सड़कों पर धान की ढेरी, मिंजाई से खतरे में लोगों की जान, प्रशासन की लापरवाही से युवक की मौत, युवकों में आक्रोश, युवा खोलेंगे मोर्चा

Paddy heaps on the roads, people's lives in danger due to threshing, death of a youth due to negligence of the administration, anger among the youth, youth will open a front

सड़कों पर धान की ढेरी, मिंजाई से खतरे में लोगों की जान, प्रशासन की लापरवाही से युवक की मौत, युवकों में आक्रोश, युवा खोलेंगे मोर्चा

गरियाबंद : वक्त फसल कटाई का है ऐसे में सड़कों पर फसल की ढेरी और बीच सड़क पर मिंजाई से लोग परेशान हैं. और सड़क हादसे का शिकार हो रहे हैं. ऐसी ही एक घटना बीते शनिवार के शाम NH 130C के देवभोग के करचिया नाला के पास टीकरापारा नाला के पुल पर घटित हो गई. अपने गृह ग्राम लौट रहे बसीर मोहम्मद, विकास साव और सोहन नायक पुल में रखे फसल के ढेरी की वजह से हादसे का शिकार हो गए. हादसा इतना जबरदस्त था कि हादसे में बुरी तरह घायल हो गए.  बसीर मोहम्मद और विकास साव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग ने उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया. रायपुर के मेकाहारा में जिंदगी और मौत की लडाई के बीच युवक विकास साव जिदंगी की जंग हार गया. रविवार के रात 10 बजे युवक की मौत हो गई. खबर गांव तक पहुंची तो एक और गांव‌ में मातम छा गया. तो वहीं दूसरी तरफ सड़क में रखे फसल को मौत का जिम्मेदार मानते हुए लोगों में भारी आक्रोश है.
खुटगांव के ग्रामीणों एवं युवाओं में विकास कि मौत के बाद आक्रोश व्याप्त है. जिसके लिए आज ज्ञापन सौप कर कार चालक और सड़क पर धान रखने वाले किसान पर कार्यवाही की मांग की. युवाओं का कहना है कि जब तक कार चालक ओर धान का ढेर रखने वाले किसान पर कार्यवाही नहीं होंगी. आंदोलन तब तक जारी रहेगा.
देवभोग खुटगांव के जिस युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई वो परिवार का चहेता बेटा था. ग्रामीणों के मुताबिक ना युवक नशे की हालत में था और ना ही रांग साइड ड्राइव की कोई बात थी. अचानक मौत बनकर सड़क पर रखे फसल सामने आ गया और उससे बचने चालक युवक ने थोड़ा साइड किया किया तो पीछे आ रहे अज्ञात वाहन ने ठोकर मार दी. तीनों युवक हादसे का शिकार हो गए और नाजुक हालत में जिंदगी से जुझ रहा विकास दुनिया छोड़कर चला गया.
बीते 27 अक्टूबर को क्षेत्र के कुछ युवकों ने सड़क पर धान मिंजाई को लेकर एसडीएम को शिकायत की थी लेकिन प्रशासन ने इस बात पर कोई सुध नहीं ली. सड़कें पहले के मुकाबले चौड़ी हो गयी है. अब रहा सवाल किसान का फसल  को सड़क पर ढेरी करना या मिंजाई करना क्या सही है? उनकी नागरिक बोध क्या होनी चाहिये? ये किसान को भी तय करना होगा. ऐसे में सवाल खड़ा होता है युवक के मौत की आखिर जवाबदेही कौन लेगा?
शिकायत के बाद भी प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली तो क्षेत्र के युवकों में जमकर नाराजगी का माहौल है. खुटगांव के ग्रामीणों और युवकों का कहना है जिस गलतीयों की वजह से युवक जान चली गई. जिस किसान ने अपने कटे फसल को सड़क पर रखा था. जिस वाहन के ठोकर के शिकार हुए. उन पर कोई कारवाई नहीं हुई या स्थानीय प्रशासन ने ऐसे लापरवाही पर ध्यान नहीं दिया तो सड़क आंदोलन राह अख्तियार करने मजबूर होंगे.
हादसे के बाद गुस्साये क्षेत्र युवकों की मांग है कि क्षेत्र के हर गांव में मुनादी हो. ताकि सड़कों के बीज किसान कटी फसल ना रखें और मिंजाई भी ना हो. वहीं सड़कों के बीच मिंजाई को लेकर एसडीएम को की गई शिकायत पर स्थानीय प्रशासन ने अभी इस बारे में कोई ठोस कार्यवाही नहीं की है.
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