मुरुमसिल्ली में जलाशय में मछली पकड़ने गए मामा-भांजे की डूबने से मौत, गोताखोरों ने निकाले दोनों शव, पसरा मातम, नदी-नालों से दूर रहने की अपील

Maternal uncle and nephew drown while fishing in the Murumsilli reservoir; divers recover both bodies; a pall of gloom descends; appeal issued to stay away from rivers and streams.

मुरुमसिल्ली में जलाशय में मछली पकड़ने गए मामा-भांजे की डूबने से मौत, गोताखोरों ने निकाले दोनों शव, पसरा मातम, नदी-नालों से दूर रहने की अपील

धमतरी : मुरुमसिल्ली जलाशय में तेज जलप्रवाह ने दो मछुआरों की जान ले ली. गेदारापारा और बागडोंगरी निवासी मामा-भांजे देवकरण और लोकेश मांडवी शनिवार देर शाम मछली पकड़ने गए थे. इसी दौरान रपटे के पास अचानक एक का पैर फिसला और वह तेज बहाव में बहने लगा. उसे बचाने दौड़ा दूसरा भी पानी की धार में समा गया. देखते ही देखते दोनों आंखों से ओझल हो गए.
हादसे के बाद गांव में हड़कंप मच गया. ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और नगर सेना को खबर दी. रात का समय और पानी का तेज बहाव होने की वजह से बचाव दल ने देर रात तक तलाश की. लेकिन अंधेरे और विपरीत परिस्थितियों के चलते दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका.
सुबह पहुंची गोताखोरों की टीम, घंटों की तलाश के बाद मिली कामयाबी
रविवार सुबह हादसे की खबर गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट एसोसिएशन छत्तीसगढ़ की गोताखोर टीम को दी गई. सतवंत कुमार महिलांग के नेतृत्व में गोताखोर घटनास्थल पर पहुंचे और पानी के भीतर व्यवस्थित तरीके से सर्च ऑपरेशन शुरू किया.
काफी मशक्कत के बाद एक शव घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर झाड़ियों में फंसा मिला. इसके बाद टीम ने आसपास के जलक्षेत्र में तलाश तेज की और दूसरे मछुआरे का शव भी बरामद कर लिया. दोनों शवों को बाहर निकालकर संबंधित थाना पुलिस को खबर दी गई. आवश्यक कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए.
जलाशय और नदी-नालों से दूर रहने की अपील
लगातार बारिश और जलाशयों में बढ़ती आवक के बीच प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, रपटों और तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पानी का बहाव सामान्य दिखाई देने के बावजूद जलाशयों और रपटों के आसपास अचानक स्थिति खतरनाक हो सकती है. बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखने और किसी भी हालत में तेज बहाव पार नहीं करने की सलाह दी गई है.
कलेक्टर बोले- सावधानी ही सुरक्षा
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि लगातार बारिश और जलाशयों में पानी की आवक को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है. गंगरेल बांध के सात गेट खोले जाने के कारण महानदी समेत आसपास के नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है. उन्होंने नागरिकों से अपील किया कि तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और किसी भी तरह का अनावश्यक जोखिम न लें. थोड़ी-सी सावधानी बड़े हादसे को टाल सकती है.
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