नवरात्रि के दौरान शीतला माता मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं को कुचला, जहां साइकिल नहीं जा सकती थी-वहां ट्रक कैसे पहुंचा?, 14 की मौत, 28 श्रद्धालु घायल

Devotees heading to the Sheetala Mata temple during Navratri were run over; how did a truck reach a spot where even a bicycle cannot go? 14 dead, 28 devotees injured.

नवरात्रि के दौरान शीतला माता मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं को कुचला, जहां साइकिल नहीं जा सकती थी-वहां ट्रक कैसे पहुंचा?, 14 की मौत, 28 श्रद्धालु घायल

ग्वालियर : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के रास्ते पर एक दर्दनाक हादसा हुआ है.  नवरात्रि के दौरान मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं की भीड़ को धान से भरे एक अनियंत्रित ट्रक ने कुचल दिया. इस भीषण हादसे में 14 लोगों की जान चली गई है. 30 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, घायलों में हादसे के वक्त मौके पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. इनमें 7 की हालत नाजुक बताई जा रही है.
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, 'यह घटना रात करीब 1 बजे हुई, मैंने कुछ लोगों को मौके पर ही दम तोड़ते देखा. एक ट्रक में क्षमता से ज्यादा सामान लदा था. वह अचानक आया और कुछ दुकानों और लोगों को कुचल दिया. इस घटना में मेरे भाई को भी चोटें आई हैं. घटना स्थल पर अफरा-तफरी मची.' वहीं, एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने सवाल उठाया है कि जब प्रशासन बाइक तक नहीं आने देता, तो ट्रक कैसे आ गए.
वहीं, एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी बबलू प्रजापति ने बताया, 'मेरे पिताजी मोतीलाल प्रजापति बैठे थे. हमारे रिश्तेदार भी थे और यहां बहुत भीड़ थी. अचानक ट्रक आने पर हम लोगों ने कहा कि यहां से हट जाओ. इसके बाद कुछ लोग इधर-उधर हो गए, जबकि कुछ उसकी चपेट में आ गए. कुछ लोगों के हाथ-पैर कट गए और कुछ की मौत भी हो गई है. कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं.'
बबलू ने कहा कि जब प्रशासन मोटरसाइकिल तक दुकान के पास नहीं आने देता, तो ये ट्रक यहां तक कैसे आ गए. ऊपर भी पुलिस तैनात थी और नीचे भी. पुलिस ने ट्रक यहां तक आने क्यों दिया. मेले के दौरान कोई गाड़ी नहीं निकलती थी. मेला खत्म होने के बाद ही गाड़ियों को जाने दिया जाता था. उन्होंने कहा यह बहुत बड़ी लापरवाही है.
इस बीच, SSP धर्मवीर सिंह ने बताया कि छिनोर की तरफ से मंदिर आने वाली सड़क पर ढलान है. इस रास्ते पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है. रात करीब 1:30 बजे धान से भरे एक ट्रक को वहां रोका गया था. ट्रक ने पुलिस के बैरिकेड तोड़े और अचानक बेकाबू होकर ढलान से नीचे आ गया. वह मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से टकरा गया. श्रद्धालु ट्रक के नीचे दब गए, जिससे यह घटना हुई.
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पुलिस ने मेरे बेटे की जान ली, गौरव की मौत पर मां ने लगाए गंभीर आरोप
इसी हादसे में अपनी जान गंवाने वाले बड़ागांव खुरेरी निवासी गौरव परिहार की बिलखती मां ने अपने जवान बेटे की मौत का सीधा जिम्मेदार पुलिस और प्रशासन की लापरवाही को ठहराया है.
जब ट्रक पलटा, तब कहां थी पुलिस?
बेटे के गम में बेसुध मां किरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें वह चीख-चीख कर कह रही हैं कि "मेरे बेटे को पुलिस ने मार दिया।" उनका प्रशासन से सीधा सवाल है कि रात 12 बजे जब अनियंत्रित ट्रक उनके बेटे पर पलटा. तब पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था कहां थी? हादसे के बाद भी कोई त्वरित मदद नहीं मिली. उन्होंने बताया कि छोटा भाई खुद पैदल दौड़कर बड़े भाई गौरव की जान बचाने के लिए क्रेन वाले को बुलाने गया था.
अस्पताल ले जाते समय पुलिस पर डंडे मारने का आरोप
किरण के दर्द और गुस्से की एक बड़ी वजह पुलिस का असंवेदनशील रवैया भी रहा. मां ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि जब वे अपने बेटे गौरव को इलाज के लिए बिड़ला अस्पताल ले जा रही थीं. तब पुलिसकर्मियों ने उनकी मदद करने के बजाय उन्हें डंडे मारकर रोक दिया. इस बर्ताव ने एक बेबस मां के जख्मों को और हरा कर दिया है.
चार महीने पहले ही हुई थी शादी, नहीं छूटी थी मेहंदी
गौरव की असमय मौत ने इस परिवार की खुशियों को पूरी तरह तबाह कर दिया है. किरण ने रोते हुए बताया कि महज चार महीने पहले ही गौरव की शादी हुई थी. अभी तो उसके हाथों की मेहंदी का रंग तक ठीक से नहीं उतरा था और परिवार पर यह वज्रपात हो गया. "मेरा तो बेटा चला गया…" यह कहते हुए मां का दर्द छलक पड़ता है. जिसे देखकर वहां मौजूद हर इंसान का दिल पसीज गया.
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