यू-वीजा हासिल करने के लिए फर्जी लूट की घटनाएं रचने का आरोप, अमेरिका में 11 भारतीय नागरिक गिरफ्तार, जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा

11 Indian nationals arrested in the US for allegedly staging fake robberies to obtain U-visas; investigation reveals fraud

यू-वीजा हासिल करने के लिए फर्जी लूट की घटनाएं रचने का आरोप, अमेरिका में 11 भारतीय नागरिक गिरफ्तार, जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा

वॉशिंगटन : अमेरिका में अधिकारियों ने 11 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है. जिन पर यू-वीजा हासिल करने के लिए फर्जी लूट की घटनाएं रचने का आरोप है. ताकि इसमें शामिल लोग खुद को अपराध का शिकार बताकर खास तरह का वीजा हासिल कर सकें.
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपियों ने प्लान बनाकर नकली लूट की घटनाएं आयोजित कीं और खुद को अपराध का शिकार बताकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई. इन घटनाओं के आधार पर वे यू-वीजा के लिए आवेदन करना चाहते थे. यू-वीजा कार्यक्रम उन लोगों के लिए बनाया गया है जो गंभीर अपराधों के शिकार होते हैं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जांच या मुकदमे में मदद करते हैं.
जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा
जांच में पता चला कि कम से कम छह ऐसी नकली लूट की घटनाएं हुईं, जो कन्वीनियंस स्टोर, शराब की दुकानों और फास्ट-फूड रेस्तरां में अंजाम दी गईं. पूरी योजना बहुत सोच-समझकर बनाई गई थी. कोई व्यक्ति नकली लुटेरा बनकर दुकान में घुसता. बंदूक जैसी चीज दिखाकर काउंटर से नकद लेता और भाग जाता. पूरी घटना दुकान के सीसीटीवी में रिकॉर्ड होती ताकि यह असली लगे.
लूट के बाद दुकान में मौजूद लोग फौरन पुलिस को नहीं बुलाते थे. वे जानबूझकर 5 मिनट या उससे ज्यादा इंतजार करते. जिससे “लुटेरा” आराम से भाग सके और मामला ज्यादा विश्वसनीय दिखे.
आरोप है कि इसमें शामिल होने वाले लोग पैसे देकर इस योजना में हिस्सा लेते थे. इससे वे खुद को या अपने परिवार के सदस्य को फर्जी तौर पर अपराध का शिकार दिखाकर वीजा के लिए आवेदन कर पाते. मुख्य आयोजक को पैसे मिलते. जो वह दुकान मालिकों को देता ताकि वे अपनी दुकान पर ऐसी फर्जी घटना होने दें.
गिरफ्तार लोगों में से छह  जितेंद्र कुमार पटेल, महेश कुमार पटेल, संजय कुमार पटेल, अमिता बेन पटेल, संगीता बेन पटेल और मितुल पटेल मैसाचुसेट्स में पकड़े गए और आज बोस्टन की फेडरल कोर्ट में पेशी के बाद रिहा कर दिए गए. बाकी रमेश भाई पटेल, रोनक्कुमार पटेल, सोनल पटेल और मिंकेश पटेल  केंटकी, मिसौरी और ओहियो में गिरफ्तार हुए. वे बाद में बोस्टन कोर्ट में पेश होंगे.
सभी आरोपी कोर्ट में पेश किए गए हैं और आगे की सुनवाई बोस्टन की फेडरल कोर्ट में होगी. अमेरिकी कानून के तहत अगर वीजा फ्रॉड की साजिश साबित हुई तो अधिकतम 5 साल की जेल, 3 साल की निगरानी और 2.5 लाख डॉलर तक जुर्माना हो सकता है.
गंभीर आरोपों का सामना
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों पर इमिग्रेशन धोखाधड़ी और साजिश से जुड़े आरोप लगाए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि यू-वीजा कार्यक्रम का मकसद वास्तविक अपराध पीड़ितों की मदद करना है. इसलिए इस प्रणाली का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है.
यू-वीजा कार्यक्रम क्या है
यू-वीजा अमेरिकी सरकार का एक विशेष कार्यक्रम है. जिसके तहत अपराध के शिकार लोगों को अस्थायी कानूनी दर्जा और काम करने की अनुमति दी जाती है. इसका मकसद पीड़ितों को बिना डर के पुलिस के साथ सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है.
इमिग्रेशन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में धोखाधड़ी सामने आने से कानून प्रवर्तन एजेंसियां ज्यादा एलर्ट हो जाती हैं और भविष्य में आवेदन प्रक्रिया की जांच और सख्त हो सकती है. अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच जारी है और यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस कथित योजना में अन्य लोग भी शामिल थे.
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