देर रात घर में घुसकर दो ग्रामीणों पर तेंदुए ने किया हमला, दोनों का इलाज जारी, सुबह मृत मिला तेंदुआ, फैली सनसनी, अस्पताल पहुंचीं विधायक अंबिका मरकाम

A leopard broke into a house late at night and attacked two villagers; both are undergoing treatment. The leopard was found dead in the morning, causing a stir in the area, and MLA Ambika Markam visited the hospital.

देर रात घर में घुसकर दो ग्रामीणों पर तेंदुए ने किया हमला, दोनों का इलाज जारी, सुबह मृत मिला तेंदुआ, फैली सनसनी, अस्पताल पहुंचीं विधायक अंबिका मरकाम

धमतरी/नगरी : धमतरी जिले के नगरी वन परिक्षेत्र अंतर्गत बिर्गुड़ी रेंज के कक्ष क्रमांक 464 स्थित ग्राम कर्राघाटी में शुक्रवार देर रात घर में घुसकर दो ग्रामीणों पर हमला करने वाला तेंदुआ शनिवार को मृत हालत में मिला.
धमतरी जिले के नगरी विकासखंड से लगे ग्राम कर्राघाटी में शनिवार तड़के करीब 2 बजे एक तेंदुआ घर में घुस गया और सो रहे धरम नेताम पिता बहादुर नेताम उम्र 33 साल पर हमला कर दिया. परिजनों और ग्रामीणों की मदद से घायल को फौरन सिविल अस्पताल नगरी पहुंचाया गया. जहां उसका इलाज जारी है. इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी तेंदुए ने गांव के ही गांधी नेताम पर हमला किया था. लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीण भयभीत हैं.
घटना की खबर मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई. वन विभाग के मुताबिक तेंदुआ अंजोर सिंह नेताम, पिता राजाराम के घर में मृत पाया गया. शुरुआती खबर के बाद आशंका जताई जा रही थी कि तेंदुआ घायल ग्रामीण के घर में ही छिपा हुआ है. खबर मिलते ही नगरी रेंज का पूरा वन अमला कर्राघाटी पहुंचा और सर्च अभियान चलाया. जिसके दौरान तेंदुआ मृत मिला.
घटना में घायल धरम नेताम पिता बहादुर सिंह और गांधी राम पिता फागुराम का शासकीय चिकित्सालय नगरी में इलाज जारी है. वन विभाग ने बताया कि दोनों ग्रामीणों की हालत फिलहाल स्थिर है.
एसडीओ वन संजय रौतिया ने बताया कि वन्यप्राणी हमले में घायल धरम नेताम को फौरन सहायता के रूप में 5,000 रुपये तथा गांधी राम को 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है.
वन विभाग ने तेंदुए की मौत की वजह की जांच शुरू कर दी है. नियमानुसार पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में वन विभाग की टीम सतर्क है.
कर्राघाटी में तेंदुए के हमले में घायल ग्रामीणों का हालचाल जानने सिहावा विधायक अंबिका मरकाम शनिवार को नगरी सिविल अस्पताल पहुंचीं. उन्होंने भर्ती धरम नेताम और गांधी राम से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और जल्द स्वस्थ होने की कामना की.
विधायक मरकाम ने उपचार कर रहे चिकित्सकों से चर्चा करते हुए घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर हरसंभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए.
इस दौरान विधायक अंबिका मरकाम ने कहा कि वन विभाग से चर्चा कर घायलों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी. साथ ही उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि उनकी तरफ से भी घायलों को सहयोग राशि प्रदान की जाएगी. ताकि इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके. विधायक के अस्पताल पहुंचने से घायलों और उनके परिजनों का हौसला बढ़ा. इस दौरान अस्पताल के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद रहे.
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केराबाहरा में पिंजरे में सुरक्षित पकड़ा गया तेंदुआ, वन विभाग ने ग्रामीणों से की सतर्क रहने की अपील
गरियाबंद : गरियाबंद वनमंडल अंतर्गत ग्राम केराबाहरा (ग्राम पंचायत जोबा) क्षेत्र में पिछले कुछ समय से तेंदुए की लगातार गतिविधियां देखी जा रही थीं. तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों और पालतू मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी. हालात को देखते हुए वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वनमंडलाधिकारी सरिसागंधन के निर्देश पर क्षेत्र में केज ट्रैप (पिंजरा) स्थापित किया और लेपर्ड रेस्क्यू टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया.
वन विभाग की सतत निगरानी और रणनीतिक प्रयासों के चलते तेंदुआ सुरक्षित रूप से पिंजरे में कैद कर लिया गया. इस कार्रवाई से क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है.
तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल ने किया स्वास्थ्य परीक्षण
पकड़े गए तेंदुए का तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया. प्रारंभिक जांच में उसकी शारीरिक स्थिति सामान्य पाई गई है. वन विभाग के मुताबिक विशेषज्ञों की अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई करते हुए तेंदुए को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा.
वन विभाग ने अफवाहों से बचने की अपील की
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि तेंदुए को लेकर किसी भी तरह की अफवाह पर यकीन न करें. अगर क्षेत्र में किसी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई दे या कोई खबर मिले. तो फौरन वन विभाग के अधिकारियों या वन अमले को खबर करें. विभाग ने कहा कि मानव जीवन और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है.