संध्या छठ पूजन में शामिल हुए मंत्रियों समेत CM साय, की पूजा-अर्चना घाटों पर उमड़ी आस्था की भीड़, व्रतियों ने ढलते सूर्य को दिया अर्घ्य
CM Sai along with ministers participated in the evening Chhath Puja; devotees gathered at the Ghats and offered prayers; devotees offered prayers to the setting sun.
रायपुर/भिलाई : छठ पूजा के तहत 36 घंटे के व्रतियों ने शाम को खारुन तट पर महादेव घाट समेत राजधानी के 80 तालाब घाटों में ढलते सूर्य को अर्घ्य दिया. सीएम साय, मंत्री श्याम बिहारी और रामविचार नेताम संध्या छठ पूजन में शामिल हुए.
छठ पूजा के पावन अवसर पर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के कोरिया में आयोजित संध्या छठ पूजन में शामिल होकर श्रद्धालुओं के साथ पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया.
यह पर्व साल में दो बार मनाया जाता है. पहली चैती छठ विक्रम संवत के चैत्र महीने में होती है. जबकि दूसरी कार्तिक छठ विक्रम संवत के कार्तिक मास में बड़े पैमाने पर मनाई जाती है. यह दीपावली के छह दिन बाद और हिंदू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक के चंद्र मास के छठे दिन पड़ता है.
कार्तिक शुक्ल षष्ठी के पावन अवसर पर छठ महापर्व का तीसरा दिन पूरे देशभर में श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंग गया. छत्तीसगढ़ के औद्योगिक नगरी भिलाई में भी यह लोक आस्था का प्रतीक बने छठ पर्व ने लोगों को एकजुट कर दिया.
भिलाई-3 के प्रसिद्ध बंधवा तालाब घाट पर संध्या अर्घ्य का अनुष्ठान देखने लायक रहा. जहां सैकड़ों व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को जल अर्घ्य अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, संतान प्राप्ति और स्वास्थ्य लाभ की कामना की.
पालक संघ की जिला अध्यक्ष संध्या उपाध्याय का इस पर्व में शामिल होना स्थानीय समुदाय के लिए प्रेरणादायक रहा. संध्या जी, जो महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के लिए सक्रिय संघर्षरत हैं. स्वयं व्रती बनीं और घाट पर पहुंचकर छठी मईया के चरणों में शीश नवाया.
बंधवा तालाब घाट पर प्रशासन की तरफ से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं. नगर निगम ने घाट की सफाई, लाइटिंग, सीसीटीवी निगरानी और गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित की. शहर के सभी प्रमुख तालाबों और घाट पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किया. जबकि पुलिस ने यातायात प्रबंधन के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया. स्थानीय विधायक ने भी दौरा कर व्रतियों को शुभकामनाएं दी.
संध्या उपाध्याय जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी से यह पर्व न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक जागरण का माध्यम भी बन गया। कुल मिलाकर, बंधवा तालाब पर आज का संध्या अर्घ्य अनुष्ठान छठ की महिमा को चरितार्थ करता रहा, जहां हजारों की भीड़ में आस्था की लहरें उफान पर थी.
छठ पर्व को लेकर प्रदेशभर में भक्ति गीतों की मधुर गूंज, दीपों की झिलमिल रोशनी और श्रद्धालुओं की भीड़ ने पूरे वातावरण को पवित्र बना दिया. यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि सामाजिक एकता, अनुशासन और पारिवारिक समृद्धि का संदेश भी देता है.
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