तेंदुए ने 3 साल की बच्ची और बुजुर्ग उसके बाद पालतू कुत्ते का किया शिकार, हाथी ने ग्रामीण को दौड़ाया 1 किलोमीटर, बची जान
Leopard hunted a 3 year old girl and an elderly person and then his pet dog the elephant made the villager run 1 kilometer life saved
धमतरी/नगरी : नगरी विकास खंड के धौराभाटा में तेंदुआ ने पहले तीन साल की मासूम बच्ची पर हमला कर मार डाला. इसके बाद रात 11 से 12 बजे के बीच उसी गांव के बुजुर्ग बुधराम कमार पर जानलेवा हमला कर दिया. इस हमले में बुजुर्ग गंभीर रुप से घायल हो गया.
बताया जा रहा है कि बुजुर्ग को घर में सोते वक्त अंदर से घसीट कर निकाला बुधराम व परिजनों के चिल्लाने पर बुजुर्ग को छोड़ कर तेंदुआ भाग गया. इस हमले से बुधराम कमार के सर में गंभीर चोट आई है. जिसे नगरी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस घटनाक्रम से 1 किलोमीटर दुर बसे ग्राम खुदुरपानी में लघुशंका के लिए निकले बिरेंद्र नेताम के सामने उनके पालतू कुत्ते को शिकार कर जंगल के तरफ चला गया.
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बता दें कि गरियाबंद जिले के मैनपुर थान क्षेत्र अंतर्गत दर्रीपारा निवासी कुमारी नेहा के उपर तेंदुआ ने हमला कर और उसे अपने जबड़े में दबाकर भागने लगा. बच्ची के रोने की आवाज पर परिजनों और आसपास के लोगों ने दौड़ लगाया तो तेंदुआ ने बच्ची को पुरी तरह जख्मी कर वहीं छोड़ कर भाग गया. जिससे उसकी मौत हो गई. विशेष पिछड़ी आदिवासी कमार जनजाति के दर्रीपारा निवासी संतोष कमार अपने पत्नी और बच्चे के साथ धमतरी जिला के धौराभाठा में अपने साडू के यहां मेहमान बनकर गया था.
वहां उनकी बेटी कुमारी नेहा उम्र 3 साल के उपर तेंदुआ ने हमला कर दिया. जिससे उसकी मौत हो गई. पोस्टमार्डम के बाद उसकी बेटी की शव को गरियाबंद जिले के ग्राम दर्रीपारा लाया गया. जहां अंतिम संस्कार किया गया. वहीं इस घटना के बाद से परिजनो का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है.
ग्राम दर्रीपारा निवासी संतोष कमार ने बताया वह अपने साडू के यहां मेहमान बनकर गया था और उसकी 3 वर्ष बेटी नेहा घर के बाहर शाम 6 बजे के आसपास निकली. तभी पहले से घात लगाकर बैठे तेंदुआ ने बच्ची के उपर हमला कर दिया. उसकी बेटी नेहा के गर्दन को पकड़ कर तेंदुआ भागने लगा तभी बच्ची के रोने के आवाज पर सब घर से बाहर निकले. और ग्रामीणों के द्वारा हल्ला मचाने पर तेंदुआ ने बच्ची को बुरी तरह जख्मी कर छोड़ कर जंगल के तरफ निकला. जिसकी जानकारी ग्रामीणों के द्वारा वनविभाग को दिया गया. बच्ची को सामुदायिक स्वाथ्य केन्द्र नगरी लाया गया. लेकिन उसकी मौत हो गई. इस हृदय विदारक घटना से लोगो में भारी दहशत देखने को मिल रहा है.
वन परिक्षेत्र अधिकारी दीपक गावड़े ने बताया कि तेंदुआ के हमले से कुमारी नेहा की मौत हो गई. मृतिका गरियाबंद जिले के दर्रीपारा निवासी है. वन विभाग द्वारा तत्कालिक सहायता राशि 25 हजार रूपये प्रदान की गई है.
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हाथी ने ग्रामीण को दौड़ाया 1 किलोमीटर, बची जान
बिलासपुर/सीपत : कोरबा जिले के एक दंतैल हाथी ने बिलासपुर वन मंडल के सोठी सर्किल के गांवों में पिछले 24 घंटों से उत्पात मचाया. हाथी की गतिविधियों से प्रभावित ग्राम पंचायत सोठी, निरतु, अदराली, बिटकुला, आमानारा, पैंगवापरा, जेवरा, खोंधरा, कनई, जुहली, कुकदा, मड़ई, खम्हरिया, लुतरा, ऊनि, कुली और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया है.
हाथी ने गांव में घुसकर हमला करने की कोशिश की और ग्रामीणों को 1 किलोमीटर तक दौड़ाया. जिससे लोग भागकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे. वन विभाग की टीम ने हाथी को नियंत्रित करने के लिए प्रयास शुरु कर दिए हैं और आसपास के गांवों में सुरक्षा के मद्देनजर अलर्ट जारी किया गया है. हाथी को नुकसान न पहुंचाने की अपील की गई है. ताकि उसे सुरक्षित वापस अपने दल तक पहुंचाया जा सके.
बताया जा रहा है कि यह दंतैल हाथी पिछले 20 दिनों से कोरबा जिले से अपने दल से अलग होकर पंतोरा के कटरा जंगल में भटक रहा था. बुधवार की देर रात हाथी सोठी तहसील के बिटकुला गांव में पहुंच गया. वन विभाग के कर्मचारी और अधिकारी हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं.
सोठी सर्किल अधिकारी हफीज खान ने पुष्टि की कि हाथी ने अब तक किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया है. ग्रामीणों को हाथी से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है. सुरक्षा उपायों के तहत सोठी से जेवरा पहुंच मार्ग पर बेरिकेटिंग की गई है और वहां वन विभाग के कर्मचारी तैनात हैं. डीएफओ और उच्च अधिकारियों के निर्देश पर हाथी की गतिविधियों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है. हाथी की लोकेशन की रिपोर्ट बनाई जा रही है ताकि उसे सुरक्षित तरीके से उसके दल तक पहुंचाया जा सके.
एक हाथी सोठी सर्किल के आसपास पहुंच गया है. हाथी के चलने की वजह से कुछ किसानों की फसल प्रभावित हुई है. उन्हें मुआवजा दिलवाया जाएगा. हाथी की सुरक्षा में 24 घंटे स्टाफ तैनात किए गए हैं। लोगों को घबराने की जरुरत नहीं है.
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