क्रूरता की हदें पार, तेंदुए को कुल्हाड़ी से मार कर खा गए मांस, खाल बेचने की फिराक में आरोपी, ग्राहक बनकर पहुंची वन विभाग की टीम, 5 शिकारी गिरफ्तार
Cruelty crosses all limits: Leopard killed with an axe and eaten its meat; accused intend to sell its skin; Forest Department team arrives posing as customers; 5 hunters arrested.
दंतेवाड़ा : दंतेवाड़ा जिले के गीदम रेंज के गुमलनार इलाके में वन विभाग ने तेंदुए का शिकार करने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से तेंदुए की खाल बरामद हुई है. शिकारियों ने पहले नदी किनारे फंदा लगाकर तेंदुए को जिंदा पकड़ा. फिर उसके सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर उसे मार डाला. इसके बाद उसकी खाल निकाल ली और मांस खा गए.
मिली जानकारी के मुताबिक वन विभाग को खाल बेचने की खबर मिली. जिसके बाद DFO रंगनाधा रामाकृष्णा वाय के निर्देश पर बचेली रेंजर डॉ. प्रीतेश पांडेय के नेतृत्व में टीम बनाई गई. टीम के सदस्य ग्राहक बनकर आरोपियों से संपर्क में आए और सौदा करने के दौरान उन्हें पकड़ लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुंदरलाल, धरमू सिमरथ, दियालू, दिनेश कश्यप और गोबरु के रूप में हुई है. आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
बरामद खाल के आधार पर तेंदुए की उम्र करीब 6 से 7 साल बताई जा रही है. जांच में खुलासा हुआ कि शिकारियों ने तेंदुए को मारने के लिए बेहद क्रूर तरीका अपनाया. गर्मी के मौसम में वन्यजीव अक्सर पानी की तलाश में नदी किनारे आते हैं. शिकारियों ने इसी का फायदा उठाते हुए नदी के पास एक लोहे का फंदा (जाल) बिछाया था. करीब 6 से 7 साल की उम्र का एक तेंदुआ इस फंदे में फंस गया.
जब शिकारी मौके पर पहुंचे, तो तेंदुआ जीवित था और संघर्ष कर रहा था. आरोपियों ने उस पर दया दिखाने के बजाय कुल्हाड़ी से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार किए और उसे मार डाला. हत्या के बाद शिकारियों ने तेंदुए की खाल उतार ली और उसके मांस को आपस में बांटकर खा लिया. वे सिर्फ खाल को बाजार में ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में थे.
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