नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़, साहू समाज आक्रोशित, आरोपी शिक्षक की बर्खास्तगी और सभी 4 स्कूल बंद करने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग

Minor girl molested, Sahu community enraged, people took to the streets demanding dismissal of the accused teacher and closure of all 4 schools

नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़, साहू समाज आक्रोशित, आरोपी शिक्षक की बर्खास्तगी और सभी 4 स्कूल बंद करने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग

बलौदाबाजार : बलौदाबाजार जिले के सुहेला में एक छात्रा से हुए छेड़छाड़ मामले ने तुल पकड़ लिया है. घटना से आक्रोशित साहू समाज ने शुक्रवार को आरोपी द्वारा संचालित शांति देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की मान्यता रद्द करने की मांग को लेकर स्कूल के सामने सैकड़ों की तादाद में इकठ्ठा होकर धरना प्रदर्शन किया है. हालांकि उक्त मामले में आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है.
आपको बता दें कि बीते 9 जून को सुहेला क्षेत्र में एक प्राइवेट शैक्षणिक संस्था के स्कूल में 11वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा पूरक परीक्षा देने गई थी. आरोप है कि इसी दौरान एक सरकारी शिक्षक शैलेश कुमार वर्मा ने, जिसका परिवार उस स्कूल का संचालन करता है. छात्रा के साथ छेड़छाड़ की. छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए घर जाकर अपने परिवार को पूरी घटना बताई। जिसके बाद परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। अब यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति के अपराध तक सीमित नहीं रहा. बल्कि पूरी शिक्षण संस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. इस घटना के विरोध में 14 गांवों के सरपंचों ने एकजुट होकर कलेक्टर से शिकायत की. इसके बाद साहू समाज ने भी मोर्चा खोल दिया और सुहेला में विशाल धरना-प्रदर्शन किया।
जिलाध्यक्ष सुनील साहू ने बताया कि आरोपी शिक्षक शैलेश कुमार वर्मा एक निलंबित शासकीय शिक्षक है और सुहेला में शांति देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नाम से निजी स्कूल का संचालन करता है. समाज ने आरोपी शिक्षक को नौकरी से बर्खास्त करने व स्कूल मान्यता रद्द करने की मांग बीते 19 जून को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर किया था. कलेक्टर ने मांग पूरी करने का आश्वासन भी दिया था. लेकिन करीब 15 दिन बाद भी मांग पूरी नहीं करने पर समाज के लोग आक्रोशित है इसलिए आज स्कूल के सामने धरना प्रदर्शन किया है.
विरोध प्रदर्शन के दौरान स्कूल की शिक्षा गुणवत्ता को लेकर भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. पता चला है कि यह निजी संस्था पिछले 15 सालों से क्षेत्र में 4 स्कूल चला रही है. इन चारों स्कूलों में कुल 58 शिक्षक कार्यरत हैं. लेकिन इनमें से सिर्फ 12 शिक्षकों के पास ही B.Ed की डिग्री है. इसका मतलब है कि बाकी 46 शिक्षक पढ़ाने के लिए निर्धारित योग्यता भी पूरी नहीं करते हैं. इस खुलासे के बाद स्कूलों की मान्यता और शिक्षा की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं.
समाज ने मांग किया कि आरोपी शिक्षक को बर्खास्त किया जाए साथ ही जिस स्कूल ने यह घटना हुई है उसके प्राचार्य पर भी एफआईआर दर्ज की जाए और उसके द्वारा संचालित अन्य 5 स्कूलों की मान्यता रद्द किया जाना चाहिए. समाज के लोगों का कहना है कि मांग पूरी नहीं होने पर आगे उग्र आंदोलन के लिए समाज को मजबूर होना पड़ेगा. धरना प्रदर्शन के दौरान जिला साहू संघ के अध्यक्ष.नारद साहू समेत बड़ी तादाद में सामाजिक गण मौजूद थे.
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