भूमि संरक्षण विभाग के भ्रष्टाचार का दंश झेल रहे कमार परिवार, तालाब खुदाई के बाद नही मिला पैसा, उधारी वाले कर रहे परेशान, कलेक्टर से लगाई इंसाफ की गुहार
The Kamar family is suffering the consequences of corruption in the Land Conservation Department. They have not received any money after digging the pond, are harassing their creditors, and have appealed to the Collector for justice.
गरियाबंद/मैनपुर : गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखण्ड मैनपुर क्षेत्र के ग्राम बेहराडीह मे भूमि संरक्षण विभाग के अफसरो द्वारा विशेष पिछड़ी आदिवासी कमार जनजाति परिवारो को चार साल पहले बड़े-बड़े वायदा कर उन्हे मछली पालन का सुनहरा सपना दिखाकर उनके उपजाऊ कीमती जमीन पर 4-4 लाख रूपये के तालाब का निर्माण करवाया गया और कमार आदिवासी परिवारो को एक महीने के भीतर पूरी रकम देने की बात कही गई थी. जिसके कारण राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले कमार जनजाति के लोग अपने घर मे रखे कीमती सामाग्रियो को भी बेच बाचकर किसी ने 5 लाख रूपये तो किसी ने 6 लाख रूपये तक के तालाब खोदाई मे भी अपने घर का पैसा डाल दिया. लेकिन गलत मापदण्ड के चलते तालाब निर्माण करने से एक तरफ न तो तालाब मे बारिश के दिनो मे भी पानी नही रूक पाता और गर्मी के दिनो का तो बात ही छोड़ दीजिए. पूरा तालाब सुखा पड़ा है. साथ ही कमार परिवारो को अब तक भूमि संरक्षण विभाग द्वारा एक -एक हितग्राहियो को करीब डेढ़ -डेढ़ लाख रूपये ही उनके खाते मे डाला गया और ढाई-ढाई लाख रूपये आज तक नही मिला. जबकि कमार जनजाति परिवारो ने तालाब खुदाई का पैसा की मांग को लेकर कई भूमि संरक्षण विभाग गरियाबंद कार्यालय का चक्कर लगा चुके हैं. लेकिन उन्हे सिर्फ आश्वासन ही मिला आज तक पैसा नही मिला और तो और पूरा तालाब खुदाई का काम जेसीबी मशीन के द्वारा अधिकारियो द्वारा खुद करवाय गया है. लगातार जेसीबी मशीन वाले पैसे की मांग को लेकर कमार परिवार से तगादा कर रहे हैं. जिससे कमार परिवार बेहद परेशान हो चुके हैं.
अब कमार परिवारो ने गरियाबंद जिले के कलेक्टर भगवान सिंह उइके से गुहार लगाई है कि इस तालाब खुदाई की जांच किया जाए और उनके तालाब खुदाई का पैसा उन्हे दिलाया जाए. साथ ही पैसा नही मिलने पर मैनपुर क्षेत्र मे लगने वाले सुशासन तिहार के जनसमस्या निवारण शिविर मे पूरे कमार परिवारो द्वारा धरना देने की चेतावनी दिया गया है.
तालाब का पैसा नही मिला. 4 हितग्राहियो की मौत भी हो चुकी है.
तहसील मुख्यालय मैनपुर से महज 8 किमी दूर ग्राम पंचायत बोईरगांव के आश्रित ग्राम बेहराडीह कमार बाहुल्य ग्राम है और यहा विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के लोग निवास करते है. यहां के कमार परिवार के संतुराम कमार, श्रीराम कमार एवं राजमन कमार, राजकुमार कमार, पुनउराम एवं रामसिंग सांडे 6 हितग्राहियो के उपजाऊ जमीन पर भूमि संरक्षण विभाग गरियाबंद द्वारा अगस्त 2023 मे अधोसंरचना विकास एवं पर्यावरण मद से तालाब निर्माण मछली पालन के लिए तालाब का निर्माण करवाया गया. हितग्राही संतुराम कमार एवं श्रीराम कमार ने बताया कि 6 लोगो का तालाब खुदाई जेसीबी मशीन से करवाया गया है और आज तक हम लोगो को पूरा पैसा नही मिला है जबकि चार हितग्राहियो की मौत हो चुकी है.
कमार परिवारो ने बताया 4 साल पहले जनपद पंचायत मैनपुर के सीईओ और स्थानीय अधिकारियो के साथ भूमि संरक्षण विभाग के अधिकारी नरसिंग ध्रुव हमारे गांव पहुंचकर बैठक लेकर हम लोगो को मछली पालन करने के लिए तालाब खुदाई करवाने और उसमे सोलर पंप लगाने की बात कहते हुए हर महिना मछली पालन से 20 से 25 हजार रूपये आमदनी होने की बात बताई थी और हमारे उपजाऊ जमीन पर मशीन से तालाब खोदाई करवा दिया गया. लेकिन तालाब मे बारिश के दिनो मे भी पानी नही रूकता. कभी मछली विभाग और भूमि संरक्षण विभाग तालाब निर्माण के बाद लौटकर नही देखे आज हम लोग बेहद परेशान हैं. लगातार जेसीबी मशीन वाला पैसा मांग रहा है. लेकिन तालाब निर्माण के बाद भी हमे पैसा नही मिला.
सुशासन तिहार में परिवार साथ धरना प्रदर्शन करेंगे
कमार परिवार संतुराम कमार एवं श्रीराम कमार सहित सभी हितग्राहियो के परिजनो ने बताया अब थक हारकर गरियाबंद कलेक्टर से फरियाद लगा रहे है कि तालाब निर्माण का पैसा उन्हे दिया जाये नही तो मजबुरन हम पूरे परिवार के साथ सुशासन तिहार शिविर में धरना प्रदर्शन करेंगे. जिसके लिए सारी जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी.
कमार परिवारो के साथ धोखा किया गया है जॉच किया जाये – सुकचंद ध्रुव
जनपद सदस्य सुकचंद ध्रुव ने बताया बेहराडीह मे तालाब निर्माण के साथ ही अन्य निर्माण कार्यो का पैसा अब तक नही मिला है. जिसके कारण कमार परिवार बेहद परेशान हैं. इस मामले की जॉच किया जाना चाहिए. जेसीबी मशीन मे तालाब खोदाई के बाद भी न तो वहा सौर ऊर्जा बोर खनन किया गया न ही मछली पालन किया गया जिम्मेदार अधिकारियो पर कार्यवाही होनी चाहिए.
क्या कहते जिले के अफसर
कृषि विभाग गरियाबंद के उपसंचालक चंदन राय ने बताया मुझे इस मामले मे कोई जानकारी नहीं है. मछली विभाग के अफसर गांव पहुंचकर जायजा लेंगे और इस मामले पर पूरा फाइल देखकर ही कुछ बता पाउंगा.
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