उपस्वास्थ्य केंद्र पर तीन माह से लगा है ताला, इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं ग्रामीण -जिलाध्यक्ष युमेन्द्र कश्यप
The sub-health center has been locked for three months villagers are forced to wander for treatment - District President Yumendra Kashyap
गरियाबंद/मैनपुर : आदिवासी विकासखंड मैनपुर अंतर्गत ग्राम तौरेंगा के उप स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्यकर्मी नहीं होने की वजह से पिछले तीन महीनों से ताला लगा हुआ है. जिससे यहां के ग्रामीणों को इलाज कराने के लिए भटकना पड़ रहा है.
बता दें कि यहां कार्यरत पूर्व स्वास्थ्यकर्मी की दूसरी जगह ट्रांसफर होने के बाद से नए कर्मचारी की नियुक्ति नहीं हो पाई. जिस वजह से ग्राम तौरेंगा के ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं. समय पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती.
बता दें कि अभी बरसात के वक़्त में मलेरिया, टाईफाइड सहित सर्दी, खांसी, उल्टी दस्त, बुखार के लक्षण बहुतायत दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में ग्रामीणों को इलाज के लिए मैनपुर और देवभोग, ओड़िशा की तरफ जाना पड़ रहा है. जिसकी वजह से इलाज में मोटी रकम गंवानी पड़ रही है.
ग्राम तौरेंगा निवासी व युवा संघर्ष मोर्चा गरियाबंद जिलाध्यक्ष युमेन्द्र कश्यप ने बताया कि उप-स्वास्थ्य केन्द्र में कर्मी नहीं होने से छोटी बिमारियों के इलाज के लिए भी बड़े अस्पतालों और प्राइवेट क्लीनिक जाना पड़ रहा है.
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यकर्मी नहीं होने से तीन महीनों से अस्पताल में ताला लगा हुआ है. ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है. यह दुर्भाग्य की बात है. अन्य उप-स्वास्थ्य केन्द्र से स्वास्थ्यकर्मी कभी कभार देख रेख करने आता है. लेकिन यहां स्वास्थ्यकर्मी की नियुक्ति नहीं हो पाई है. उप-स्वास्थ्य केन्द्र तौरेंगा में स्टाफ की नियुक्ति करने से यहां के करीब 1500 ग्रामीणों को नियमित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी. कश्यप ने शासन-प्रशासन से उप-स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्यकर्मी की नियुक्ति की मांग की है.
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