दुष्कर्म के आरोप में सप्ताह भर पहले लाए गए आरोपी की संदिग्ध मौत. महकमे में मचा हड़कंप, सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल

Suspicious death of an accused brought in a week ago on charges of rape; the department is in a state of panic, and serious questions are being raised regarding security and surveillance measures.

दुष्कर्म के आरोप में सप्ताह भर पहले लाए गए आरोपी की संदिग्ध मौत. महकमे में मचा हड़कंप, सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल

बिलासपुर/सरकंडा : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के सरकंडा स्थित बाल सुधार गृह में एक बार फिर गंभीर घटना सामने आई है. रेप मामले में यहां लाए गए 18 शुभम अगरिया उम्र 18 साल की संदिग्ध हालत में मौत हो गई. बताया जा रहा है कि शुभम को 15 अगस्त को रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ क्षेत्र से बिलासपुर लाया गया था. कुछ ही दिनों बाद उसने सुधार गृह के बाथरूम की चौखट से गमछे के जरिए फांसी लगा ली. घटना ने बाल सुधार गृह की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
खास बात यह है कि इससे पहले भी यहां बंदियों से जुड़ी बड़ी घटना सामने आ चुकी है. ऐसे में लगातार हो रही घटनाओं के बाद सुधार गृह की व्यवस्थाओं पर सवाल उठना लाजिमी है. फिलहाल सरकंडा पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है. बिलासपुर के बाल सुधार गृह में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब यहां निरुद्ध 18 साल के शुभम अगरिया की मौत की जानकारी सामने आई. शुभम रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ क्षेत्र के किरमिडांड गांव का रहने वाला था और रेप के एक मामले में उसे बाल सुधार गृह लाया गया था.
15 अगस्त को लाया गया था यहां
मिली जानकारी के मुताबिक शुभम को 15 अगस्त को ही बिलासपुर लाया गया था. यानी सुधार गृह में आए उसे अभी कुछ ही दिन हुए थे. इसी दौरान उसने बाथरूम की चौखट में गमछे के जरिए फांसी लगा ली. घटना की जानकारी सामने आने के बाद सुधार गृह में मौजूद कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया. मामले की खबर सरकंडा थाना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. युवक ने यह कदम किन हालात में उठाया. इसके पीछे कोई वजह थी या फिर घटना से पहले उसकी किसी से बातचीत हुई थी. इन तमाम बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है. घटना की खबर मृतक के परिजनों को भी दे दी गई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की असल वजह साफ हो सकेंगी. 
निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी
इस घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल बाल सुधार गृह की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर उठ रहा है. आखिर ऐसी जगह, जहां किशोरों और युवाओं को निगरानी में रखा जाता है. वहां एक बंदी तक गमछा लेकर बाथरूम तक पहुंचा और फिर उसने ऐसा कदम उठा लिया, तो निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
यह सवाल अब सामने आ रहा है. इससे पहले भी बाल सुधार गृह में चार बंदियों द्वारा एक कर्मचारी की हत्या कर फरार होने की घटना सामने आ चुकी है. बाद में बिलासपुर पुलिस ने चारों को पकड़ लिया था. उस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन अब एक बार फिर सुधार गृह के भीतर युवक की मौत ने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं. 
जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी
सरकंडा सीएसपी तिलेश्वर प्रसाद ने बताया कि पुलिस को आज सुबह खबर मिली कि एक युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. यह युवक बालक शुभम अघरिया रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ थाना क्षेत्र के किरमिडांड गांव का रहने वाला था. जो बिलासपुर स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी में 15 अगस्त को लाया गया था. खबर के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच कर रही है. आगे की जांच माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जा रही है. उन्होंने बताया कि धर्मजयगढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज रेप के एक मामले में न्यायालय के आदेश पर यहां भेजा गया था. फिलहाल घटना के पीछे किसी विवाद की जानकारी सामने नहीं आई है.
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