नक्शा बंटवारे का ऑनलाइन सिस्टम फेल, ऑफलाइन का विकल्प नहीं, किसान दर दर भटकने मजबूर- टिकेश साहू, Online का ऑप्शन जरुरी- हाफिज खान

Online system of map distribution fails, there is no offline option, farmers are forced to wander from door to door- Tikesh Sahu, Online option is necessary- Hafiz Khan

नक्शा बंटवारे का ऑनलाइन सिस्टम फेल, ऑफलाइन का विकल्प नहीं, किसान दर दर भटकने मजबूर- टिकेश साहू, Online का ऑप्शन जरुरी- हाफिज खान

गरियाबंद : किसानों और आम जनता को नक्शा बंटवारे और राजस्व रिकार्ड के दस्तावेज के संशोधन प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हाफिज खान और मिडिया प्रभारी टिकेश साहू ने कहा कि राजस्व विभाग के ऑनलाइन सिस्टम में ढेरों खामियां हैं. जब तक ऑनलाइन सिस्टम में त्रुटियां पूरी तरह से दुरुस्त नहीं कर ली जाती. तब तक ऑफलाइन का विकल्प भी होना चाहिए. लेकिन यह सरकार जानबूझकर काम अटकने के नए-नए तरीके अपना रही है. सरकार की दुर्भावना के चलते लाखों की तादाद में किसान दर-दर भटकने मजबूर हैं
उन्होंने कहा कि सिर्फ गरियाबंद जिले में ही नक्शा बंटवारे के हजार से ज्यादा मामले पेंडिंग हैं. पूरे प्रदेश में यह तादाद लाखों में है. जिससे लोग बहुत ज्यादा परेशान हैं. ऑनलाइन धारा अ -6 के तहत रिकॉर्ड दुरुस्ती के 10 हजार से ज्यादा मामले पेंडिंग हैं. अधिकारी जान बूझकर एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं. पटवारी, आर.आई के पास भेज रहा है. आर आई तहसीलदार के पास, तहसीलदार एसडीएम और एसडीम कलेक्टर और कलेक्टर वापस उसी तहसीलदार के पास... समाधान कही नहीं मिल रहा है. जनता चक्कर लगा-लगा कर थक चुकी है. भाजपा के नेता सत्ता की मलाई खाने में व्यस्त हैं.
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हाफिज खान ने कहा कि राजस्व विभाग में पारदर्शिता और सुविधा को लेकर जमीनी हकीकत सरकार के द्वारा किए जा रहे दावे के विपरीत है. भाजपा की सरकार में तकनीकी सुविधा का दुरुपयोग कर जनता को सिर्फ सताने का काम किया जा रहा है. इतनी शिकायतों के बाद भी कमियां दूर नहीं की जा रही हैं. सत्ता में बैठे लोग सिर्फ वसूली एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं. ई कोर्ट के कई मामले आज तक ऑनलाइन प्रदर्शित नहीं है. पेंडेंसी लगातार बढ़ती चली जा रही है. पीड़ित किसान और आम जनता को कहीं कोई राहत इस सरकार में नहीं है. न ही कहीं पर किसी की कोई सुनवाई है.
ब्लॉक कांग्रेस मिडिया प्रभारी टिकेश साहू ने कहा कि राजस्व अभिलेख किसानों के लिए सिर्फ संपत्ति ही नहीं, उनकी पहचान है. खरीफ फसल का समय आ चुका है. राजस्व अभिलेखों में दर्ज रकबा के मुताबिक ही उन्हें खाद, बीज और नगदी की व्यवस्था सहकारी समिति से होती है. उसी के मुताबिक किसान क्रेडिट कार्ड से ऋण की पात्रता मिलती है और रकबा के आधार पर ही धान खरीदी की सीमा तय की जाती है. ऐसे में राजस्व मामलों को बेवजह पेंडिंग रखने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. नक्शा बंटवारा नहीं होने से हिस्सेदारों और अन्य पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. सरकार राजस्व विभाग के ऑनलाइन सिस्टम में आ रही दिक्कत हो को फौरन दूर करे. समस्या के निराकरण तक ऑफलाइन की वैकल्पिक व्यवस्था करें. वरना सरकार के उदासीन रवैए के खिलाफ कड़ा विरोध किया जाएगा.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB