ञान से परिपूर्ण करना है। छत्तीसगढ़ के लिए यह नीति प्रगतिशील सुधारों की लहर लाती है। जो हमारे शैक्षणिक संस्थानों पर गहरा प्रभाव डालने के लिए तैयार है। विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रम को न केवल उभरते हुए रूझानों और प्रौद्योगिकियों के प्रति गतिशील और उत्तरदायी बनाना चाहिए बल्कि इसमें भारतीय परंपरा की समृद्ध विरासत भी शामिल होनी चाहिए। हम मिलकर एक उच्च शिक्षा प्रणाली का निर्माण कर सकते हैं, जो न केवल हमारे छात्रों की जरूरतों केा पूरा करेगी बल्कि हमारे राज्य और राष्ट्र के समग्र विकास में योगदान देगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश विकसित भारत @2047 के संकल्प हेतु क्रियाशील है, हम भी प्रदेश में विकसित छत्तीसगढ़ विजन 2047 के लक्ष्य को लेकर कार्य कर रहे हैं। मैं आश्वस्त हूँ कि इस दीक्षांत समारोह के बाद, इस संस्थान के प्रतिभाशाली युवा अपनी रूचि के क्षेत्रों में अपना और अपने विश्वविद्यालय का नाम रौशन करते हुए, इस संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। यह विश्वविद्यालय अपने नवाचारों से एक उदाहरण बनता जा रहा है। मुझे यह भी ज्ञात हुआ है कि पीएम उषा के अंतर्गत विश्वविद्यालय को 20 करोड़ रुपए का अनुदान प्राप्त हुआ है जो प्रशंसनीय है तथा इससे विश्वविद्यालय की अधोसंरचना का विस्तार होगा और यहां उच्च शिक्षा का स्तर और भी उन्नत होगा। हमें तक्षशिक्षा, नालंदा जैसे भारतीय परपंरा के विशिष्ट विश्वविद्यालय को अपना आदर्श मानते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रमों में प्रोत्साहन देना है। भारत हमेशा से ज्ञान के क्षेत्र में विश्वगुरु रहा है। हमें पुनः विश्वविद्यालयों को उस प्रतिष्ठा तक पहुँचाने में प्रयासरत होना है। हमें वही प्रतिष्ठा फिर से अर्जित करने के लिए हमारे शिक्षण संस्थानों को विश्वस्तरीय बनाना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 विख्यात विशेषज्ञों द्वारा लंबे और व्यापक विचार विमर्श के बाद बनाई गई है। यह शिक्षा नीति भावी परिदृश्य को ध्यान में रख कर बनाई गई है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा का टापू बनकर न रहे, समाज से सरोकार रहे, समाज एवं राष्ट्र में विश्वविद्यालय का योगदान हो तथा निरंतर शोध कार्य हो। आधुनिक युग में युवा पीढ़ी शिक्षित तो हो रही है परन्तु उन्हें संस्कारों से जोड़ने की जिम्मेदारी भी हमारी है। छत्तीसगढ़ प्रदेश अपनी विशेष संस्कृति के लिए जाना जाता है, अतः छात्रों को संस्कार मूलक शिक्षा देने की व्यवस्था के लिए विशेष प्रयास होना चाहिए।
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नवा रायपुर में खुली आईटीआई ड्रोन ट्रेनिंग अकादमी

रायपुर : छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने नवा रायपुर स्थित आईटीएम यूनिवर्सिटी में एरीज एग्रो लिमिटेड के सहयोग से स्थापित आईटीएम ड्रोन ट्रेनिंग एकादमी का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि स्वाभिमानी और स्वावलंबी युवाओं से भारत ग्लोबल पावर बनेगा.
उन्होंने ड्रोन एकादमी के पहले बैच में प्रशिक्षण ले रहे ड्रोन दीदी और ड्रोन पायलट को शुभकामनाएं दी. कहा कि हाल के बजट में इंटर्नशिप के लिए विशेष प्रावधान किये गए हैं ताकि देश के एक करोड़ से ज्यादा यूथ इंटर्नशिप लेकर देश में मैनपावर की कमी दूर कर सके. यहाँ सात दिन की ड्रोन ट्रेनिंग कैरियर के लिए ज्यादा कारगर हो सकता है.
आईटीएम ड्रोन ट्रेनिंग एकादमी को छत्तीसगढ़ प्रदेश का पहले ड्रोन ट्रेनिंग एकादमी बनने का गौरव प्राप्त हुआ है. जो महज सात दिनों के प्रशिक्षण में ड्रोन दीदी और ड्रोन पायलट तैयार करेगा जो डीजीसीए सर्टिफाइड पायलट कहलाएंगे. ड्रोन तकनीकों का कृषि में इस्तेमाल करने से किसानों की कई समस्याएं दूर होंगी. समय और मजदूर काम लगने के साथ ड्रोन से पानी की भी बचत होगी और फसलों की पैदावार दोगुनी होगी.
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मुख्यमंत्री ने दी पर्युषण-पर्व की शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री विष्णु देेव साय ने प्रदेशवासियों विशेषकर जैन धर्म के अनुयायियों को पर्युषण-पर्व की शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि पर्युषण पर्व जैन समाज का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है.
मान्यता है कि भगवान महावीर ने इस त्यौहार के दौरान अपनी शिक्षाएं दीं और जैन धर्म के मुख्य सिद्धांतों को प्रतिपादित किया। पर्युषण पर्व मनाने का मूल उद्देश्य आत्मा को शुद्ध बनाने पर ध्यान केंद्रित करना होता है. यह महापर्व आत्मविशुद्धि, संयम, त्याग और आत्मचेतना को विकसित करने का अवसर देता है. यह पर्व अहिंसा, दया, क्षमा, प्रेम की राह पर चलना सिखाता है.
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बैगा जनजाति के बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनना हुआ आसान

रायपुर : कोरिया जिला के पोड़ी (बचरा) के तहसीलदार ओपी सिंह ने जानकारी दी कि ग्राम गोविंदपुर निवासी अशोक कुमार की बेटी नीरज कुमारी, दुलार साय की बेटियां कुमारी संगीता व कविता, बृजलाल के बिटिया सगुन, बुधियारो, जगसाय की बेटी रीना एवं शंकर लाल बैगा के पुत्र प्रशंसा कुमार, बैकुंठपुर विकासखंड के ग्राम आमगांव निवासी श्रीमती चंदा बाई के पुत्र लक्ष्मण यादव के जन्म प्रमाण पत्र बनने में आ रही थी.
उन्होंने कलेक्टरेट कार्यालय में लगने वाले जन चौपाल कार्यक्रम में अपनी परेशानियों का जिक्र कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी के सामने किया. जिसका यह असर हुआ कि उन्हें तत्काल जन्म प्रमाणपत्र बनाकर दिया गया. जन्म प्रमाण पत्र बनने से बैगा परिवार में खुशियां देखने को भी मिली है.
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पोला और महानवमी पर स्थानीय अवकाश घोषित

छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 2 सिंतबर सोमवार को पोला और 11 अक्टूबर शुक्रवार को महानवमी के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित किया है. नवा रायपुर अटल नगर एवं रायपुर शहर में स्थित सभी सरकारी कार्यालयों व संस्थाओं के लिए कैलेंडर वर्ष 2024 के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया है. स्थानीय अवकाश बैंक, कोषालय,उप कोषालय के लिए लागू नहीं होगा.