गरियाबंद में तीन सूत्रीय मांगों को लेकर सरपंच संघ का हल्ला बोल, सरपंचों ने किया कलेक्ट्रेट घेराव, हाईवे जाम कर उग्र प्रदर्शन, दी आंदोलन की चेतावनी

Sarpanch Sangh in Gariaband raised three-point demands, gheraoed the Collectorate, blocked the highway and staged a violent protest, and warned of agitation.

गरियाबंद में तीन सूत्रीय मांगों को लेकर सरपंच संघ का हल्ला बोल, सरपंचों ने किया कलेक्ट्रेट घेराव, हाईवे जाम कर उग्र प्रदर्शन, दी आंदोलन की चेतावनी

गरियाबंद : गरियाबंद जिले के पांचों विकासखंडों के सरपंचों ने अपनी प्रस्तावित हडताल के तहत धरना-प्रदर्शन किया. इससे पहले सरपंच संघ ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों के सम्बंध में शासन प्रशासन के सामने ज्ञापन सौंपा था और मांगपत्र पर विचार और क्रियान्वयन के लिए एक हफ्ते का समय भी दिया था. जिसके बाद हड़ताल की चेतावनी दी गई थी. शासन प्रशासन से किसी तरह की प्रतिक्रिया नही आने पर सरपंचों ने हड़ताल और धरना प्रदर्शन का रास्ता चुना.
सरपंच संघ के द्वारा 15वें वित्त की राशि और मूलभूत की राशि जल्द प्रदान करने, पंचायत क्षेत्र में 20 लाख तक के निर्माण कार्य, ग्राम पंचायत एजेन्सी को देने और ठेकेदारी प्रथा बंद करने साथ ही सरपंचो का मानदेय 10000 रु और पंचों का 2500 रु करने की मांग रखी है.
धरना प्रदर्शन से पहले सरपंच संघ द्वारा सिविल लाइन स्थित कमार भवन में सभा आयोजित की गई. जहां गरियाबंद विकास खंड के सरपंच संघ अध्यक्ष कोमल देव ध्रुव, छुरा विकासखंड के सरपंच संघ अध्यक्ष पन्नालाल ध्रुव और फिंगेश्वर ब्लॉक के संघ अध्यक्ष हरीश साहू ने जिले भर के सरपंचों की एक जुटता का आव्हान किया. छुरा ब्लॉक के अध्यक्ष पन्नालाल ध्रुव ने सभा के दौरान जिला व प्रदेश स्तर पर संघ के गठन और विस्तार को लेकर अपनी बात रखी. साथ ही उन्होंने पंचायतों में नल जल योजना के सोशल आडिट कराये जाने को लेकर भी एक प्रस्ताव रखा है.
जिले के पांचों विकासखंड के सैंकड़ो सरपंच तिरंगा चौक से जुलूस की शक्ल में रैली निकालते हुए जब सरपंच कलेक्टोरेट परिसर पहुंचकर कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़ गए, तो प्रशासन ने उन्हें मुख्य प्रवेश द्वार पर रोक दिया. इसी बात से नाराज होकर सरपंचों ने नेशनल हाईवे को कई घंटों तक जाम कर दिया. जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही.
सीएम व पीएम के नाम संबोधित ज्ञापन को सौंपने से पहले सरपंचों ने जोरदार नारेबाजी की. प्रशासन की समझाइश के बाद करीबन जिले भर के 200 से ज्यादा सरपंचों ने अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे को ज्ञापन सौंपा. अपर कलेक्टर ने इस मामले में शासन से पत्राचार की बात कही है. 
ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में फ़ंड की भारी कमी को लेकर सरपंचों ने कहा कि 9 माह के कार्यकाल में छोटी-छोटी समस्याएं भी हल नहीं कर पा रहे, स्थिति बेहद असहाय है. सरपंच संघ ने चेतावनी दी कि अगर जिला स्तरीय ज्ञापन के बाद भी मांगें नहीं मानी गईं तो आगामी दिनों में प्रदेश स्तरीय व्यापक आंदोलन किया जाएगा.
गरियाबंद जिला सरपंच संघ के 3 सुत्रीय निग्न बिन्दु
15 वें वित्त की राशि एवं मूलभूत की राशि प्रदाय जल्द से जल्द किया जाए.
20 लाख तक को ग्राम पंचायत एजेन्सी को दिया जाए और ठेकेद्वारी प्रथा बंद किया जाए.
सरपंच का मानदेय 10000रु एवं पंचों का 2500रु किया जाए.
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