दो पत्रकारों में सोशल मीडिया में छिड़ी जंग, एक ने कार्यवाही नही होने से दी खुदकुशी की चेतावनी, दूसरे ने शिकायत झूठी बताकर किया कार्यवाही की मांग
War broke out on social media between two journalists one threatened to commit suicide due to lack of action the other called the complaint false and demanded action
महासमुंद : पिथौरा थाना क्षेत्र में दो व्यक्तियों के बीच एक दुसरे पर कार्यवाही कराने को लेकर सोशल मीडिया में जंग छिड़ी हुई है. दोनों ही व्यक्ति पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े बताये जा रहे हैं. जिसमे एक ने कार्यवाही नही होने से दी खुदकुशी की चेतावनी तो दूसरे ने शिकायत को झूठी बताकर की कार्यवाही करने की मांग करते हुए आवेदन सौंपा है.
पिथौरा थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर निवासी भूषण लाल साहू ने 5 सितंबर 2024 को पुलिस अधीक्षक महासमुंद को एक आवेदक देकर एक मामले में एफआईआर दर्ज नही होने से खुदकुशी करने की चेतावनी दी है. तो वहीं दूसरी तरफ पिथौरा निवासी बलराज नायडू ने भी पिथौरा थाने में एक आवेदक देकर अपने और अपने भाई चन्द्रशेखर नायडू पर लगे आरोपों को झूठा बताते हुए भूषण लाल साहू पर झूठी शिकायत करने के लिए कार्यवाही की मांग की है.
खुदकुशी करने की चेतावनी देने के बाद यह मामला पत्रकारों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है. जिसमे सच्चाई अब जांच के बाद ही सामने आ सकती है. मामले से जुड़े दोनों व्यक्ति पत्रकारिता से संबंध रखते हैं, बलराज नायडू छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन के जिलाध्यक्ष तो वहीं भूषण लाल साहू के भी पूर्व में पत्रकारिता से जुड़े होने की बात सामने आ रही है. शिकायत पर जुर्म दर्ज नही होने से भूषण लाल साहू ने सोशल मीडिया में शासन प्रशासन पर संरक्षण देने का आरोप लगाया है. तो वहीं जाँच से पहले कुछ समाचार में शिकायत को झूठी बताकर खबरों का प्रकाशन भी किया जा रहा है.
भूषण लाल साहू ने शिकायत में बताया कि वह पिथौरा राष्ट्रीय राजमार्ग में बी. के. रेस्टोरेंट के नाम से एक होटल चलाता है. जहां बलराज नायडू और उसके भाई चंद्रशेखर नायडू ने 14 मई 2024 को शाम 4 बजे आए और कहने लगे कि तुम अपने होटल के प्रचार-प्रसार के नाम से पिथौरा के अन्य पत्रकारों को विज्ञापन दिए हो हमें भी विज्ञापन दो. और विज्ञापन के नाम से भूषण से पैसे की मांग करने लगे.
भूषण ने बताया कि उसके द्वारा विज्ञापन और पैसे देने से मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई. जिसे होटल में मौजूद उसके कर्मचारी कमलेश बारीक निवासी किशनपुर थाना द्वारा बी बचाव किया गया. इसके बाद चंद्रशेखर नायडू अपने भाई बलराज नायडू को कहने लगा कि कलेक्टर नितिन मलिक को फोन कर इसकी शिकायत और होटल सील करवा दो. भूषण ने और भी कई आरोप लगाये हैं.
वहीं बलराज नायडू ने अपने ऊपर लग रहे सभी आरोपों को झूठा बताते हुए कहा है कि सोशल मीडिया में उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है. बलराज नायडू ने भी पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर अपने ऊपर लगे आरोपों को झूठा बताते हुए आरोप लगाने वाले ढाबा मालिक भुषण साहू के खिलाफ पुलिस अधीक्षक महासमुंद से शिकायत आवेदन किया है.
उन्होंने अपने शिकायत आवेदन में बताया है मुझे पत्रकारिता के करते करीब 15 साल हो गए हैं. मैंने समाज हित के लिए हर अच्छे और बुरे समाचार को प्रमुखता से उठाया है. मैं और मेरी टीम हमेशा से ही पुलिस मित्र की तरह सहयोगात्मक काम करती है. समाज में मेरी स्वच्छ छवि को धूमिल करने और झूठे केस में फसाने के लिए असमाजिक तत्वों द्वारा लगातार कोशिश की जा रही है.
अवैध शराब व देह व्यापार में संलिप्तता का आरोप
बलराज नायडू के द्वारा बताया गया कि भूषण साहू द्वारा झूठी शिकायत्त करने की वजह से अवैध शराब और देहव्यापार में संलिप्तता है. जिसकी मौखिक शिकायत उनके द्वारा पूर्व में की गई थी. उन्होंने बताया कि दो-तीन दिन पहले खाद्य विभाग को शिकायत मिली थी खराब भोजन बेचा जा रहा है. बी. के रेस्टोरेंट में खाद्य विभाग द्वारा छापा मारकर सैंपल लिया गया. अगर सैंपल फेल होता है तो कार्रवाई होगी.
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