नवापारा में ‘लल्ला कनेक्शन’ पर गिरी गाज, पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी को किया सस्पेंड, अवैध शराब पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, महकमे में मचा हड़कंप
The "Lalla Connection" in Navapara has come under scrutiny, with the Superintendent of Police suspending the station in-charge. A major police crackdown on illicit liquor has created a stir in the department.
रायपुर/अभनपुर/गोब्रा नवापारा : नवापारा में लंबे समय से फल-फूल रहे अवैध शराब कारोबार के बीच शुक्रवार को पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई हुई है. अवैध शराब बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने में विफल रहने और कार्रवाई के दौरान संदिग्ध आचरण प्रदर्शित करने के आरोप में गोबरा नवापारा थाना प्रभारी निरीक्षक दीपेश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिंह द्वारा आदेश जारी किया गया है.
आदेश के मुताबिक गोबरा नवापारा क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री की लगातार शिकायतें मिल रही थीं. थाना प्रभारी को इस पर सख्त नियंत्रण के निर्देश भी दिए गए थे. लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में अवैध कारोबार जारी रहा. मामला तब और गंभीर हो गया जब 29 मई की देर रात एसीसीयू रायपुर की देहात टीम ने नवापारा के चर्चित अवैध शराब कारोबारी लल्ला सोनवानी के ठिकाने पर दबिश देकर अवैध शराब बिक्री का खुलासा किया.
आरोपी से एकांत में बातचीत ने बढ़ाया शक
खबर मिलने पर थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल भी मौके पर पहुंचे. लेकिन कार्रवाई के दौरान उन्हें आरोपी लल्ला सोनवानी के साथ एकांत में बातचीत करते हुए पाया गया. पुलिस विभाग ने इसे संदिग्ध और अनुशासनहीन आचरण माना. आदेश में उल्लेख है कि थाना प्रभारी ने अवैध शराब कारोबार पर नियंत्रण स्थापित करने में असफलता दिखाई और मौके पर उनका व्यवहार भी संदेहास्पद पाया गया. इसी आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर (ग्रामीण) से संबद्ध कर दिया गया.
कौन है लल्ला सोनवानी?
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक लल्ला सोनवानी गोबरा नवापारा के पार्षद सभापति केकती सोनवानी का बेटा है. लल्ला का नाम लंबे समय से अवैध शराब कारोबार से जुड़ता रहा है. उसके खिलाफ कई शिकायतें पुलिस अधिकारियों तक पहुंच चुकी थीं. क्षेत्र में वह एक सक्रिय बदमाश के रूप में भी चर्चित रहा है और उसके खिलाफ पूर्व में जिला बदर की कार्रवाई भी की जा चुकी है.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस की इस कार्रवाई से संदेश जरूर गया है. लेकिन अवैध कारोबार के कथित संरक्षकों और मुख्य संचालकों तक कार्रवाई पहुंचे बिना समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है. अब प्रशासन को अवैध शराब, गांजा और सट्टे के पूरे नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए.
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