फिंगेश्वर के सरकारी स्कूल में बारिश के बहाने शिक्षकों का ‘हाफ डे’?, उपस्थिति रजिस्टर में 13 शिक्षक, मौके पर मिली सिर्फ दो शिक्षिकाएं
Teachers taking a ‘half-day’ citing rain at a government school in Fingeshwar? 13 teachers listed in the attendance register, but only two female teachers found on-site.
गरियाबंद/फिंगेश्वर : गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेंदर में शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यालय संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. 17 अगस्त को मीडिया टीम जब दोपहर करीब 3 से 3:30 बजे विद्यालय पहुंची तो उपस्थिति रजिस्टर में 13 शिक्षक उपस्थित दर्ज बताए गए. लेकिन मौके पर सिर्फ दो शिक्षिकाएं ही मौजूद मिलीं. विद्यालय परिसर में बाकी शिक्षक नजर नहीं आए.
मिली जानकारी के मुताबिक सेंदर में माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्कूल का संचालन एक साथ होता है और विद्यालय में कुल 15 शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत बताए गए हैं. इनमें से 13 की उपस्थिति दर्ज थी. जबकि दो शिक्षकों के अवकाश पर होने की जानकारी सामने आई. ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब 13 शिक्षक उपस्थित थे. तो दोपहर 3:30 बजे विद्यालय में सिर्फ दो शिक्षिकाएं ही क्यों मिलीं?
बच्चों को छुट्टी, तो क्या शिक्षकों को भी छुट्टी?
बताया गया कि बारिश की वजह से विद्यार्थियों की उपस्थिति प्रभावित हुई थी. विद्यार्थियों को भोजन कराने के बाद करीब 1 से 1:30 बजे के बीच छुट्टी दिए जाने की बात सामने आई. लेकिन असल सवाल यहीं से शुरू होता है कि अगर विद्यार्थियों को मौसम की वजह से जल्दी घर भेजा गया था. तो क्या उसके बाद शिक्षकों को भी विद्यालय छोड़ने की अनुमति थी?
अगर शिक्षकों को विद्यालय से जाने की अनुमति दी गई थी. तो किस अधिकारी या प्रभारी प्राचार्य की अनुमति से? और अगर अनुमति नहीं थी, तो उपस्थिति दर्ज होने के बावजूद शिक्षक विद्यालय में मौजूद क्यों नहीं थे?
उपस्थिति रजिस्टर और मौके की तस्वीर में अंतर
मामले में सबसे बड़ा सवाल उपस्थिति रजिस्टर को लेकर है. रजिस्टर में 13 शिक्षक उपस्थित बताए गए. लेकिन मौके पर उनकी मौजूदगी नहीं मिली. कुछ शिक्षकों के सुबह विद्यालय आने की जानकारी सामने आई है. ऐसे में यह जांच का विषय है कि शिक्षक विद्यालय से किस समय रवाना हुए और क्या उन्होंने विद्यालय छोड़ने से पहले किसी सक्षम अधिकारी से अनुमति ली थी?
प्रभारी प्राचार्य के जवाब ने बढ़ाई उलझन
मामले में प्रभारी प्राचार्य मेघा ठाकरे से जानकारी लेने का प्रयास किया गया. लेकिन उनके जवाब से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी. बच्चों और शिक्षकों की कम संख्या और कार्यालय जाने जैसी बातें सामने आईं. ऐसे में सवाल और गंभीर हो गया कि आखिर 13 उपस्थित शिक्षकों में से अधिकांश शिक्षक उस समय विद्यालय में क्यों नहीं थे?
बायोमेट्रिक और ऑनलाइन उपस्थिति की भी हो जांच
अब मामले में बायोमेट्रिक अथवा ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं. अगर शिक्षक ऑनलाइन या बायोमेट्रिक माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कर विद्यालय में मौजूद नहीं रहते, तो सिर्फ डिजिटल उपस्थिति दर्ज होना ही पर्याप्त है या नहीं. यह भी जांच का विषय है.
जरूरत है कि विभाग उस दिन की उपस्थिति रजिस्टर, ऑनलाइन/बायोमेट्रिक उपस्थिति, अवकाश आवेदन और विद्यालय से शिक्षकों के रवाना होने की अनुमति का मिलान करे. इससे वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है.
एक तरफ भवन के लिए ग्रामीणों का संघर्ष, दूसरी तरफ शिक्षक व्यवस्था पर सवाल
गौर करने वाली बात यह है कि गरियाबंद जिले में एक तरफ ग्रामीण और पालक अपने बच्चों के लिए बेहतर विद्यालय भवन और शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ सेंदर के शासकीय विद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यालय संचालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.
अब निगाह जिला शिक्षा विभाग की जांच पर है. क्या विभाग मौके की स्थिति की जांच करेगा? क्या उपस्थिति रजिस्टर और डिजिटल उपस्थिति का मिलान होगा? क्या संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा?
बड़ा सवाल
उपस्थिति रजिस्टर में 13 शिक्षक उपस्थित थे. तो 17 अगस्त को दोपहर करीब 3:30 बजे विद्यालय में सिर्फ दो शिक्षिकाएं क्यों मिलीं? बाकी शिक्षक कहां गए? क्या उन्हें विद्यालय छोड़ने की अनुमति मिली थी? और अगर मिली थी तो किस अधिकारी ने अनुमति दी?
इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे. फिलहाल सेंदर स्कूल की यह तस्वीर शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर रही है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?



