अंधविश्वास ने ली पति-पत्नी की जान, सांप काटने के बाद तुरंत अस्पताल जाना छोड़ करवाया झाड़-फूंक, 4 मासूमों के सिर से उठा मां-बाप का साया

Superstition took the life of a husband and wife, after snake bite they immediately stopped going to the hospital and got exorcism done, 4 innocent children lost their parents

अंधविश्वास ने ली पति-पत्नी की जान, सांप काटने के बाद तुरंत अस्पताल जाना छोड़ करवाया झाड़-फूंक, 4 मासूमों के सिर से उठा मां-बाप का साया

सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में सांप काटने के बाद झाड़फूंक के चक्कर में पति-पति की मौत गई. इस घटना के बाद ग्रामीणों का दिल पसीज गया. क्योंकि 4 मासूमों के सिर मां-बाप का साया उठ गया. स घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है. ये पूरा मामला भैयाथान इलाके के ग्राम बसकर डालाबहरा का है.
मिली जानकारी के मुताबिक बीती रात सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बसकर में तुलेश्वर गोंड उम्र 40 साल, पत्नी नीता उम्र 38 साल  और चार बच्चों के साथ रहता था. परिवार में लकवाग्रस्त पिता भी है. गुरुवार की रात दंपती भोजन कर चारों बच्चे के साथ जमीन पर सो रहे थे. रात करीब दो बजे इनकी नींद खुली तो बिस्तर के पास एक सांप नजर आया. दंपती ने उसे मार दिया और घर के कोने में ही रख दिया. फिर दोनों सो गए.
एक-डेढ़ घंटे बाद पत्नी को बेचैनी होने लगी. वह हड़बड़ा कर उठी. पति को भी जगाया. तत्काल अस्पताल जाने के बजाय उन्होंने परिचितों के जरिए झाड़ फूंक कराना शुरु कर दिया. धीरे-धीरे पत्नी की हालत और बिगड़ने लगी. अस्पताल ले जाने वाहन की व्यवस्था भी नहीं हो रही थी. सुबह तक पति का चेहरा भी सूज गया था. इससे साफ था कि दोनों को विषैले सर्प ने डस लिया है
सुबह करीब 11 बजे दंपती को एंबुलेंस से भैयाथान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. यहां जांच के बाद महिला को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. पति की नाजुक हालत को देखते हुए सूरजपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. वहां इलाज के बाद भी पति की जान नहीं बच सकी. पति ने भी दम तोड़ दिया. देर शाम दोनों का शव घर पहुंचा. घटना से गांव में शोक है.
दुखद पहलू यह है कि परिवार में बुजुर्ग और चार छोटे-छोटे बच्चे रह गए हैं. उनके समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया है. जो अंधविश्वास के चलते अब अनाथ हो गए हैं. माता-पिता की मौत से बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है. गांव में ही मृतक का एक भाई रहता है. अब उसी के ऊपर बच्चों के लालन-पालन की जिम्मेदारी आ गई है. मृत दंपती का अंतिम संस्कार कर दिया गया है. स घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है.
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उत्तर छत्तीसगढ़ में जमीन पर सोने के दौरान सर्पदंश की सर्वाधिक घटनाएं होती हैं. इसलिए लगातार समझाइश दी जा रही है कि जमीन पर न सोएं. खाट पर मच्छरदानी लगाकर सोने से सर्पदंश की संभावना कम हो जाती है। सर्पदंश की घटना के बाद तत्काल मरीज को अस्पताल ले जाना चाहिए. झाड़फूंक के कारण मरीज की तबीयत और खराब हो जाती है। विलंब से अस्पताल पहुंचने पर जान जाने का खतरा रहता है.