महुआ बीनने गए बुजुर्ग दंपती पर धुएं से भड़की मधुमक्खियों का हमला, पति की मौत, पत्नी और बेटे गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में भर्ती, इलाज जारी
An elderly couple collecting Mahua flowers was attacked by bees, the husband died, the wife and son were seriously injured and were hospitalized and undergoing treatment.
बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में गुरुवार सुबह एक दुखद घटना हो गई. जब महुआ बीनने जंगल गए बुजुर्ग दंपती पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया. इस हमले में चंपूलाल गोयल उम्र 65 साल की इलाज के दौरान मौत हो गई. जबकि उनकी पत्नी सुमित्रा गोयल उम्र 60 साल और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए.यह मामला डौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम गोटूलमुंडा (बेलौदा) का है.
मिली जानकारी के मुताबिक चंपूलाल गोयल अपनी पत्नी के साथ महुआ इकट्ठा करने जंगल गए थे. महुआ बीनने के दौरान आग जलाने और धुआं करने से आसपास की मधुमक्खियां भड़क गईं और अचानक झुंड ने दंपती पर हमला कर दिया.
इस हमले के दौरान चंपूलाल गोयल करीब आधे घंटे तक इधर-उधर भागते रहे और पास के झाड़ियों में जाकर छिप गए. लेकिन तब तक मधुमक्खियों ने उन्हें सैकड़ों बार डंक मार दिया था. उनके घायल होने की खबर मिलने पर उनके बेटा और पत्नी भी मदद के लिए पहुंचे. लेकिन वे भी मधुमक्खियों के हमले का शिकार हो गए. ग्रामीणों की मदद से तीनों को फौरन जिला अस्पताल बालोद पहुंचाया गया.
बताया जा रहा है कि एम्बुलेंस में चंपूलाल गोयल होश में थे और बात भी कर रहे थे. लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. डॉक्टरों के मुताबिक उनके शरीर पर कई डंक होने की वजह से उनकी हालत बेहद नाजुक थी.
सुमित्रा गोयल और उनका बेटा वर्तमान में जिला अस्पताल बालोद में भर्ती हैं. डॉक्टरों ने बताया कि मधुमक्खियों के डंक से उनका स्वास्थ्य गंभीर है और उनका इलाज जारी है. बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया और अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया गया है.
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है. यह घटना महुआ सीजन में जंगलों में जाने वाले ग्रामीणों के लिए गंभीर चेतावनी है। आग जलाने या धुआं करने से पहले सतर्कता बरतना जरुरी है. क्योंकि इससे मधुमक्खियां भड़क सकती हैं और जानलेवा हादसे हो सकते हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि मधुमक्खियों के घोंसले के पास आग या धुआं करने से उनका आक्रामक व्यवहार बढ़ जाता है. ग्रामीणों को सुझाव दिया गया है कि महुआ बीनते समय धुएँ और आग से दूरी बनाए रखें और यदि मधुमक्खियों का झुंड दिखाई दे तो फौरन सुरक्षित स्थान पर चले जाएं.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB



