सुबह का भरोसेमंद नाश्ता या बड़ा सवाल? वीडियो जमकर वायरल होने के बाद जागा प्रशासन, नकली पोहा बेचने पर अविनाश इंडस्ट्रीज का लाइसेंस निलंबित
A reliable breakfast or a serious question? After a video went viral, the administration woke up and suspended Avinash Industries' license for selling fake flattened rice.
बलौदाबाजार : कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की द्वारा जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर जांच अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में गुरुवार को फर्म अविनाश इन्डस्ट्रीज खोखली, भाटापारा जांच किया। फर्म द्वारा खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 व विनियम का पालन नहीं करने पर लाइसेंस निलंबित किया गया. यह बलौदाबाजार जिले के भाटापारा क्षेत्र, ग्रासिम रोड (खोखली) का है
अभिहित अधिकारी अक्षय कुमार सोनी ने बताया कि ऑनलाइन वायरल विडियो का संज्ञान में लेते हुये फर्म अविनाश इन्डस्ट्रीज खोखली, भाटापारा का जांच किया गया. निरीक्षण के दौरान फर्म में फूड हेंडलरों के द्वारा बिना मॉस्क, हेडकवर, ग्लब्स लगाये हुए अस्वास्थ्यकर दशाओं में पोहे का विनिर्माण किया जाना पाया गया.
अविनाश इंडस्ट्रीज में ‘युवराज पोहा’ नाम से उत्पाद तैयार किया जाता है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ कर्मचारी खुले पोहे को बड़े ढेर या टब से उठाकर सीधे पैकेट में भरते नजर आ रहे हैं. कर्मचारियों ने ग्लव्स, मास्क और हेयर कैप नहीं पहना हुआ दिख रहा है. पैकिंग स्थल भी साफ-सुथरा नहीं दिख रहा और पोहे के ढेर पर ही कर्मचारी खुद बैठे दिख रहे हैं. पूरी प्रक्रिया हाथ से (मैन्युअल) होती दिखाई दे रही है. इसे देखकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या इस तरह पैक किया गया खाद्य पदार्थ सुरक्षित हो सकता है?
कई लोगों ने लिखा कि वे रोज पैक्ड पोहा खरीदते हैं और उन्हें भरोसा होता है कि यह स्वच्छ वातावरण में तैयार हुआ होगा. कुछ यूजर्स ने कहा कि इस तरह की लापरवाही से संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. ‘युवराज पोहा’ बाजार में आकर्षक पैकेजिंग के साथ बेचा जाता है. बाहरी लुक देखकर उपभोक्ता गुणवत्ता का अंदाजा लगाते हैं. लेकिन वायरल वीडियो के बाद लोग कह रहे हैं कि सिर्फ पैकेट का डिजाइन ही सब कुछ नहीं होता, असली मायने निर्माण और पैकिंग प्रक्रिया के होते हैं.
संचालक रुपेश किंगलानी ने कहा कि आगे निगरानी और ज्यादा रखेंगे, CCTV लगाने के साथ मैनेजर भी रखेंगे. लापरवाही की जानकारी हमें नहीं है, हो सकता है मजदूरों ने मीडिया में आने के लिए ऐसा किया हो.
फर्म में खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 व विनियम के तहत् फूड हैंडलरों का वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण दस्तावेज और किट,पेस्ट नियंत्रण संबंधित समुचित उपाय नहीं पाया गया जिस पर खाद्य विभाग की टीम ने नायलोन पोहा का विधिक नमूना लेकर जांच के लिए खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिया गया है. फर्म को सुधारात्मक नोटिस जारी कर फर्म का खाद्य लायसेंस (अनुज्ञप्ति) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जावेगी और लायसेंस (अनुज्ञप्ति) बहाली के बाद ही फर्म का संचालन किये जाने का निर्देश दिया गया है.
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