खाद की ब्लैक कमाई पर कृषि विभाग का व्हाइट छापा,गरियाबंद के 6 केंद्रों को मिला नियमों के उल्लंघन का प्रसाद, इधर हटाए गए वरिष्ठ कृषि अधिकारी

The Agriculture Department conducts a white-light raid on fertilizer black money; six centers in Gariaband are found guilty of violating regulations, and a senior agriculture officer has been removed.

खाद की ब्लैक कमाई पर कृषि विभाग का व्हाइट छापा,गरियाबंद के 6 केंद्रों को मिला नियमों के उल्लंघन का प्रसाद, इधर हटाए गए वरिष्ठ कृषि अधिकारी

गरियाबंद : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में आगामी खेती के सीजन को देखते हुए खाद की कालाबाजारी, मुनाफाखोरी और अवैध परिवहन को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है. कलेक्टर भगवान सिंह उईके के कड़े निर्देश और उप संचालक कृषि चंदन रॉय के कुशल मार्गदर्शन में कृषि विभाग की विशेष टीम ने क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. विभाग की टीम ने कई विकासखंडों में संचालित 11 उर्वरक विक्रय केंद्रों पर अचानक दबिश दी. जिससे अवैध तरीके से खाद का स्टॉक करने वाले और ऊंची कीमतों पर बेचने वाले व्यापारियों में हड़कंप मच गया. इस औचक निरीक्षण के दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 6 बड़े प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है.
ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि मैनपुर, अमलीपदर, गोहरापदर, उरमाल, ध्रुवापारा और देवभोग क्षेत्र में भी खाद की बिक्री को लेकर लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही हैं. किसानों का कहना है कि कई जगहों पर निर्धारित नियमों की अनदेखी कर खाद का वितरण किया जा रहा है. जबकि कुछ स्थानों पर स्टॉक और बिक्री को लेकर पारदर्शिता नहीं दिख रही है.
खाद की ब्लैक कमाई पर कृषि विभाग का व्हाइट छापा 6 केंद्रों में मापदंड का खुलेआम उल्लंघन
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सहायक संचालक कृषि एवं उर्वरक निरीक्षक अनिल कुमार कौशिक द्वारा 29 मई 2026 को विकासखण्ड फिंगेश्वर और छुरा के अंतर्गत आने वाले 11 उर्वरक केंद्रों की सघन जांच की गई. इस जांच के दौरान मेसर्स पारख कृषि केंद्र (लोहरसी), गगन कृषि केंद्र (लोहरसी), प्रकाश खाद भंडार (बासीन), गुरुकृपा कृषि केंद्र (बासीन), अन्नपूर्णा एग्रो एजेंसी (राजिम) और लक्ष्मी कृषि सेवा केंद्र (लोहझर, विकासखण्ड छुरा) में भारी अनियमितताएं पाई गईं. इन सभी 6 केंद्रों द्वारा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के निर्धारित मापदंडों का खुला उल्लंघन किया जा रहा था. जिसके बाद विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए कुल 603 बोरी खाद जप्त कर ली है और 265 बोरी खाद के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है.
कृषि विभाग ने जारी किया नोटिस
इस बड़ी कार्रवाई के बाद विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी 6 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) जारी कर जवाब तलब किया है. इसके साथ ही कृषि विभाग ने जिले के तमाम किसान भाइयों से विशेष अपील की है कि वे किसी भी अधिकृत विक्रेता से निर्धारित शासकीय दर पर ही संतुलित मात्रा में उर्वरक का क्रय करें। खाद की खरीदी करते समय दुकानदार से सामग्री का पक्का बिल आवश्यक रूप से लें. ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका न रहे. विभाग ने साफ किया है कि अगर कोई भी विक्रेता अनाधिकृत रूप से खाद का व्यवसाय करता है या तय कीमत से ज्यादा वसूलता है तो इसकी खबर फौरन जिम्मेदार अधिकारियों को दी जाए.
अधिकारी बोले किसी भी शिकायत के लिए टोल फ्री नम्बर पर करे कॉल
उप संचालक कृषि ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि शासन द्वारा खाद वितरण व्यवस्था की लगातार चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है. इसलिए किसी भी तरह की अफवाहों या भ्रामक खबरों पर बिल्कुल ध्यान न दें. किसानों को समय पर और उनकी जरुरत के मुताबिक उर्वरक उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. खेती-किसानी से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत के समाधान के लिए किसान भाई अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, सहकारी समिति या सीधे जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नंबर 9977106777 और 7987538588 पर संपर्क कर सकते हैं. इस पूरी कार्रवाई से संबंधित विभागीय आदेश और आधिकारिक दस्तावेज देखने के लिए आप यहाँ क्लिक कर आधिकारिक पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं.
