विकास के दावों की खुली पोल, गर्भवती को कांवड़ पर ढोकर परिजनों ने पहुंचाया अस्पताल, कई किलोमीटर तक पैदल चले ग्रामीण
The claims of development are exposed relatives carried the pregnant woman on a kanwar to the hospital villagers walked for several kilometers
सरगुजा : शासन-प्रशासन विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं. लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इन दावों की पोल खुल जाती है. एक ऐसा ही चिंताजनक मामला सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम तिरकेला से सामने आया है. सड़क की खराब हालत की वजह से एक गर्भवती महिला को परिजनों ने कांवर में बैठाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. और क्षेत्र में विकास की कमी की तरफ इशारा कर रहा है. मामला 30 नवम्बर शनिवार दोपहर 2 बजे का है.
मिली जानकारी के मुताबिक सरगुजा विकास खंड के ग्राम तिरकेला कुरमेंन के बरढोडगा पारा निवासी गर्भवती महिला बिनी मझवार पति पारस मझवार जाति श्रोता मझवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने एंबुलेंस बुलाया. लेकिन खराब सड़क की वजह से एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी. परिजनों ने कांवर के सहारे महिला को मुख्य सड़क तक पहुंचाया. जहां से एंबुलेंस ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुन्नी पहुंचाया. हालांकि महिला का सुरक्षित प्रसव हो गया है और जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित है. शासन द्वारा सड़क जैसी मूलभूत जरुरत को आज तक पूरा नहीं किए जाने पर ग्रामीण परेशान हैं.
टीकाकरण अधिकारी मेडिकल कॉलेज डॉ. शैलेन्द्र गुप्ता ने बताया कि यह मामला मीडिया के जरिये संज्ञान में आया है. उन्होंने बताया लखनपुर के तिरकेला गांव का है. जिसमें मझवार फैमिली की महिला थी. जिसकी गर्भावस्था का समय पूरा हो गया था. एंबुलेंस मुख्य मार्ग तक पहुंच गई थी. लेकिन घर से मुख्य मार्ग तक लाने के लिए टोकरी सहारे कंधे में ढोकर लाया गया. वाकई में यह सोचने का विषय है.
डॉ. गुप्ता ने यह भी बताया कि ऐसे हालत से निपटने के लिए वैकल्पिक योजनाएं बनाई जा रही हैं. ग्राम समिति और स्थानीय प्रशासन की मदद से से इन दुर्गम क्षेत्रों में सड़क निर्माण और एंबुलेंस पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं.
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