मोदी की गारंटी को लागू करने की मांग कर शिक्षकों का हल्लाबोल, धरना प्रदर्शन कर निकाली रैली, कई स्कूलों में छुट्टी, प्रभावित हुई बच्चों की पढ़ाई

Teachers uproar protest and rally demanding implementation of Modi guarantee holiday in many schools children education affected

मोदी की गारंटी को लागू करने की मांग कर शिक्षकों का हल्लाबोल, धरना प्रदर्शन कर निकाली रैली, कई स्कूलों में छुट्टी, प्रभावित हुई बच्चों की पढ़ाई

रायपुर : छत्तीसगढ़ के करीब 1 लाख 80 हजार शिक्षक सामूहिक अवकाश लेकर एक दिवसीय हड़ताल पर चले गए. वेतन विसंगति, क्रमोन्नति, समयमान, पदोन्नति, पेंशन समेत अपनी मांगों को लेकर शिक्षक जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया. वहीं शिक्षकों के एक साथ हड़ताल पर चले जाने से स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गई. कई स्कूलों में सुबह से ही छुट्टी दे दी गई.
शिक्षकों का कहना है कि वेतन विसंगति को दूर करने की बात मोदी गारंटी में वर्तमान सरकार ने खुद अपने संकल्प पत्र में लिखा है. ऐसे में अपनी इन्ही मांगो को लेकर प्रदेश के शिक्षकों ने प्रदर्शन किया. प्रदेश के शिक्षकों में संविलियन के बाद उनकी सालों की पुरानी सेवा को शून्य किये जाने से बड़ी नाराज़गी है. इसकी वजह से कर्मचारियों को मिलने वाले त्रिस्तरीय क्रमोन्नति/ समयमान वेतनमान से वंचित होना पड़ रहा है.
ये है शिक्षकों की प्रमुख 5 सूत्रीय मांगें
मोदी की गारंटी के तहत सहायक शिक्षकों के वेतन विसंगति को दूर कर सभी एलबी संवर्ग को क्रमोन्नत वेतनमान प्रदान किया जाए.
पुनरीक्षित वेतनमान में सही वेतन का निर्धारण कर 1।86 के गुणांक पर वेतन का निर्धारण किया जाए.
पूर्व सेवा अवधि की गणना करते हुए सभी शिक्षक को पुरानी पेंशन को निर्धारित करते हुए भारत सरकार द्वारा 2 सितंबर 2008 के जारी आदेश के समान 33 वर्ष में पूर्ण पेंशन के स्थान पर 20 वर्ष में पूर्ण पेंशन का प्रावधान किया जाए.
उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा डबल बैच द्वारा पारित निर्णय के तहत सभी पात्र शिक्षकों के लिए क्रमोन्नति समयमान का विभागीय आदेश जारी किया जाए.
शिक्षक और कर्मचारियों को केंद्र के समान 1 जुलाई 2024 से 3% महंगाई भत्ता दिया जाए। जुलाई 2019 से देयतिथि पर महंगाई भत्ते के एरियर राशि का समायोजन जीपीएफ और सीजीपीएफ खाता में किया जाए.
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रायगढ़ : छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय आव्हान पर रायगढ़ जिले के हजारों शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश लेकर धरना प्रदर्शन कर रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौपा.
जिला संचालक भोजराम पटेल, नेतराम साहू चूड़ामणि प्रकाश डनसेना ने बताया कि रायगढ़ जिले के एल.बी.संवर्ग के शिक्षक अपनी पांच सूत्रीय मांग जिसमें मोदी की गारंटी के तहत सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर कर सभी एल.बी. संवर्ग को क्रमोन्नति वेतनमान प्रदान करने समतुल्य वेतनमान (पुनरीक्षित वेतनमान) में सही वेतन का निर्धारण कर 1.86 के गुणांक पर वेतन निर्धारण कर प्रदान करने, पूर्व सेवा अवधि की गणना करते हुए सभी शिक्षक एल.बी. संवर्ग के पुरानी पेंशन को निर्धारित करने और भारत सरकार द्वारा 2 सितंबर 2008 को जारी आदेश के तहत समान 33 साल में पूर्ण पेंशन के स्थान पर 20 साल में पूर्ण पेंशन का प्रावधान किया जाने, उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा याचिका क्रमांक डब्ल्यू ए/ 261 /2024 मे डबल बैच द्वारा पारित निर्णय दिनांक 28 /02/2024 के तहत सभी पात्र एल.बी. संवर्ग के शिक्षकों के लिए क्रमोन्नति समयमान का विभागीय आदेश जारी किया करने और शिक्षक व कर्मचारियों को केंद्र के बराबर 1 जुलाई 2024 से 3% महंगाई भत्ता देने तथा जुलाई 2019 से देय तिथि पर मंगाई भत्ते के एरिया राशि का समायोजन जीपीएफ/सीजीपीएफ खाता में जमा किये जाने की पांच सूत्रीय मांग शामिल हैं.
