34 किसानों से 24 लाख की ठगी, मक्का खरीदी के बाद नहीं किया भुगतान, कारोबारी सहदेव गिरफ्तार, फसल सौदों में भुगतान प्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवाल

34 farmers defrauded of ₹24 lakh; no payment made after maize purchase; trader Sahdev arrested; serious questions raised regarding the payment system in crop deals.

34 किसानों से 24 लाख की ठगी, मक्का खरीदी के बाद नहीं किया भुगतान, कारोबारी सहदेव गिरफ्तार, फसल सौदों में भुगतान प्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवाल

बस्तर : छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से किसानों के साथ धोखाधड़ी और मक्का खरीदी के पैसे हड़पने का एक गंभीर मामला सामने आया है. जिले के भानपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चेराकूर, कुंगारपाल और खड़गा गांव के 34 अन्नदाता किसानों ने एक कारोबारी पर उनकी फसल की करीब 24 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम न चुकाने का गंभीर आरोप लगाया है. किसानों की इस लिखित शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी कारोबारी सहदेव मंडावी को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया. जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
34 किसानों से बड़े पैमाने पर खरीदा गया था मक्का
मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2025 के दौरान आरोपी सहदेव मंडावी ने इन ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों से भारी मात्रा में मक्का खरीदा था. इन किसानों की बेची गई कुल फसल की कीमत बाजार में लगभग 24 लाख रुपये बैठती है.
किसानों का मुख्य आरोप है कि मक्का की पूरी फसल सौंपने के बाद भी उन्हें उनकी मेहनत की एक पाई भी नहीं दी गई. शुरुआत में जब किसानों ने अपने पैसों की मांग की. तो वह कारोबारी टालमटोल करते हुए जल्द ही रकम चुकता करने का झूठा आश्वासन देता रहा. लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी जब भुगतान नहीं हुआ. तब किसानों को समझ आया कि उनके साथ ठगी हुई है. कई महीनों तक लगातार इंतजार करने के बाद आखिरकार पीड़ित किसानों ने एकजुट होकर इस मामले की शिकायत थाने में दर्ज कराई.
कोंडागांव में ‘आयुष एग्रोटेक’ फर्म संचालित करने का दावा
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने निकलकर आई है कि आरोपी सहदेव मंडावी पड़ोसी कोंडागांव जिले के पल्लारी क्षेत्र में ‘आयुष एग्रोटेक’ के नाम से एक फर्म का संचालन करता है. इसी फर्जी या धोखाधड़ी वाली फर्म के जरिए उसने किसानों से मक्का खरीदी का पूरा सौदा किया था.
पीड़ित किसानों का कहना है कि फसल की डिलीवरी सफलतापूर्वक हो जाने के बाद भुगतान को लेकर लगातार बहाने बनाए जाते रहे. जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती चली गई और उन्हें अपनी खून-पसीने की कमाई का एक रुपया भी नहीं मिल सका.
पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपी को भेजा जेल
किसानों का बकाया भुगतान न मिलने और लगातार हो रहे शोषण से परेशान होकर वे भानपुरी थाने पहुँचे और लिखित शिकायत दी. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रारंभिक जांच की और आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत गंभीर धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज कर लिया. मामले की पुष्टि होते ही पुलिस ने आरोपी कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया. अदालत में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
फसल सौदों में भुगतान प्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवाल
मक्का खरीदी और भुगतान से जुड़े इस पूरे मामले ने ग्रामीण इलाकों में किसानों और निजी व्यापारियों के बीच होने वाले फसल व्यापार में सुरक्षा और भुगतान व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पीड़ित किसानों का कहना है कि अपनी फसल बेचने के बाद अगर समय पर उसका सही भुगतान न मिले. तो किसानों के लिए खेती-किसानी के अगले सीजन का खर्च जुटाना और अपने परिवार की बुनियादी घरेलू जरूरतों को पूरा करना बेहद मुश्किल हो जाता है. फिलहाल पुलिस इस मामले से जुड़े खरीद-फरोख्त, भुगतान दस्तावेजों और अन्य कारोबारी लेन-देन के कागजातों की बारीकी से जांच कर रही है.
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