बलौदा बाजार अग्निकांड अपडेट: जेल में बंद आरोपियों ने खोला मोर्चा कर दी भूख हड़ताल!, कैद में हैं भीम आर्मी ने दर्जनों संगठन के मुखिया और विधायक
Baloda market fire incident update: Jailed accused opened front and went on hunger strike! Bhim Army has imprisoned dozens of organization heads and MLAs.
बलौदा बाजार : बलौदा बाजार छत्तीसगढ़ के चर्चित जिले बलौदा बाजार से बड़ी खबर निकलकर आ रही है. बताया जा रहा है कि बलौदा बाजार जेल में बंद कलेक्टर कार्यालय अग्निकांड के आरोपियों ने जेल के भीतर ही भूख हड़ताल शुरु कर दी है.
मिली जानकारी के मुताबिक जेल में मिलने पहुंचे उनके परिजनों से पता चला कि कल उनकी कोई भेंट मुलाकात नहीं हो पाई. उन्होंने बताया कि जेल में बंद सारे कैदी किसी से मिलना नहीं चाह रहे हैं और उन्होंने खाना पीना भी छोड़ दिया है. उनका आरोप है कि उनके साथ ज्यादती हो रही है.
बताते चलें कि बलोदा बाजार के जिला कार्यालय में जैतखाम तोड़फोड़ की घटना के बाद एक आंदोलन के चलते आगजनी में प्रशासनिक भवन के साथ सैकड़ो की तादाद में मोटर कार जलाए गए थे. इसके बाद सोशल मीडिया और संगठनों की अपील पत्रों का जांच करते हुए पुलिस ने आरोपियों को खोज-खोज कर पकड़ा और अब तक करीब 180 आरोपी जेल दाखिल किए जा चुके हैं. जिनमें कांग्रेस के विधायक देवेंद्र यादव के साथ गैर राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप मिरी भी शामिल हैं.
वहीं इस मामले में भीम आर्मी भीम रेजीमेंट सहित दर्जनों संगठन के मुखिया भी जेल में बंद हैं. साथ ही ऐसे बहुत से लोग जिनके सोशल मीडिया साइट्स पर इस आंदोलन के लिए अपील की गई थी. उन्हें भी पुलिस ने जेल दाखिल कराया है.
परिजनों ने बताया कि वे जब जेल में मुलाकात करने पहुंचे तब भीतर से संदेश आया कि कोई भी अपने परिवार से नहीं मिलना चाहता और जेल के भीतर ही उन्होंने भूख हड़ताल शुरु कर दी है. ऐसे में यह जेल प्रशासन के लिए चुनौती भरी खबर है.
अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है. क्योंकि जेल में बंद आरोपियों का कहना है कि वे बेगुनाह हैं और उनके खिलाफ कोई सबूत न होने के बाद भी उन्हें जेल में डाला गया है. वहीं दूसरी तरफ दिसंबर महीना गुरु घासीदास बाबा के जयंती का महीना है और सतनामी समाज ने इस साल सारे कार्यक्रमों से दूरी बनाने की बात कही है. क्योंकि उनके समाज के लगभग युवा बलोदा बाजार अग्निकांड मामले में जेल में बंद हैं. ओर परिवार के अन्य लोग पुलिस वकील और जेल के चक्कर काट रहे हैं, ऐसे में सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर भी लोगों में भारी जन आक्रोश व्याप्त है. अब देखना होगा सरकार इस पर क्या कदम उठाती है.
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