अपनी ही जमीन पर कब्जे से परेशान होकर मांगी इच्छा मृत्यु, कलेक्टोरेट के सामने धरने पर बैठे बुजुर्ग दंपत्ति, SDM के आश्वासन पर मुस्कुराते हुए लौटे घर

Frustrated by the encroachment on their own land, an elderly couple sat on a protest in front of the Collectorate and returned home smiling after being assured by the SDM.

अपनी ही जमीन पर कब्जे से परेशान होकर मांगी इच्छा मृत्यु, कलेक्टोरेट के सामने धरने पर बैठे बुजुर्ग दंपत्ति, SDM के आश्वासन पर मुस्कुराते हुए लौटे घर

गरियाबंद : सुबह सात बजे से जिला मुख्यालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठे बुजुर्ग दंपत्ति के चेहरे आखिरकार खिल उठे. अपनी जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किए गए कथित बेजा कब्जे के विरोध में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे इस दंपत्ति को आखिरकार प्रशासन की तरफ़ से इंसाफ का भरोसा मिला.
मिली जानकारी के मुताबिक सुबह का समय था. चारों ओर हल्का कोहरा फैला हुआ था. और इसी बीच जिला मुख्यालय के ठीक सामने सुबह के 7 बजे से यह बुजुर्ग दंपत्ति हाथ में तख्ती लिए मौन बैठा था. जिस पर लिखा था, “मेरी जमीन पर कोई और मकान बना रहा है. अगर न्याय नहीं मिला तो दे दो मुझे मृत्यु की अनुमति.”
खुद की जमीन पर हो रहे अवैध कब्ज़े और प्रशासनिक अनदेखी से परेशान होकर ग्राम पीपरहट्ठा निवासी बुजुर्ग खमतूराम नायक सोमवार को कलेक्टर कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए.
खमतूराम नायक ने बताया कि उनके स्वामित्व की भूमि खसरा क्रमांक 702, रकबा 0.10 हेक्टेयर ग्राम पीपरहट्ठा, तहसील छुरा में स्थित है. इस जमीन पर गांव के ही तीजराम यादव पिता सियाराम यादव द्वारा अवैध तरीके से कब्जा कर मकान निर्माण कार्य किया जा रहा है. इस बारे में तहसील कार्यालय छुरा से स्थगन आदेश क्रमांक 1297/त.ह./वाचक/1/2025 दिनांक 24 फरवरी 2025 जारी किया गया था. बावजूद इसके अनावेदक द्वारा निर्माण कार्य जारी रखा गया.
बुजुर्ग खमतूराम नायक का कहना है कि वे पिछले एक साल से तहसील कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. लेकिन अब तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई है. इंसाफ न मिलने से आहत होकर उन्होंने भूख हड़ताल शुरु करने का फैसला लिया.
उन्होंने प्रशासन से मांग किया कि उनकी स्वामित्व भूमि से बेजा कब्ज़ा हटाकर इन्साफ दिलाया जाए. इधर, कलेक्टोरेट परिसर में बैठे बुजुर्ग दंपत्ति को देखने लोगों की भीड़ जुटने लगी.
खबर मिने पर मौके पर पहुंची एसडीएम छुरा ऋषा ठाकुर ने दंपत्ति से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली और उन्हें समझाइस दी. उन्होंने आश्वासन दिया कि आज ही सीमांकन की प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी और आगे की कार्रवाई नियम अनुसार की जाएगी.
एसडीएम के आश्वासन के बाद बुजुर्ग दंपत्ति के चेहरे पर राहत और संतोष की झलक दिखी. मुस्कुराते हुए वे बस में सवार होकर अपने घर के लिए रवाना हो गए. प्रशासनिक हस्तक्षेप से खत्म हुआ.
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