अवैध कटाई और घटते जंगल के चलते वन्य प्राणियों की खतरे में जान, जंगली वराह का शिकार, वन मंडल स्तरीय उड़न दस्ता ने पकड़े आठ आरोपी

Due to illegal felling and decreasing forests, the lives of wild animals are in danger, hunting of wild boar, forest division level flying squad caught eight accused

अवैध कटाई और घटते जंगल के चलते वन्य प्राणियों की खतरे में जान, जंगली वराह का शिकार, वन मंडल स्तरीय उड़न दस्ता ने पकड़े आठ आरोपी

रायपुर : छ्ग प्रदेश के वन क्षेत्रों का विदोहन और वहां के रहने वाले वन्य प्राणियों का शिकार थमने का नाम नही ले रहा है. लगातार अवैध कटाई और घटते जंगल के चलते बहुत से वन्य प्राणी की जान सांसत में रहती है. और चारा दाना पानी की लालच में वे खेत खलिहान, ग्राम नगर की ओर कुच करने लगते हैं. जिसकी वजह से बहुत से वन्य प्राणी शिकारियों के शिकार से असमय काल का ग्रास बन जाते हैं.
इसकी ताजा मिसाल नवा रायपुर परिक्षेत्र के धुसेरा वन ग्राम के आश्रित ग्राम देवार भाटा  में देखने को मिली. जिसमे एक जंगली वराह को बिजली करंट या रासायनिक, खाद मिलाकर शिकार किया गया. जिसे काटकर बेचा गया. बाकी मांस को देवार भाटा ग्राम के एक मकान में पार्टी मनाने पकाया जा रहा था.
इसकी खबर मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी ने कार्यवाही  करने रायपुर वन मंडल  एस डी ओ, आनंद कुदरिया के नेतृत्व में परिक्षेत्राधिकारी चंद्र प्रकाश महोबिया के मार्गदर्शन पर वन मंडल स्तरीय उड़न दस्ता के सहायक प्रभारी  एस. सामंत राय,  उड़न दस्ता प्रभारी नवा रायपुर ने ग्राम धुसेरा के आश्रित ग्राम देवार भाटा में दबिश दी.
जहां पर जंगली वराह का शिकार कर उसको पकाते हुए पकड़े गए. उक्त स्थान में करीब छ लोग और दूसरे गन्ने के खेत में दो लोग कुल आठ लोगों से तकरीबन दस से पंद्रह किलो वराह का मांस पकाते हुए जब्त किया गया. बताया जा रहा है कि क्षेत्र में जंगली सुअर बहुत पाए जाते है. जो क्षेत्र के खेत खलिहान में चारा पानी की तलाश में आते हैं.
 जिन्हे मुख्य आरोपी गोवर्धन निर्मलकर, कीट नाशक यूरिया एवं तरंगित विद्युत तार और अन्य संसाधन से उनका शिकार कर बाहर और स्थानीय लोगों को इसका मांस बेचता था. यह सिलसिला करीब छ महीने से लगातार जारी है. यही नही मुख्य आरोपी गोवर्धन निर्मलकर् ग्राम देवार के बारे में बताया जा रहा है कि ग्राम में एक ठेला लगाकर नशीली वस्तुओं को बेचकर ग्राम के युवाओं को नशे का आदि बना रहा था. जिससे ग्राम में काफी रोष व्याप्त था. यही नही वन्य प्राणियों का शिकार कर स्थानीय एवं बाहरी व्यक्तियों कोबेचकर कमाई करता था.
जिसकी खबर मिलने पर वन विभाग की टीम ने छापा मार कार्यवाही करते हुए करीब आठ आरोपियों माँस बेचते और खुद पकाते हुए करीब दस किलो जंगली वराह का कच्चा और अध पका मांस काली पॉलीथीन में करीब दो किलो से उपर ताजा कटे हुए मांस वराह का सिर, उसके ताजा जबड़े और उसके दांत, वन कर्मियों ने बरामद किया.
साथ ही पकाने के लिए चूल्हे में करीब दस किलों का अध पका मांस बरामद किया गया. वही कुछ दूरी मे स्थित गन्ने की बाड़ी की खेत में  मुख्य आरोपी गोवर्धन निर्मलकर् एवं कामली नामक व्यक्ति की झोपड़ी में दो से तीन किलों वराह का मांस और काटने का तेज औजार बरामद किया गया.
दोनों स्थानों पर मांस काटने का सतुर चाकू करीब दस नग, लकड़ी का कुंदा, बड़ी लोहे की कढ़ाही, एक एल्युमुनियम का गंज, दो सिलेंडर, गैस चूल्हा, समेत अन्य वस्तुएँ मौके से बरामद की गई. कथित कार्यवाही करते हुए वन पाल संतोष सामंत राय ने  वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 9 39,50,51 का उल्लंघन है. धारा 52 के तहत जप्ती की गई और आरोपीगणों को गिरफ्तार के तहत कार्यवाही की गई.
कार्यवाही करने वाले वन कर्मियों में प्रमुख रूप से वन मंडल स्तरीय उड़न दस्ता के सहायक प्रभारी  एस. सामंत राय,  श्रीमती ईलिसबा खेश,सुनील ठाकुर फॉरेस्ट गार्ड, राजीव कुमार सिंह, फॉरेस्ट गार्ड और बृज किशोर बाजपेयी फॉरेस्ट गार्ड की भूमिका सारानीय रही.
आरोपी 
गोवर्धन निर्मलकर पिता उदय राम उम्र 45 साल
उमेश विश्वास पिता विधा सागर उम्र 55 साल
राजेश तारक पिता सरोउक राम धींवर् उम्र 40 साल
गजानंद साहू पिता धनुष साहू उम्र 32 साल
भुवनेश्वर् पाल पिता रतन पाल उम्र 48 साल
धनंजय तारक,पिता छबिलाल तारक उम्र 42 साल
आशोक कुमार यादव पिता रामचंद्र यादव उम्र 58 साल
हरक यादव पिता कोदु यादव उम्र 35 साल
सभी ग्राम धुसेरा, देवार भाटा थाना मुजगहन निवासी 
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