लव सेक्स और धोखा, कुवारा बताकर विधवा को प्रेमजाल में फंसाया, राज खुलने पर युवक ने मां-बेटे की हत्या कर कुएं में फेंकी लाश, आरोपी छत्रपाल गिरफ्तार
Love, sex and betrayal: A widow was lured into a love affair by claiming to be a bachelor. When the secret was revealed, the young man murdered the mother and son and threw their bodies into a well. Accused Chhatrapal was arrested.
रायपुर : राजधानी से सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने न सिर्फ शहर, बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. सोशल मीडिया के जरिए बने रिश्ते पर भरोसा करना एक महिला और उसके मासूम बेटे के लिए जानलेवा साबित हुआ. इस मामले ने रिश्तों, विश्वास और ऑनलाइन परिचय की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
संघर्षों से भरी थी सुनीता की जिंदगी
34 वर्षीय सुनीता उम्र 34 साल पिछले कई साल से अपने बेटे काव्यांश उम्र 8 साल के साथ अकेले जिंदगी बिता रही थीं. करीब सात साल पहले उनके पति की हार्टअटैक से मौत हो गई. उस समय काव्यांश महज दो महीने का था. पति के असमय मौत के बाद परिवार ने कई बार सुनीता को दूसरी शादी करने की सलाह दी. लेकिन उन्होंने अपने बेटे को ही जिंदगी का सहारा मानते हुए यह प्रस्ताव ठुकरा दिया.
सुनीता ने एक स्कूल में शिक्षक के रूप में नौकरी शुरू की और मुश्किल हालात के बावजूद बेटे की परवरिश में कोई कमी नहीं आने दी. धीरे-धीरे उनकी जिंदगी सामान्य पटरी पर लौटने लगी.
सोशल मीडिया से शुरू हुआ रिश्ता
इसी दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram पर सुनीता की मुलाकात छत्रपाल सिंह सिंगौर नामक युवक से हुई. बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं. छत्रपाल ने खुद को अविवाहित बताते हुए सुनीता को शादी का भरोसा दिलाया. उसने यह भी कहा कि वह काव्यांश को अपना बेटा मानकर अपनाएगा. धीरे-धीरे यह संबंध गंभीर होता गया और दोनों की मुलाकातें भी होने लगीं.
सच सामने आते ही बढ़ा विवाद
करीब डेढ़ महीने पहले सुनीता को पता चला कि छत्रपाल पहले से ही किसी अन्य युवती से गुपचुप शादी कर चुका है. इस सच्चाई के सामने आने के बाद सुनीता ने उससे जवाब मांगा और शादी का दबाव बनाया. इसी विवाद ने घटना की भयावह परिणति की नींव रख दी.
साजिश के तहत गांव बुलाया और की हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि छत्रपाल सिंह ने सुनीता को अपने गांव बुलाया. जहां उसने योजनाबद्ध तरीके से सुनीता और उसके मासूम बेटे की हत्या कर दी. हत्या के बाद आरोपी छत्रपाल सिंह ने सबूत मिटाने की नीयत से दोनों शवों को साड़ी में लपेटा. बोरी में भरकर पत्थर बांधे और अलग-अलग कुओं में फेंक दिया.
बताया जा रहा है कि सुनीता अपने साथ घर के जरूरी दस्तावेज, सोने के जेवरात और नकदी भी लेकर गई थीं. जो अब इस अपराध का एक और महत्वपूर्ण पहलू बन गया है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस घटना ने परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है. काव्यांश अपने परिवार का अंतिम वारिस था. उसके पिता का निधन पहले ही हो चुका था. हाल ही में उसके दादा भी गुजर गए थे और अब घर में सिर्फ बुजुर्ग दादी ही बची हैं. एक ही वारदात में मां और बेटे की मौत ने पूरे परिवार को शोक और असहायता में धकेल दिया है.
पुलिस जांच और सामाजिक सवाल
पुलिस ने आरोपी छत्रपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। यह घटना न सिर्फ एक आपराधिक कृत्य है. बल्कि यह भी दर्शाती है कि सोशल मीडिया पर बने संबंधों में सतर्कता कितनी जरुरी है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में पहचान की सत्यता, पारिवारिक पृष्ठभूमि और सामाजिक पुष्टि के बिना किसी पर भरोसा करना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है.
रायपुर की यह घटना सिर्फ एक जुर्म की कहानी ही नहीं बल्कि आधुनिक समाज में बदलते रिश्तों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती निर्भरता की चेतावनी भी है. एक मां और उसके मासूम बेटे की दर्दनाक मौत ने यह साफ कर दिया है कि भरोसे की कीमत कभी-कभी बेहद भारी पड़ सकती है.
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