पालतू कुत्ते ने बुजुर्ग और बच्ची को काटने के बाद मालिक ने युवक पर चाकू से किया जानलेवा हमला, इलाज जारी, हालत नाजुक, FIR दर्ज

After the pet dog bit an elderly man and a young girl, the owner fatally attacked the young man with a knife; treatment is ongoing, his condition is critical, and an FIR has been registered.

पालतू कुत्ते ने बुजुर्ग और बच्ची को काटने के बाद मालिक ने युवक पर चाकू से किया जानलेवा हमला, इलाज जारी, हालत नाजुक, FIR दर्ज

बिलासपुर : शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा और पालतू कुत्तों के बढ़ते आतंक का ताजा मामला सीपत थाना क्षेत्र से सामने आया है. पालतु कुत्ता ने पड़ोस में रहने वाले बुजुर्ग और उसके परिवार की बच्ची को काटा दिया. जिससे वह जख्मी हो गए. घटना के बाद बुजुर्ग के नाती कुत्ता के मालिक को समझाईश देने गया तो मालिक अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर जमकर मारपीट की और हत्या करने की नीयत से नाती पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. जिससे युवक की हालत नाजुक है. अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जुर्म दर्ज किया है. यह मामला सीपत थाना क्षेत्र ग्राम पाण्डेयपुर का है.
मिली जानकारी के मुताबिक 10 दिसंबर को कमलेश सूर्यवंशी का पालतू कुत्ता मजदूर शिव कुमार सूर्यवंशी के पिता और परिवार की एक बच्ची को काट लिया. इस हमले से पीड़ितों में घाव आए और उनके स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा गया. घटना के बाद 14 दिसंबर की रात, पीड़ित बुजुर्ग के नाती संत कुमार अपने परिवार की सुरक्षा और कुत्ते के मालिक को समझाने के लिए उनके घर पहुंचे.
उन्होंने कहा कि कुत्ते को बांधकर रखें. ताकि और किसी को नुकसान न पहुंचे. इस पर कुत्ते के मालिक कमलेश सूर्यवंशी ने गाली-गलौज शुरु कर दी और हत्या की नीयत से संत कुमार पर हमला कर दिया. इसके बाद उसके परिवार के अन्य सदस्य अमन, कमल और राजकुमार सूर्यवंशी भी शामिल हो गए और युवक को बुरी तरह पीटा.
इस हिंसक झगड़े में कमल सूर्यवंशी ने चाकू निकालकर संत कुमार पर ताबड़तोड़ हमला किया. हमले से युवक की गर्दन, ठुड्डी, पीठ और कुल्हा में गंभीर चोटें आईं और वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा. घटना के दौरान मौजूद लोग अग्घन बाई और परमेश्वर ने बीच-बचाव किया. घायल युवक को फौरन घर ले जाया गया और परिवार ने उसे सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया.
डॉक्टरों ने कहा कि युवक की हालत नाजुक बनी हुई है. पीड़ित शिव कुमार सूर्यवंशी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट, जानलेवा हमला और संबंधित धाराओं में जुर्म दर्ज कर मामले की जांच कर रही है.
इस घटना से शहर में कुत्तों के बढ़ते आतंक और जनसुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं. रात के समय गली, चौराहा और बाजार क्षेत्रों में आवारा कुत्तों से राहगीरों को बचना मुश्किल हो रहा है. रोजाना करीब 10 लोग कुत्तों के काटने की घटनाओं के कारण सिम्स और जिला अस्पताल पहुंचते हैं. अक्टूबर और नवंबर में ही करीब 240 लोग इलाज के लिए अस्पताल आए. जिनमें रैबीज के टीके लगे. सौभाग्य से दोनों अस्पतालों में टीकों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है. जिससे समय पर इलाज संभव हो पा रहा है. कुत्तों की तादाद पर नियंत्रण के लिए नसबंदी अभियान अनिवार्य है.
छत्तीसगढ़ में 2015 में 1016 कुत्तों, 2016 में 2063 कुत्तों, 2017 में 690 कुत्तों और 2019 में 1416 कुत्तों का बधियाकरण किया गया था. 2018 में यह अभियान पूरी तरह बंद रहा और उसके बाद लगातार काम नहीं हुआ. रुक-रुक कर नसबंदी करने से कुत्तों की आबादी पर नियंत्रण करना मुश्किल है. लगातार अभियान चलाने से ही आवारा कुत्तों की तादाद घटेगी और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी.
शहर में कुछ ऐसे स्थान हैं जहां आवारा कुत्तों का आतंक ज्यादा है. सिटी कोतवाली के सामने, करबला रोड, पुराने बस स्टैंड चौक, इमली-पारा रोड, पुलिस लाइन रोड, बृहस्पति बाजार, कुदुदंड, सरकंडा, गोंड़पारा और कतियापारा जैसे क्षेत्र सबसे संवेदनशील माने जाते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को कुत्तों से सुरक्षा की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. नगर प्रशासन ने समय-समय पर चेतावनी और अभियान चलाने की बात कही है. लेकिन लगातार और व्यवस्थित प्रयास की जरुरत है. विशेषज्ञों के मुताबिक आवारा कुत्तों से सुरक्षा और नसबंदी पर ध्यान न देने पर आने वाले समय में और गंभीर घटनाएं हो सकती हैं. इस पूरे मामले ने यह साफ कर दिया है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कुत्तों के नियंत्रण के लिए न सिर्फ कानून और नियमों का पालन जरुरी है. बल्कि नागरिकों और प्रशासन को मिलकर कार्यवाही करनी होगी. इसके साथ ही आवारा और पालतू कुत्तों के प्रभावी बधियाकरण, टीकाकरण और निगरानी से ही जनसुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है.
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