बलौदाबाजार आगजनी मामले में सियासत कर समाज को लड़ाने की साजिश -महंत, डबल इंजन की सरकार का बिलासपुर के साथ सौतेला व्यवहार -शैलेश
Conspiracy to fight the society by doing politics in Balodabazar arson case - Mahant double engine governments step-motherly treatment with Bilaspur - Shailesh
बलौदाबाजार आगजनी मामले में सियासत कर समाज को लड़ाने की साजिश -चरणदास महंत
बलौदाबाजार : शनिवार रात को छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में हुई हिंसा के मामले में विधायक देवेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया गया. उनकी गिरफ्तारी उनके भिलाई स्थित आवास से हुई.
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष के नेता चरणदास महंत ने छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि बलौदाबाजार में हुई घटना छत्तीसगढ़ सरकार और प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है और वह इसे स्थिति का राजनीतिकरण करने और समाज में विभाजन को भड़काने की साजिश मानते हैं.
बता दें कि, देर रात कांग्रेस विधायक देवेंद्र को पुलिस रायपुर सेंट्रल जेल लेकर आई. विधायक संविधान की प्रति हाथ में लिए हुए थे और लगातार उसे दिखाते रहे. इस दौरान बड़ी तादाद में उनके समर्थक मौजूद थे. पुलिस और समर्थकों के बीच काफी धक्का-मुक्की भी हुई. इस बीच भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर कहा कि इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा.
भिलाई में गिरफ्तारी के दौरान विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा सरकार डरी हुई है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने डर के कारण यह कार्रवाई की है. हम कानूनी तरीके से यह लड़ाई लड़ेंगे.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस गिरफ्तारी को दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई बताते हुए इस मामले में भाजपा नेता सनम जांगड़े को आरोपी बताया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य में कांग्रेस नेताओं को फंसाने की साजिश चल रही है.
कांग्रेसियों ने किया विरोध प्रदर्शन
भिलाई के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी की खबर के बाद छत्तीसगढ़ के कई इलाकों से कांग्रेसियों द्वारा विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई. बिलासपुर में कांग्रेस समर्थक विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सड़कों पर उतर आए. कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ मुखर होकर विरोध जताया. और शहर के नेहरु चौक पर प्रदर्शन किया गया.
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डबल इंजन की सरकार का बिलासपुर के साथ सौतेला व्यवहार, मोदी सरकार बिलासपुर का विकास नहीं चाहती- शैलेश
बिलासपुर : कांग्रेस नेता शैलेश पंडरी ने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार आई थी तभी बिलासपुर एयरपोर्ट को नयी उड़ान मिली थी और 3C केटेगरी का बिलासपुर एयरपोर्ट को लाइसेंस मिला था और कांग्रेस की सरकार की और बिलासपुर के जनप्रतिनिधियों की राजनीतिक इक्षा शक्ति थी तभी सिर्फ यह संभव हो पाया था और विधानसभा में एकजुट होकर सरकार से एयरपोर्ट के उन्नयन का पैसा माँगा गया था और सरकार ने सहर्ष पैसा दिया था और बिलासपुर वासियों को हवाई सेवा की सौगात दिया था और आज भी बिलासपुर एयरपोर्ट अगर उड़ाने भर रहा है तो ये सिर्फ कांग्रेस की सरकार की देन है. पूर्ववर्ती सरकार से विधानसभा में लगातार मांग करने के बाद नाईट लैंडिंग का पैसा लिया गया और आज नाईट लैंडिंग का काम पूरा होने को आ रहा है. ये भी कांग्रेस सरकार का दिया हुआ पैसा है और जब 4C केटेगरी के लिए सेना से ज़मीन के लिए पैसा देने की बात आई तो भी कांग्रेस की सरकार पीछे नहीं हटी और केंद्र की मोदी सरकार से लगातार संवाद और पत्राचार किया ताकि बिलासपुर विकास की तरफ ज्यादा उड़ान उड़ सके.
बिलासपुर की संघर्ष समिति द्वारा लगातार सालों से बिलासपुर को लेकर सभी साथियों द्वारा मांग की जा रही है ताकि बिलासपुर एयरपोर्ट का काम आगे बढ़ा और आज भी संघर्ष समिति लगातार अपनी मांग पर धरने पर बैठी है. लेकिन अब लगता है जबसे डबल इंजन की सरकार आई है तबसे बिलासपुर के साथ भेदभाव किया जा रहा है और सिर्फ बीजेपी के नेताओं द्वारा फोटो खिचा कर बस वाहवाही लूटने का काम किया और ज़मीन में कोई काम नहीं दिख रहा है और उल्टा सेना ने ज़मीन का पैसा भी लौटा दिया है. ये कहीं न कहीं बीजेपी के नेताओं की कमजोर इच्छा शक्ति की मिसाल है.
बीजेपी की सरकार ने बिलासपुर को खोदापुर का तमगा दिया था और पूरे शहर को खोद दिया था लगता है फिर वही दिन बीजेपी बिलासपुर का लाने वाली है और वैसे भी शहर को खोदना शुरु कर ही दिया है और बिलासपुर को कभी भी आगे नहीं बढ़ने दिया गया. आज भी बिलासपुर के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है और बिलासपुर के विकास में बाधा डाली जा रही है.
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कांग्रेस ने बस्तर के नगरनार स्थित एनएमडीसी के स्टील प्लांट के निजीकरण का मुद्दा फिर से उठाया है. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए एनएमडीसी स्टील प्लांट का वित्त वर्ष 2025 के अंत तक निजीकरण तय बताया है.
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ में किए अपने एक पोस्ट लिखा है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चुनाव के दौरान बस्तर की जनता से किए गए वादे की याद दिलाते हुए लिखा है कि ‘क्या हुआ तेरा वादा, वो कसम वो इरादा!’
जयराम ने अपने पोस्ट में लिखा है कि ऐसा लगता है कि बस्तर के NMDC स्टील प्लांट का वित्त वर्ष 2025 के अंत से पहले निजीकरण तय है. उन्होंने कहा कि आप क्रोनोलॉजी समझिए, 3 अक्टूबर 2023 को नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री ने स्टील प्लांट का उद्घाटन किया था. इस मौके पर उन्होंने वादा किया था कि नगरनार स्टील प्लांट बस्तर के लोगों की संपत्ति है और उनकी ही रहेगी.
19 अक्टूबर 2023 को स्वयंभू चाणक्य ने प्रधानमंत्री के वादे को दोहराते हुए कहा कि NMDC के बस्तर स्टील प्लांट का निजीकरण नहीं किया जाएगा. छत्तीसगढ़ में इस बात पर आम राय बन गई कि स्टील प्लांट को नहीं बेचा जाना चाहिए. भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने अप्रैल 2017 में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर प्लांट के निजीकरण पर आपत्ति जताई थी.
कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कई मौकों पर निजीकरण को लेकर आपत्ति जताते हुए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था. 21 फरवरी 2021 को नीति आयोग की बैठक में तो उन्होंने एक क़दम आगे बढ़ते हुए प्रधानमंत्री के सामने प्रस्ताव रखा था कि राज्य सरकार प्लांट के संचालन की ज़िम्मेदारी लेने को तैयार है.
राज्य के राजनीतिक नेतृत्व की बातों पर ध्यान न देने और अपने वादों से पीछे हटने के बाद, नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री और उनकी सरकार अब नगरनार स्टील प्लांट को बेचने की योजना को अंतिम रुप दे रही है. इसे कौन ख़रीद सकता है, वह एक अलग कहानी है.
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