आश्रम में आदिवासी बच्चों के निवालों पर डाका, निरीक्षण में पहुंचे बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव बालकों का दर्द सुनकर जमकर भड़के

Tribal children's homes were looted at the ashram. Bindranavagarh MLA Janak Dhruv, who arrived for inspection, was furious after hearing the children's plight.

आश्रम में आदिवासी बच्चों के निवालों पर डाका, निरीक्षण में पहुंचे बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव बालकों का दर्द सुनकर जमकर भड़के

गरियाबंद : सरकार द्वारा गरियाबंद जिले के आदिवासी मैनपुर विकासखण्ड क्षेत्र में ग्रामीण आदिवासी बच्चों को अच्छे वातावरण में बेहतर शिक्षा के लिए लाखों रुपये किया जा रहा है लेकिन आश्रमों के संचालन के लिए भेजी जा रही राशि और बच्चों के निवाले पर अधीक्षक और संबधित विभाग के अफसरों द्वारा डाका डाला जा रहा है। यह बातें आश्रम निरीक्षण करने के बाद बिन्द्रानवागढ विधानसभा क्षेत्र के MLA जनक ध्रुव ने कहीं. मैनपुर क्षेत्र के आश्रम छात्रावासों में कई तरह की समस्याओं को लेकर बच्चों के पालको द्वारा MLA जनक ध्रुव को अवगत कराने के बाद आज रविवार सुबह 9 बजे ही MLA जनक ध्रुव मैनपुर से 3 किलोमीटर दुर भाठीगढ़ स्थित आदिवासी बालक आश्रम का निरीक्षण करने पहुंचे. इस आश्रम में 100 से ज्यादा बच्चों का नाम रजिस्टर में दर्ज है.
MLA जनक ध्रुव ने अचानक आश्रम में पहुचकर बच्चों से मुलाकात किया तो आदिवासी बच्चों ने बताया कि 30-35 किलोमीटर दुर घर को छोड़कर यहां पढाई करने आए है. उन्हे मीनु के मुताबिक भोजन नहीं दिया जाता. इस पर विधायक खुद निरीक्षण करने मेस पहुंचे तो मीनु के मुताबिक आज सुबह पुरी, आलू, चना रस वाली सब्जी, खीर एंव सलाद बच्चों को देना था. लेकिन सुबह 10 बजे तक बच्चों को भोजन नहीं मिला था. और सिर्फ चावल और मटर आलू की सब्जी बना था. मटर आलू की सब्जी एकदम गुणवत्ताहीन पनिहर था. जिसे MLA ने खुद देखा और जमकर नाराजगी जताई.
MLA के आश्रम निरीक्षण के दौरान बताया गया कि इस एक सिर्फ आश्रम के लिए 14-15 चौकीदार और भृत्य कर्मचारी तैनात किया गया है. बावजूद इसके यहां के छोटे-छोटे आदिवासी बच्चे चादर, कम्बल अपने हाथों से धोते हैं. और तो और गद्दा और कमरों में सफाई की अभाव है. बच्चों ने विधायक को बताया कि एक पलंग में 2-2 बच्चें सोने को मजबूर हो रहे हैं. और उन्हे ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त चादर और कम्बल भी नहीं मिला है. जिसके कारण रात को बच्चों को ठंड लगती है. क्योंकि यह आश्रम जंगल और पहाड़ से लगा हुआ है.
बच्चों ने बताया कि आश्रम अधीक्षक आश्रम में नहीं रहते. जिस पर MLA ने कड़ी नराजगी जताते हुए कहा कि जब इतने बड़ी तादाद में कर्मचारी यहां तैनात है तो छोटे छोटे बच्चों से चादर, कम्बल नहीं धुलवाना चाहिए आश्रम भवन का भी हालत जर्जर हो रही है. सबसे बडी परेशानी आश्रम में शौचालय और मुत्रालय की साफ सफाई नहीं होने से संक्रामक बीमारी फैलने का अंदेशा है. साथ ही ज्यादातर शौचालय के दरवाजे टुट गए हैं. इसकी मरम्मत भी नहीं किया गया है.
MLA जनक ध्रुव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तत्काल आश्रम अधीक्षक पर कार्यवाही किय जाए
MLA जनक ध्रुव ने आश्रम का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्र के गरीब ग्रामीण अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए आश्रम में पढ़ाई करने भेजते हैं। लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि आज आश्रम का निरीक्षण करने से पता चला कि यहां अधीक्षक नहीं रहते उनके द्वारा लगातार लापरवाही बरती जा रही है और आदिवासी बच्चों को मीनु के मुताबिक भोजन नहीं मिल रहा है. दालनुमा पानी दिया जा रहा है ऐसे में बच्चों को कैसे पोषण मिलेगा संबधित विभाग के अफसर और कर्मचारी बच्चों के निवालों पर डाका डाल रहे हैं. आदिवासी बच्चों के निवालों पर डाका किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बच्चों को मीनू के मुताबिक भोजन दिया जाना चाहिए.
ध्रुव ने कहा कि अफसर कभी निरीक्षण करते ही नहीं मैनपुर के नजदीक आदिवासी आश्रम में जब यह स्थिति है तो दुरस्थ वनांचल का क्या हाल होगा. तत्काल इस पर कार्यवाही जिला प्रशासन को करना चाहिए. MLA जनक ध्रुव ने कहा कि इस मामले की शिकायत संबधित मंत्री से किया जाएगा.
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