प्रशांत साहू के एक भाई को निगम, मंडल,आयोग में कैबिनेट रैंक की नियुक्ति व दुसरे को असिस्टेंट सब इन्स्पेक्टर की दें नौकरी- इंजी योगेश्वर चन्द्राकर
One brother of Prashant Sahu should be given cabinet rank appointment in Corporation Division Commission and the other should be given the job of Assistant Sub Inspector Engineer Yogeshwar Chandrakar
कबीरधाम : अपने गृह जिले की खस्ताहाल और चरमाई कानून व्यवस्था को दुरुस्त कर पाने में प्रदेश के गृह मंत्री पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहे हैं और जिले की यह स्थिति तब है जब वे ज्यादातर समय अपने गृह जिले में ही गुजार रहे हैं. बीते रविवार को जिले के रेंगाखार जंगल थाना क्षेत्र के ग्राम लोहारीडीह में घटित वारदात इसका जीवंत उदाहरण है. इस दिन प्रदेश के गृह मंत्री जिला मुख्यालय कवर्धा में ही मौजूद थे और रेंगाखार जंगल थाना मुख्यालय से महज 5 किलो मीटर की दूरी में आक्रोशित ग्रामीणों की भीड़ ने एक ग्रामीण के घर में आग लगाकर उसकी हत्या कर दी. पुलिस प्रशासन अपनी पीठ थपथपा रहा है कि उसने परिवार के बाकी लोगों को बचा लिया. लेकिन ये छुपाने में अपना पूरा जोर लगा रही है कि पुलिसिया बर्बरता और मारपीट ने एक ग्रामीण युवक की जान ले ली. उक्त बातें जारी बयान में युवक कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष तुकाराम चन्द्रवंशी ने कही.
चन्द्रवंशी ने कहा कि लोहारीडीह घटना बहुत ही विभत्स, अमानवीय, दर्दनाक और शर्मनाक है. अगर पुलिस प्रशासन समय पर ध्यान देती और इस घटना को गंभीरता से लेती तो इतनी बड़ी घटना घटित ही नहीं होती. जिससे जिले के माथे पर ये कलंक कभी नहीं लगता.
उन्होंने आगे कहा कि लोहाराडीह की घटना पुलिस प्रशासन की नाकामी का प्रतीक है. जिसकी खीझ मिटाने पुलिस ने जिस तरह से अमानवीयता के साथ बच्चो, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गो को घर से निकालकर रास्ते में घसीटकर बेरहमी से मारते पीटते उन्हें गिरफ्तार किया. ऐसा कृत्य शायद ही कहीं देखने को मिले और यही वजह है कि बेरहमी से पिटाई की वजह से 34 साल के युवा की जेल में मौत हो गई.
तुकाराम चन्द्रवंशी ने बताया कि इस पूरी घटना से कई सवाल खड़े हो रहे हैं. जैसे कचरु साहू की संदेहास्पद स्थिति में लाश का मिलना, रघुनाथ साहू के घर में पुलिस सुरक्षा में या पुलिस की मौजूदगी में आग का लगना और रघुनाथ की आग में जलकर मौत हो जाना. ऐसी कौन से कारण थे जिसमें पुलिस ने महिलाओं, बच्चो, बुजुर्गो, युवाओं को घर से घसीटकर बेरहमी से मारते हुए गिरफ्तार करना पड़ा. करीब 160 लोगों को आरोपी बनाया गया. जिनमें 72 लोगो को गिरफ्तार किया गया. जिन्हें थाने में ले जाकर बहुत बेरहमी से अमानवीयता की हद को पार करते हुए मारा गया. ऐसी कौन सी ताकत थीं जो पुलिस को ये सब करने के लिए प्रोत्साहित कर रही थी. इन ग्रामीणों पर ऐसा कौन सा गुस्सा निकाला जा रहा था. जिससे उन्हें अदालत से पहले ही सजा दे रही थी. प्रशांत साहू की नाजुक हालत को देखते हुए भी पर्याप्त मेडिकल सुविधा क्यों नहीं दिलाई गई. गंभीर रुप से घायल कैदी को आखिर जेल दाखिल कैसे कराया गया. ऐसे कई सवाल हैं. जो शक पैदा करते हैं. जिसकी जांच हाईकोर्ट के जज के जरिए कराई जाए.