धरना प्रदर्शन में गुरुदेव राठौर, वीरेंद्र चौहान सच्चिदानंद पटेल, सुनील पटेल श्रीमती भुवनेश्वरी मंथन, श्रीमती संजू डनसेन, श्रीमती सपना दुबे, श्रीमती रणजीत कौर घई, गायत्री ठाकुर, श्रीमती अंजू ठाकुर, श्रीमती रजनी महिलांगे, श्रीमती प्रेमा सिदार, श्रीमती मंजू अवस्थी, बिनेश भगत, खगेश्वर पटेल सुनील पटेल, बी एस पोर्ते, गुरुचरण भगत, ताम्रध्वज चंन्द्रा, इंद्रजीत शर्मा, भूपेश पण्डा, संतोष पटेल, भोजराम पटेल, चूड़ामणि प्रकाश डनसेना, नेतराम साहू ने संबोधित किया.
इस कार्यक्रम का संचालन नोहर सिंह सिदार द्वारा किया गया। धरना प्रदर्शन के पश्चात रैली निकाल कर प्रदेश के मुख्यमंत्री वित्त मंत्री एवं उच्च अधिकारियों के नाम ज्ञापन सोपा गया. कलेक्ट्रेट में सभी एलबी संवर्ग के सभी शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारा लगाते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपने कार्यक्रम को विराम दिया.
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कांकेर : मोदी की गारंटी को प्रदेश में लागू करने चार शिक्षक संगठनों के छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा द्वारा पूर्व सेवा गणना मिशन के तहत 24 अक्टूबर को जिला मुख्यालय में विशाल रैली निकालकर कलेक्टर के जरिए मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सोपा.
मोर्चा के प्रदेश सह संयोजक वाजिद खान, हेमेंद्र साहसी, राजेश शर्मा, विमल ठाकुर जिला संयोजक स्वदेश शुक्ला, उत्तम सिन्हा, अमित राठौर, प्रकाश चंद कांगे सह संयोजक संतोष जायसवाल, नंदकुमार अटभैया ने कहा कि एल.बी.संवर्ग के शिक्षकों की मूल मांग पूर्व सेवा की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से सही वेतन का निर्धारण,सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने, क्रमोन्नत वेतनमान का निर्धारण, पुरानी पेंशन निर्धारित करने एवं 20 साल की पूर्ण सेवा में पुरानी पेंशन देने के साथ ही लंबित महंगाई भत्ता एवं एरियर्स की मांग को लेकर पुराने नए बस स्टैंड में विशाल मात्रा में शिक्षक एलबी सा वर्ग उपस्थित होकर धरना दिए उसके बाद विशाल रैली का आयोजन कर अपनी मांगों को पूर्ण करने के लिए भाजपा सरकार से अपील किया.
2018 से सँविलियन करने के पश्चात पुरानी 20 वर्ष की सेवा शून्य कर दी गई प्रदेश भर के शिक्षक एलबी संवर्ग में गहरी नाराजगी है. पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत पूरे प्रदेश के 146 विकासखंड के शिक्षक एलबी संवर्ग जिला स्तर पर उपस्थित होकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारा लगाकर अपनी मांगों के लिए आवाज बुलंद किया.
कांकेर जिला मुख्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन, देकर शासन को अल्टीमैटम दिया गया है कि तत्काल मांगों को पूर्ण करें और मोदी गारंटी को छत्तीसगढ़ में भी लागू करें.
1 नवंबर राज्य स्थापना के दिन पूर्व सेवा गणना दीप जलाकर शासन का ध्यान आकृष्ट करेंगे. इसके बाद भी मांग पूरी नहीं होने पर 25 नवंबर को शिक्षक मोर्चा के पदाधिकारी नवा रायपुर में इंद्रावती से महानदी भवन तक पैदल मार्च कर मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपेंगे.
इस रैली में शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला सहसंचालक संतोष जायसवाल, लक्ष्मीकांत साहू, सत्यनारायण नायक, डॉक्टर कृष्णमूर्ति शर्मा, भोला प्रसाद ठाकुर, सतीश साहू, निरंकार श्रीवास्तव, खम्मन नेताम, दुमेंद्र साहू, राखी वट्टी, बोधन साहू, अनूप पुराबिया, राखी वट्टी, दिनेश नाग सहित सैकड़ो शिक्षक मौजूद थे.
वहीं जिले में सहायक शिक्षक से प्रधान अध्यापक प्राथमिक शाला की पदोन्नति सूची जारी नहीं होने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने पुरानी काउनसीलिंग को निरस्त करते हुए नये सिरे से शत प्रतिशत रिक्त पदों पर काऊंसीलिंग कर दीपावली के पूर्व पदास्थापना के लिए आश्वास्त किया है. संघ ने पारदर्शिता पूर्वक पदास्थापना की मांग की है.
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