श्रावण मास में आस्था का रंग: सरस्वती शिशु मंदिर की 50 से ज्यादा छात्राओं ने किया महाकाल मंदिर में जलाभिषेक, पार्षद छगन यादव ने किया आत्मीय स्वागत

The spirit of faith during the month of Shravan: Over 50 female students from Saraswati Shishu Mandir performed *Jalabhishek* at the Mahakal Temple; Councilor Chhagan Yadav extended a warm welcome.

श्रावण मास में आस्था का रंग: सरस्वती शिशु मंदिर की 50 से ज्यादा छात्राओं ने किया महाकाल मंदिर में जलाभिषेक, पार्षद छगन यादव ने किया आत्मीय स्वागत

गरियाबंद : सावन के पवित्र सोमवार पर गरियाबंद में नन्हे-मुन्ने बच्चों की शिवभक्ति ने हर किसी का मन मोह लिया। सरस्वती शिशु मंदिर शिशु वाटिका के करीब 100 बच्चे भगवान शिव, माता पार्वती और अन्य देवी-देवताओं के स्वरूप में सजे, तो कई बच्चे कांवड़िया बनकर हाथों में कांवड़ लेकर पैदल रामजानकी मंदिर पहुंचे।
शिशु वाटिका से निकली यह नन्ही कांवड़ यात्रा रामजानकी मंदिर पहुंची, जहां मंदिर परिसर स्थित गौरी शंकर मंदिर में स्थापित 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर बच्चों ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और शिवलिंग पर जल अर्पित किया। बच्चों के धार्मिक स्वरूप और भोलेनाथ के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा.
रामजानकी मंदिर पहुंचने पर वार्ड क्रमांक 6 के पार्षद छगन यादव ने बच्चों का स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को फल और प्रसाद वितरित किया। इस दौरान बच्चों की मासूम भक्ति और उत्साह देखते ही बन रहा था.
छगन यादव ने कहा—बच्चों की सेवा करना सौभाग्य
छगन यादव ने कहा कि शिशु वाटिका के नन्हे बच्चे हर वर्ष सावन के सोमवार को रामजानकी मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। इन बच्चों को इतनी श्रद्धा और उत्साह के साथ भगवान शिव की भक्ति करते देखना अपने आप में बेहद सुखद अनुभव है। बच्चों का स्वागत करना और उनके लिए फल-प्रसाद की व्यवस्था करना मेरे लिए केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आस्था और सेवा से जुड़ा अवसर है। नन्हे बच्चों की इस धार्मिक यात्रा में सहभागी बनना और उनका उत्साह बढ़ाना मैं अपना सौभाग्य मानता हूं.
बच्चों की इस भक्ति यात्रा ने सावन सोमवार के अवसर पर गरियाबंद में धार्मिक आस्था और संस्कारों की खूबसूरत तस्वीर पेश की.
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