गांधी मैदान की जमीन पर व्यवसायिक परिसर का विरोध तेज, कृषक पंचायत ने नीलामी पर उठाये सवाल, प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग

Opposition to the commercial complex on Gandhi Maidan land intensifies; farmers' council questions the auction process, demanding an immediate halt.

गांधी मैदान की जमीन पर व्यवसायिक परिसर का विरोध तेज, कृषक पंचायत ने नीलामी पर उठाये सवाल, प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग

गरियाबंद : नगर पालिका गरियाबंद द्वारा गौरव पथ में प्रस्तावित व्यवसायिक परिसर निर्माण एवं उसकी नीलामी प्रक्रिया को लेकर अब विरोध और तेज हो गया है. स्थानीय नागरिकों के बाद अब कृषक पंचायत ने भी इस योजना पर आपत्ति दर्ज कराते हुए प्रशासन से निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है.
कृषक पंचायत का कहना है कि प्रस्तावित निर्माण में गांधी मैदान के हिस्से को समायोजित किया जा रहा है. जिससे मैदान का क्षेत्रफल कम हो जाएगा. उनका आरोप है कि गरियाबंद नगर में गांधी मैदान ही एकमात्र बड़ा सार्वजनिक मैदान है. जहां देव मड़ाई जैसे पारंपरिक आयोजनों के साथ-साथ कई सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न होते हैं. नगर में मड़ई आयोजन के दौरान, मैदान में आसपास के ग्रामीण अंचलों से देवी-देवताओं का आगमन एवं सामूहिक पूजन होता है. जो नगर की आस्था और परंपरा से जुड़ा विषय है.
कृषक पंचायत के अध्यक्ष हेमलाल सिन्हा, उपाध्यक्ष नरेंद्र सिन्हा, सचिव भावेश सिन्हा द्वारा अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि इसी मैदान में सार्वजनिक उत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं बच्चों की खेल गतिविधियां आयोजित होती हैं. वर्तमान में जिस स्थल पर व्यवसायिक परिसर निर्माण प्रस्तावित है, वहां पूर्व में पौधारोपण किया जा चुका है और अधिकांश पौधे जीवित हैं. जिससे गौरव पथ की सुंदरता बनी हुई है. निर्माण होने की स्थिति में इन पौधों के कटने/नष्ट होने की आशंका जताई गई है. कृषक पंचायत ने यह भी आशंका व्यक्त किया कि दुकानों के निर्माण के बाद ग्राहकों के वाहनों के सड़क पर खड़े होने से मार्ग संकरा हो जाएगा और यातायात जाम की हालत बनी रहेगी। इसके अलावा गांधी मैदान में सालों से वॉलीबॉल और फुटबॉल का प्रशिक्षण होता रहा है. जहां से कई खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं और गरियाबंद का नाम रोशन किया है.
अध्यक्ष हेमलाल सिन्हा कहते हैं है कि उक्त जमीन को तत्कालीन राजा द्वारा नगरवासियों के लिये खेल एवं सार्वजनिक आयोजनों के लिए आरक्षित किया गया था. ऐसे में मैदान के किसी भी हिस्से में व्यवसायिक निर्माण जनहित के खिलाफ होगा.
कृषक पंचायत ने प्रशासन से मांग किया है कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुये गांधी मैदान के किसी भी भाग को क्षति पहुंचाने वाली निर्माण अनुमति न दी जाए और प्रस्तावित व्यवसायिक परिसर निर्माण एवं नीलामी प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए.
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