उन्होने मांग की है कि जेल में बंद सभी आयोपियों की फिर से मेडिकल जांच की जाए. और उनका बयान लिया जाए. परिवार को उचित मुआवजा देते हुए उन्हें इंसाफ दिया जाए. साथ ही इस पूरी घटना से पुरे राज्य को और मानवता को कलंकित करने वाले दोषियों को जो चाहे कितने भी बड़े पद में हो उन्हें कड़ी सजा मिले. ताकि हमारे शांति के टापू इस राज्य में दोबारा ऐसी घटना घटित ना हो सके.
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कबीरधाम : कबीरधाम हत्याकांड में पुलिसकर्मी के द्वारा पुलिस हिरासत में हुई वहसी मारपीट की वजह से प्रशांत साहू की पुलिस हिरासत में मौत हो गई. पंडरिया विधानसभा से युवा नेता कांग्रेस इंजी योगेश्वर चन्द्राकर ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मृतात्मा को ईश्वर शांति दे और मृतात्मा को नमन किया.
कबीरधाम ज़िले के बोडला विकासखंड अंतर्गत ग्राम लोहारी डीह मे हुई घटना के बाद पुलिस हिरासत में इक्स्ट्रीम लेवल की मारपीट की वजह से 27 साल के युवक प्रशांत साहू की मौत बहुत ही हृदयविदारक और विचलित करने वाली है. कवर्धा पुलिस प्रशासन की गुंडागर्दी दिन रोजानाबढती ही जा रही है. पुलिसकर्मी वर्दी के रौब से इतने बेख़बर हों गए है कि इनके सामने कोई आता है तो सीधा मारपीट से इनकी बातचित की शुरुआत होती है. ये कवर्धा पुलिस की संस्कृति बहुत ही भयानक और डरावना है.
आगे युवा नेता कांग्रेस इंजी योगेश्वर चन्द्राकर ने कहा कि जिस तरह से प्रशांत साहू के बॉडी का पंचनामा किया गया शक की दायरे में आते हैं. क्या कवर्धा पुलिस, पुलिस हिरासत में हुए मौत के स्टैंडर्ड्ज़ प्रोसिजर को फ़ॉलो किए हैं. मुझे नही लगता कि कवर्धा के पुलिसकर्मी स्टैंडर्ड प्रोसिजर को फ़ॉलो किए हैं. भाजपा की सरकार से कांग्रेस पार्टी के द्वारा लगातार मांग किया जा रहा है कि दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही होना चाहिए लेकिन आज दिनांक तक कोई ऐसी स्थिति नज़र नही आ रही है. गृहमंत्री ज़ी को सर्वप्रथम सम्बंधित थाने से लेकर कवर्धा इस मामले की हाई कोर्ट के निगरानी में CBI जांच होने चाहिए और दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख़्त से सख़्त से दंडात्मक कार्यवाही होना चाहिए.
कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के द्वारा लगातार मांग किया जा रहा है कि प्रशांत साहू के भाई को एक असिस्टेंट सब इन्स्पेक्टर रैंक की नौकरी और जीवन निर्वहन के लिए कम से कम 2 करोड़ रुपए दिए जाए. प्रशांत साहू की मौत के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आज 21 सितम्बर 2024 को एक दिवसीय बंद का आहवान किया गया है. जिसमें सभी छत्तीसगढ़ के ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा इस बंद को कामयाब बनाने के लिए व्यापारी संघ के विशेष सहयोग से कामयाब बनाने के लिए ज़िला/ विकासखंड/ तहसील स्तर में ज्ञापन देकर छत्तीसगढ़ बंद का ऐलान किया गया है.
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