तांबा से सीमेंट बनी अटल जी की प्रतिमा, बैज- “इनके लिए न आस्था मायने रखती है, न आदर्श—सिर्फ सत्ता!”, नगर पालिका इंजीनियर चन्द्र प्रकाश जायसवाल सस्पेंड

Atal Ji's statue made of cement instead of copper—Municipal Engineer Chandra Prakash Jaiswal suspended; remark: "For them, neither faith nor ideals matter—only power!"

तांबा से सीमेंट बनी अटल जी की प्रतिमा, बैज- “इनके लिए न आस्था मायने रखती है, न आदर्श—सिर्फ सत्ता!”, नगर पालिका इंजीनियर चन्द्र प्रकाश जायसवाल सस्पेंड

रायपुर/कटघोरा : कटघोरा के अटल परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा को लेकर उठे विवाद ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है. जिसके बाद उप अभियंता चन्द्र प्रकाश जायसवाल को सस्पेंड कर दिया गया है. छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (CG PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने प्रतिमा निर्माण में कथित घोटाले के आरोपों को लेकर सरकार की नीयत और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं.
इस मामले की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि प्रतिमा का निर्माण स्वीकृत प्राक्कलन (एस्टीमेट) के प्रावधानों के विपरीत किया गया. साथ ही प्रतिमा के कई हिस्सों से परत उखड़ने, लगातार क्षतिग्रस्त होने तथा कांस्य प्रतिमा के निर्धारित तकनीकी मानकों पर खरी नहीं उतरने जैसी गंभीर कमियां पाई गईं. जांच में यह भी माना गया कि निर्माण प्रक्रिया के दौरान गुणवत्ता नियंत्रण और तकनीकी पर्यवेक्षण में लापरवाही बरती गई.
दीपक बैज ने अपनी पोस्ट की शुरुआत तीखे राजनीतिक तंज से की। उन्होंने लिखा— “किसी के सगे नहीं हैं ये सत्ता के सौदागर!”
इसके बाद उन्होंने भगवान राम के नाम पर वोट मांगने और राम मंदिर से जुड़े चंदा चोरी के मामलों का जिक्र करते हुए भाजपा पर निशाना साधा
‘गौ माता के नाम पर राजनीति’ का भी आरोप
दीपक बैज ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा गौ माता के नाम पर राजनीति की जाती है, जबकि बीफ कंपनियों से चंदा लेने के मामले आरोपों से घिरे हैं. उन्होंने इन राजनीतिक आरोपों को अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा से जोड़ते हुए लिखा कि जिन लोगों ने अटल जी को अपना आदर्श बताया. अब उन्हीं की प्रतिमा में घोटाले के आरोप सामने आ रहे हैं.
‘अटल जी को आदर्श बताया, अब प्रतिमा में घोटाले के आरोप’
दीपक बैज ने लिखा कि “अटल जी को अपना आदर्श बताया… और अब उनकी प्रतिमा में घोटाले के आरोपों ने उनकी नैतिकता पर ही सवाल खड़े कर दिए.”, उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा- “इनके लिए न आस्था मायने रखती है, न आदर्श—सिर्फ सत्ता!”
प्रतिमा की तस्वीर के साथ उठाए सवाल
दीपक बैज ने अपनी पोस्ट के साथ अटल परिसर और प्रतिमा की तस्वीर भी साझा की है. तस्वीर में प्रतिमा के एक हिस्से में क्षतिग्रस्त सतह दिखाई गई है. साथ ही पोस्ट में प्रतिमा की निर्माण सामग्री को लेकर सामने आए आरोपों का हवाला दिया गया है.
इस विवाद में पहले भी कांग्रेस के नेताओं द्वारा प्रतिमा निर्माण की गुणवत्ता और सामग्री को लेकर सवाल उठाए जा चुके हैं. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी प्रतिमा में कथित तौर पर तांबे के भीतर सीमेंट भरे जाने का आरोप लगाते हुए जांच की बात कही थी.
अब सियासी हमले तेज
एक ही मामले को लेकर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के लगातार बयान सामने आने से अटल प्रतिमा विवाद अब महज निर्माण गुणवत्ता का मुद्दा नहीं रह गया है. यह मामला सीधे तौर पर भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली और राजनीतिक नैतिकता पर कांग्रेस के हमले का आधार बनता जा रहा है.
हालांकि, दीपक बैज और अन्य कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. प्रतिमा में वास्तविक रूप से कौन-सी सामग्री इस्तेमाल हुई, निर्माण कार्य किन तकनीकी मानकों के तहत हुआ और भुगतान किस आधार पर किया गया—इन सवालों का जवाब दस्तावेजी एवं तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा.
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
अब पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि क्या प्रशासन प्रतिमा की निर्माण सामग्री की तकनीकी जांच कराएगा? क्या कार्यादेश और भुगतान दस्तावेज सार्वजनिक होंगे? और अगर निर्माण में निर्धारित मानकों से अलग सामग्री का इस्तेमाल हुआ है, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
फिलहाल अटल प्रतिमा विवाद पर कांग्रेस का हमला लगातार तेज होता जा रहा है और CG PCC अध्यक्ष दीपक बैज के ताजा बयान ने इस राजनीतिक घमासान को और धार दे दी है.
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