रेत माफियाओं ने की सारी हदें पार, खुदाई में निकले 10 मानव कंकाल, ग्रामीणों का टूटा सब्र का बांध, सहमे लोग, प्रतिबंधित क्षेत्र में उत्खनन का आरोप

Sand mafia crosses all limits, uncovers 10 human skeletons, villagers lose patience, fear looms over sand mining in a prohibited area

रेत माफियाओं ने की सारी हदें पार, खुदाई में निकले 10 मानव कंकाल, ग्रामीणों का टूटा सब्र का बांध, सहमे लोग, प्रतिबंधित क्षेत्र में उत्खनन का आरोप

धमतरी : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। यहां एक वैध/अवैध रेत खदान में खुदाई के दौरान करीब 10 मानव कंकाल बाहर निकल आए. कंकाल के अंगों और हड्डियों को देखते ही मौके पर काम कर रहे मजदूरों और ट्रैक्टर चालकों के होश उड़ गए. देखते ही देखते यह खबर पूरे इलाके में जंगल की आग की तरह फैल गई.जिसके बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए और खदान में भारी बवाल शुरू हो गया. यह पूरी घटना जिला मुख्यालय से महज कुछ किलोमीटर दूर स्थित ग्राम खरेंगा की है.
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम खरेंगा स्थित रेत खदान में कुछ ट्रैक्टर चालक अपनी गाड़ियों में रेत भरने के लिए गहराई में खुदाई कर रहे थे. इसी दौरान अचानक मिट्टी और रेत के मलबे के बीच से हड्डियों का ढांचा ऊपर आ गया. जैसे ही ट्रैक्टर चालकों को अहसास हुआ कि यह एक नर कंकाल है, वहां हड़कंप मच गया.
ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे खेल में नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है. इस घटना के बाद से गांव में गहरा आक्रोश है और लोग रेत के इस काले कारोबार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम विकास समिति की तरफ से इस क्षेत्र में पहले ही खनन पर रोक लगाई जा चुकी थी. इसके बावजूद रेत माफिया लगातार यहां सक्रिय रहे. ग्रामीणों का दावा है कि दूसरे गांवों की रॉयल्टी का इस्तेमाल कर खरेंगा के प्रतिबंधित क्षेत्र से रेत निकाली जा रही थी. ताकि कार्रवाई से बचा जा सके.
बड़ी बात: यह कोई पहली घटना नहीं है। खरेंगा और उसके आस-पास के नदी तटीय इलाकों में पूर्व में भी इस तरह के नर कंकाल और मानव अवशेष रेत खदानों से बाहर आ चुके हैं, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
ग्रामीणों ने इस मामले में जो खुलासा किया है, वह बेहद हैरान करने वाला है। ग्रामीणों के मुताबिक:नदी और खदान के एक निश्चित हिस्से का उपयोग गांव के लोग पारंपरिक रूप से शवों को दफनाने (श्मशान घाट) के लिए करते हैं. यह पूरा एरिया प्रशासन की तरफ से खनन के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित घोषित है. इसके बावजूद, रेत के अवैध कारोबार से जुड़े रसूखदार लोग ज्यादा मुनाफे के चक्कर में इन प्रतिबंधित और संवेदनशील इलाकों में भी रात-दिन मनमाने ढंग से पोकलेन और क्रेन से खुदाई करने से बाज नहीं आ रहे हैं.
इस घटना से भड़के खरेंगा के ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने सीधे जिला प्रशासन और खनिज विभाग के आला अधिकारियों से लिखित शिकायत की है
ग्रामीणों की साफ मांग है कि प्रतिबंधित श्मशान भूमि पर उत्खनन करने वाले दोषियों पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज हो. अवैध रूप से संचालित हो रही खुदाई के ठेकेदारों और वाहनों को तुरंत सीज किया जाए. स्थानीय आस्था और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए.
इस घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल है. अब देखना यह होगा कि धमतरी का खनिज अमला और जिला प्रशासन इस गंभीर लापरवाही और अवैध उत्खनन पर क्या एक्शन लेता है.
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