महिला समूह से 8.85 लाख की धोखाधड़ी, एनजीओ के नाम पर लोन लेकर निजी खर्च में किए इस्तेमाल, दो साल से फरार आरोपी अध्यक्ष गणेशिया नागपुर से गिरफ्तार

Women's group defrauded of 8.85 lakh rupees; loan taken in the name of NGO and used for personal expenses; accused president Ganeshia, who was absconding for two years, arrested in Nagpur

महिला समूह से 8.85 लाख की धोखाधड़ी, एनजीओ के नाम पर लोन लेकर निजी खर्च में किए इस्तेमाल, दो साल से फरार आरोपी अध्यक्ष गणेशिया नागपुर से गिरफ्तार

राजनांदगांव : राजनांदगांव जिले में डोंगरगांव पुलिस ने महिला स्व-सहायता समूह से 8.85 लाख रुपए की धोखाधड़ी और गबन के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने इस मामले में दो साल से फरार चल रही आरोपी महिला अध्यक्ष गणेशिया बाई बघेल उम्र 60 साल को महाराष्ट्र के नागपुर जिले के कलमना क्षेत्र से गिरफ्तार किया. इस कार्रवाई का नेतृत्व प्रशिक्षु आईपीएस आदित्य कुमार ने किया। यह मामला ग्राम करेठी स्थित 'प्रज्ञा महिला स्व-सहायता समूह' से जुड़ा है. समूह की अध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने समूह की अन्य सदस्यों को जानकारी दिए बिना 9 जनवरी 2024 से समूह के नाम पर बैंक से कुल 8,85,000 रुपए का लोन लिया. इस राशि को समूह के खाते में जमा करने के बजाय, आरोपी ने इसे अपने निजी स्वार्थ के लिए इस्तेमाल किया.
शिकायतकर्ता पेमिन साहू की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की. शुरूआती जांच में सामने आया कि आरोपी ने गबन की गई रकम का इस्तेमाल शेयर बाजार में निवेश करने, घर में टीवी, फ्रिज, कूलर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीदने और अपने मकान की मरम्मत कराने में किया. इसके अलावा आरोपी ने कुछ धनराशि का इस्तेमाल व्यक्तिगत खर्चों में भी किया.
पुलिस ने बताया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव अंकिता शर्मा के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया था. मुखबिर की खबर के आधार पर टीम ने नागपुर के कलमना इलाके में दबिश दी और घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया. आरोपी पिछले दो साल से फरार थी और पुलिस को चकमा दे रही थी.
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी महिला ने अपना जुर्म कबूल किया और कहा कि उसने समूह की महिलाओं को धोखा देकर राशि का निजी लाभ उठाया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई महिलाओं की सुरक्षा और उनके वित्तीय हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है.
गरगांव पुलिस ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी धोखाधड़ी की घटनाओं में हमेशा संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाती है. आरोपी की गिरफ्तारी से अब पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. पुलिस ने भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी रोकने के लिए महिलाओं को जागरूक करने और सतर्क रहने की अपील की है. इस पूरे मामले ने महिला स्व-सहायता समूहों में वित्तीय पारदर्शिता और अधिकारियों की निगरानी की आवश्यकता को भी उजागर किया है. पुलिस ने यह भी कहा कि फरार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और आगे की जांच जारी है. जिसमें समूह की अन्य संदिग्ध गतिविधियों और धन के लेन-देन की भी जांच की जाएगी.
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