मोहम्मद अज़ीज़ को अनजान लड़के ने जगाया, तुम सो रहे हो? उठ जाओ। आज तुम्हारी किस्मत खुल गई है

Mohammad Aziz : "अरे भई। तुम सो रहे हो? उठ जाओ। आज तुम्हारी किस्मत खुल गई है।" सुबह के सात बजे का वक्त था। देर रात तक जगे मोहम्मद अज़ीज़ को एक अनजान लड़के द्वारा यूं इस तरह जगाया जाना अच्छा नहीं लगा।

मोहम्मद अज़ीज़ को अनजान लड़के ने जगाया, तुम सो रहे हो? उठ जाओ। आज तुम्हारी किस्मत खुल गई है

Mohammad Aziz : "अरे भई। तुम सो रहे हो? उठ जाओ। आज तुम्हारी किस्मत खुल गई है।" सुबह के सात बजे का वक्त था। देर रात तक जगे मोहम्मद अज़ीज़ को एक अनजान लड़के द्वारा यूं इस तरह जगाया जाना अच्छा नहीं लगा। उन्होंने लड़के से पूछा,"क्या हुआ?" लड़के ने बताया,"तुम्हें अनु मलिक जी बुला रहे हैं। तुम्हारी रिकॉर्डिंग है। तुम अमिताभ बच्चन के लिए गाने वाले हो। तुम्हारी तो तकदीर खुल गई है भाई।" मोहम्मद अज़ीज़ को उस लड़के की बातों पर यकीन नहीं हुआ। उन्होंने कहा,"क्यों मेरे साथ तुम सुबह-सुबह मज़ाक कर रहे हो यार?" लड़के ने कहा,"मैं मज़ाक नहीं कर रहा हूं। तुम्हें वाकई में अनु मलिक ने बुलाया है।"

मोहम्मद अज़ीज़ उठे और जल्दी से तैयार होकर अनु मलिक के पास गए। अनु मलिक ने उन्हें वहां मर्द फिल्म के टाइटल सॉन्ग 'मर्द तांगे वाला' की रिहर्सल कराई। और फिर अनु मलिक उन्हें लेकर पहुंच गए स्टूडियो। तीन बजे रिकॉर्डिंग शुरू होनी थी। स्टूडियो का नज़ारा देखकर मोहम्मद अज़ीज़ घबरा गए। इतने बड़े सैटअप में उन्होंने पहले कभी नहीं गाया था। फिर खुद को संभालते हुए मोहम्मद अज़ीज़ ने उस दिन पूरे दिल से गाया। और ऐसा गाया कि मर्द फिल्म के डायरेक्टर मनमोहन देसाई भी खुशी से झूम उठे। रिकॉर्डिंग खत्म होने के बाद मनमोहन देसाई ने अज़ीज़ साहब की जमकर तारीफ की। और वादा किया कि मैं जब तक फिल्में बनाऊंगा, तुम्हें ज़रूर गाने का चांस दूंगा।

आज मोहम्मद अज़ीज़ साहब का जन्मदिवस है दोस्तों। 2 जुलाई 1954 को कोलकाता में इनका जन्म हुआ था। और 2018 की 27 नवंबर को अज़ीज़ साहब ये दुनिया छोड़ गए थे। फिल्म इंडस्ट्री में अज़ीज़ साहब मुन्ना के नाम से मशहूर थे। मुन्ना इनका घरेलू नाम था। अज़ीज़ साहब जब आंखों में गायक बनने का ख्वाब लिए कोलकाता-मुंबई आए थे तो अपने माता-पिता से वादा करके आए थे कि अगर दो सालों में कुछ ना हो सका तो मैं वापस लौट आऊंगा। मगर इनकी किस्मत में तो गायक बनना ही लिखा था। इसलिए दो साल से पहले ही इन्हें मुंबई में फिल्मों के लिए गाना गाने के मौके मिलने लगे। 

मोहम्मद अज़ीज़ साहब के शुरुआती जीवन व उनके संघर्ष की दास्तान आप यहां पढ़ सकते हैं- https://t.ly/E8Qj0 किस्सा टीवी मोहम्मद अज़ीज़ साहब को ससम्मान याद करते हुए उन्हें नमन करता है। वैसे तो अज़ीज़ साहब ने एक से बढ़कर एक गीत गाए हैं। और उनके लगभग सभी गीत संगीत प्रेमियों को पसंद आते हैं। लेकिन फिर भी, अगर आपसे पूछा जाए कि अज़ीज़ साहब द्वारा गाए आपसे तीन सबसे पसंदीदा गीत कौन से हैं, तो आप किन तीन गीतों का नाम लेना चाहेंगे? कमेंट करके बताइएगा ज़रूर। मैं अपनी बात करूं तो मैं लिखूंगा, 1- मितवा भूल ना जाना। 2- सावन के झूलों ने मुझको बुलाया। 3- आज कल और कुछ याद रहता नहीं। #mohdaziz #mohdazizsongs