यूरिया-डीएपी की कमी से किसान नाराज, मंडी प्रांगण में जोरदार प्रदर्शन, किसानों ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी, विधायक के नाम सौंपा ज्ञापन
Farmers are angry over the shortage of urea and DAP. They protest in the market premises, raise slogans against the administration, and submit a memorandum to the MLA.
गरियाबंद/देवरी : गरियाबंद जिले के ग्राम देवरी में सोमवार को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिलने से नाराज देवरी और परतेवा के सैकड़ों किसान देवरी मंडी प्रांगण में एकत्र हुए और जोरदार प्रदर्शन किया. किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्टर, एसडीएम और क्षेत्रीय विधायक रोहित साहू के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल खाद उपलब्ध कराने की मांग की.
किसानों का कहना है कि मानसून की दस्तक के साथ ही खेती-किसानी की तैयारियां तेज हो गई हैं. धान सहित अन्य फसलों की बोआई का समय नजदीक है. लेकिन क्षेत्र में डीएपी और यूरिया खाद की भारी कमी बनी हुई है. किसानों को आवश्यकता के अनुरूप खाद नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण वे परेशान हैं और खेती के कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है.
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि खाद वितरण केंद्रों और सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं है. कई किसान सुबह से लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं. लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल पाती। इससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
किसानों ने कहा कि वर्तमान में जो खाद उपलब्ध कराई जा रही है. वह उनकी खेती की जरूरतों के मुकाबले बहुत कम है. उनका स्पष्ट कहना है कि प्रति एकड़ कम से कम दो बोरी यूरिया और दो बोरी डीएपी उपलब्ध कराई जाए. ताकि खेती का कार्य सुचारू रूप से हो सके. किसानों का मानना है कि अगर समय पर पर्याप्त खाद नहीं मिली तो फसलों की उत्पादकता प्रभावित होगी और इसका सीधा असर उनकी आय पर पड़ेगा.
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने प्रशासन पर खाद वितरण व्यवस्था का लकर सवाल उठाते हुए कहा कि हर साल खरीफ सीजन के दौरान खाद संकट की स्थिति बन जाती है. लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं किए जाते. किसानों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन समय रहते पर्याप्त भंडारण और वितरण की व्यवस्था करने में विफल रहे हैं. जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है.
मंडी प्रांगण में आयोजित प्रदर्शन के दौरान किसानों ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों को जोरदार तरीके से रखा. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. किसानों ने कहा कि खेती उनके जीवन और आजीविका का मुख्य आधार है. इसलिए खाद जैसी मूलभूत आवश्यकता की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी.
इसके बाद किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर, एसडीएम और शाखा प्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में क्षेत्र के किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी उपलब्ध कराने, खाद वितरण केंद्रों में स्टॉक बढ़ाने तथा वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की गई है. किसानों ने प्रशासन से मांग किया कि खरीफ सीजन को देखते हुए तत्काल अतिरिक्त खाद का आवंटन कराया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि खेती का समय निकल जाने के बाद खाद उपलब्ध कराने का कोई लाभ नहीं होगा. इसलिए प्रशासन को जल्द से जल्द समस्या का समाधान करना चाहिए. किसानों ने उम्मीद जताई है कि उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए शासन-प्रशासन शीघ्र आवश्यक कदम उठाएगा.
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