मृत महिला को जिंदा करने का दावा कर 60 हजार रुपये की मांग करने वाले 2 फरार बैगा को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा सलाखों के पीछे

Police arrested two absconding Baiga men who claimed to bring a dead woman back to life and demanded Rs 60,000 and sent them to jail.

मृत महिला को जिंदा करने का दावा कर 60 हजार रुपये की मांग करने वाले 2 फरार बैगा को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा सलाखों के पीछे

जशपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिला जशपुर में टोनही प्रताड़ना और अंधविश्वास से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है. जिसमें पुलिस ने फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है. ये दोनों बैगा मृत महिला को जिंदा करने का दावा कर पीड़ितों से पैसे ऐंठने और प्रताड़ित करने के आरोप में फरार थे. इस गिरफ्तारी के साथ ही कुल 10 आरोपियों में से सभी आरोपी अब न्यायिक हिरासत में हैं. यह मामला दुलदुला थाना क्षेत्र के ग्राम भिंजपुर का है.
मिली जानकारी के मुताबिक पीड़िता फौसी बाई उम्र 53 साल ने 8 नवंबर 2025 को थाने में शिकायत दर्ज कराई कि गांव के कुछ लोगों ने उसे टोनही होने का आरोप लगाते हुए उसके घर में घुसकर मारपीट की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी. आरोपियों ने उसे घसीटते हुए मरघट की तरफ ले जाने का प्रयास किया. लेकिन पीड़िता के बेटे और बेटी के हस्तक्षेप से उसकी जान बच गई.
जांच में पता चला कि रायपुर में पदस्थ एक सहायक उप निरीक्षक की पत्नी सुनीता भगत का इलाज के दौरान मौत हो गई थी. मृतक के परिजन बैगाओं से संपर्क में आए. जिन्होंने तंत्र-मंत्र के जरिए महिला को जिंदा करने का दावा किया और 60 हजार रुपये की मांग की. प्रारंभिक तौर पर 11 हजार रुपये लिए जाने के बाद बैगाओं ने गांव की ही फौसी बाई को टोनही बताकर साजिश रची और उसके साथ मारपीट की.
इस मामले में पुलिस ने पहले ही एक पुलिस अधिकारी समेत आठ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. लेकिन दो आरोपी, कृपा चौहान उम्र 44 साल, निवासी रायगढ़ और संतु राम चौहान उम्र 50 साल, निवासी सारंगढ़-बिलाईगढ़, फरार थे. पुलिस की तकनीकी टीम और मुखबिर की खबर पर दोनों आरोपियों को उनके घरों से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों के खिलाफ दुलदुला थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 296 (अवमानना और हत्या की कोशिश), 351(2) (मारपीट), 115(2), 333, 190, 191(2) के तहत जुर्म दर्ज किया गया है. इसके अलावा टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत भी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
पीड़िता फौसी बाई ने मीडिया को बताया कि उन्हें और उनके परिवार को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा. अगर मेरे बच्चों का हस्तक्षेप नहीं होता तो मेरे जीवन को गंभीर खतरा हो सकता था.
तकनीकी टीम की मदद से और मुखबिरों से मिली खबर के आधार पर पुलिस ने फरार आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया और गिरफ्तार किया. इस गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल 10 आरोपी जेल में हैं, इसमें एक पुलिस अधिकारी भी शामिल है, जिसके खिलाफ भी अदालत ने कार्यवाही की है. बाकी सभी आरोपियों की जांच अभी जारी है और पुलिस इस बात की पुष्टि कर रही है कि अन्य लोग भी इस साजिश में शामिल थे या नहीं.
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