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वरिष्ठ कृषि अधिकारी मैनपुर हटाए गए, लाखों की खाद-दवाई सड़ने के मामले में जांच कमेटी गठित
गरियाबंद : गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखण्ड मैनपुर क्षेत्र में कृषि विभाग के अधिकारियों की भारी लापरवाही के चलते किसानों को सरकार के द्वारा वितरण करने के लिए लाए गए खाद, बीज, दवा को नहीं बांटा गया और लाखों रूपये का खाद, बीज, दवाई गोदाम में पड़े-पडे सड़ गया। कई दवाईयों का एक्सपायरी डेट भी निकल गया. जिसके बाद जिला प्रशासन ने इस मामले को संज्ञान मे लिया और गंभीर लापरवाही को देखते हुए कार्यालय उप संचालक कृषि गरियाबंद द्वारा 27 मई को ही आदेश जारी करते हुए मैनपुर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी घनेन्द्र कुमार ठाकुर को मैनपुर के प्रभार से मुक्त करते हुए कार्यालय उप संचालक कृषि जिला गरियाबंद मे कार्य करने के लिए आदेशित किया गया. उनके स्थान पर जागेश्वर नाथ नाग कृषि विकास अधिकारी को कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय का संपूर्ण प्रभार सौंपा गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील रहेगा वहीं खराब हो चुके खाद दवा के लिए जॉच कमेटी का गठन किया गया है. अनुविभागीय कृषि अधिकारी सीमा करचाम के नेतृत्व मे टीम गठित की गई है जो मामले की जाँच कर प्रतिवेदन सौंपेगी.
जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्यवाही किये जाने की बात कही गई है. इस मामले में निष्पक्षता से अधिक जांच किया जाता है तो कई और लोगों पर कार्यवाही होगी और गाज गिरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
कार्रवाई की जाएगी- कृषि विभाग
गरियाबंद कृषि विभाग के उप संचालक चंदन राय ने बताया की खबर प्रकाशन के बाद लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार वरिष्ठ कृषि अधिकारी को तत्काल हटा दिया गया है और उनके स्थान पर जागेश्वर नाथ नाग को वरिष्ठ कृषि अधिकारी मैनपुर का संपूर्ण प्रभार दिया गया है। साथ ही मामले की जॉच के लिए टीम बनाई गई जॉच उपरांत कार्यवाही किया जायेगा.
क्षेत्र के किसानों ने जिम्मेदारों से शासकीय राशि वसूली किए जाने मांग किया
ज्ञात हो कि सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को खाद बीज दवा वितरण करने के लिए भारी मात्रा में आदिवासी क्षेत्रों में भेजा जाता है. लेकिन मैनपुर ब्लॉक में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा भारी मनमानी करते हुए इसे किसानों को वितरण न कर गोदामों में डंप कर दिया गया है और वह दवा, खाद, बीज खराब हो गई. जिसकी जानकारी लगते ही क्षेत्र के ग्रामीणों व किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. साथ ही इस मामले में स्थानीय किसानों ने शासकीय सामाग्रियों का नुकसान के लिए जिम्मेदारों पर कार्यवाही करते हुए राशि वसूली किए जाने की मांग की है.
साथ ही ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया था कि वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी मैनपुर से हमेशा नदारत रहते है और मैनपुर मुख्यालय में निवास नहीं करते जिसके कारण किसानों को योजनाओ का लाभ नहीं मिल रहा है. हालंकि जिला प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लिया और तत्काल कार्यवाही की गई है.आगे इस मामले और क्या कार्यवाही होगी. यह समय आने पर पता चलेगा.
ब्लॉक के कई ग्रामों में अपने चाहतों के घर डम कर रखा गया कृषि सामग्री
कृषि विभाग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मैनपुर में लंबे समय से किसानों को सरकार के द्वारा आने वाली खाद बीज कीटनाशक दवाइयां और सरकारी मोटर पंप कृषि यंत्रों को नहीं बांटने की शिकायत मिलती रही है और तो और अपने कुछ खास लोगों को ही वितरण किया जाता रहा है. अगर इस मामले की निष्पक्ष जांच किया जाए तो कई चौकाने वाले मामले सामने आएंगे तो वहीं अभी भी ब्लॉक के दर्जनों ग्रामों में अपने चेहतों के घर कृषि सामग्रियों को रखा गया है. हालांकि इस कार्यवाही के बाद हड़काम मची हुई है.
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