केंद्रीय मंत्री अमित शाह -मार्च 2026 तक नक्सलियों का कर देंगे सफाया, लड़ाई अंतिम दौर में, पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए 30 करोड़ रुपए की घोषणा

Union Minister Amit Shah - Naxalites will be wiped out by March 2026 the fight is in the final stages announcement of Rs 30 crore for modernization of police

केंद्रीय मंत्री अमित शाह -मार्च 2026 तक नक्सलियों का कर देंगे सफाया, लड़ाई अंतिम दौर में, पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए 30 करोड़ रुपए की घोषणा

चंपारण : गृहमंत्री अमित शाह ने चम्पेश्वर महादेव के दर्शन कर पूजा अर्चना की. इस मौके पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा चम्पारण पहुंचे.
इससे पहले केन्द्रीय गृह मंत्री शाह का हैलीपेड में विधायक इंद्र कुमार साहू और रोहित साहू, पूर्व सांसद महासमुंद चंदूलाल साहू, पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय, नवागांव सरपंच भागवत साहू और संभाग आयुक्त महादेव कांवरे सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण ने स्वागत किया. हेलीपेड में स्वागत के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह नवागांव से महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्म स्थली चम्पारण पहुंचे.
इस मौके पर  द्वारिकेश्वर लालजी महाराज द्वारा उन्हें महाप्रभु वल्लभाचार्य की प्रतिमा भेंट की गई. वल्लभाचार्य निधि ट्रस्ट की ओर से भी उनका स्वागत किया गया और हरीश बाबरिया और मोनल बाबरिया द्वारा उन्हें श्रीनाथजी का चित्र भेंट किया गया.
इस मौके पर सर्व गुजराती समाज के अध्यक्ष प्रीतेश गांधी,  वल्लभाचार्य ट्रस्ट के अध्यक्ष  चेतन अधिया, वल्लभाचार्य ट्रस्ट के सदस्य वल्लभ अधिया, गुजराती समाज के पदाधिकारी हरीश कुमार बाबरिया, पूर्व मंत्री चंद्रशेखर साहू, अपैक्स बैंक पूर्व अध्यक्ष अशोक बजाज और चंपारण के सरपंच श्रीमती राधिका ध्रुव सहित कई जनप्रतिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद थे.
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दो साल में नक्सलियों का कर देंगे सफाया, लड़ाई अंतिम दौर में

रायपुर : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नवा रायपुर में सात राज्यों के डीजीपी और मुख्य सचिवों के साथ नक्सलवाद के खिलाफ गंभीर मंथन किया. नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की रणनीति तैयार की गई.
उन्होंने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई अंतिम दौर में पंहुच रही है. मार्च, 2026 तक पूरे देश से नक्सलियों का सफाया हो जाएगा. मोदी सरकार ने वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ विकास, प्रॉसीक्यूशन और ऑपरेशन के तीनों मोर्चों पर एक संपूर्ण रणनीति के साथ लड़ाई लड़ी है. जिसके परिणामस्वरूप ये समस्या अब काफी हद तक सिमट गई है.
सरकार बनने के बाद 8 महीनों के भीतर नक्सलवाद को खत्म करने के लिए प्रभावी रणनीति को लागू किया गया है. उसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्टर प्रोजेक्ट और प्रोजेक्ट की राह में बाधा दूर करने के लिए को-आर्डिनेशन कमेटी की बैठक यहां रखी गई थी. इस बैठक में सभी नक्सल प्रभावित राज्यों के पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव शामिल हुए.
वर्ष 2022 एक ऐसा साल रहा है जब नक्सलवादी घटनाओं में सबसे कम 100 से भी कम लोगों की मौत हुई है. 2014 से लेकर 2024 तक वामपंथी उग्रवाद की घटनाएं कम हुई है. इस अवधि में नक्सलियों के 14 टॉप लीडर मारे गए. विकास का विश्वास जनरेट करने में सफलता मिली है और रुल ऑल लॉ स्थापित हुआ है. जहां विनाश सर्जित हुआ है वहां खाई को भरा गया है. बिहार, झारखंड़, ओडिशा और महाराष्ट्र नक्सल मुक्त हुए हैं. ये भारत सरकार का बहुत बड़ा अचीवमेंट है.
2010 में हिंसा के उच्च स्तर की तुलना में 2023 में जान गंवाने वाले नागरिकों तथा शहीद सुरक्षा कर्मी की संख्या में 86 प्रतिशत की कमी आई है. 2010 में 1005 शहीदों की तुलना में 2023 तक यह संख्या घटकर 138 रही है. इसी तरह 2004 की तुलना में 2014 तक हिंसा की घटना में 54 प्रतिशत कमी आई है. शहीद सुरक्षा जवानों की संख्या में 72 प्रतिशत, जान गंवाने वाले नागरिकों की संख्या में 69 प्रतिशत की कमी तथा नक्सल हिंसा में जान गंवाने वाले नागरिकों तथा सुरक्षा जवानों की शहादत में 70 प्रतिशत की कमी आई है. देश में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों की संख्या 2023 में 126 थी जो अब 2024 में कम होकर 38 रह गई है. देश में नक्सल हिंसा ग्रस्त थानों की संख्या 2010 में 96 थी जो 2023 तक 42 रह गई है. 2010 में 465 थानों से कम होकर यह समस्या 2023 तक 171 तक रह गई है.
विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले आठ महीने में ही 147 माओवादियों को मार गिराया है. इसी दौरान 631 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख़्याधारा में लौटे हैँ. इसका श्रेय साय सरकार द्वारा संचालित नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन को दिया जा रहा है. राज्य में पिछली सरकार के कार्यकाल में पांच साल में जहां सिर्फ 219 माओवादी मारे गए. वहीं आठ महीने में ही नक्सलियों के लगातार एनकाउंटर तथा आत्मसमर्पण को विष्णु देव साय सरकार की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. साय सरकार ने नक्सल इलाकों में 33 सुरक्षा कैम्प स्थापित किए हैं. जल्द ही 16 और कैम्प स्थापित किए जाएंगे.
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छत्तीसगढ़ पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए 30 करोड़ रुपए की घोषणा

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि लोगों को केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी भी दी जाए. ये हमें सुनिश्चित करना होगा कि केंद्र और राज्य की सभी 300 योजनाओं का शत प्रतिशत सैचुरेशन हो. उनका पूर्ण क्रियान्वयन हो. ऐसे क्षेत्र जहां माओवादी आतंक खत्म हो गया है. वहां ये समस्या दोबारा पैदा ना हो. ये सुनिश्चित किया जाना चाहिए. इन क्षेत्रों में लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का शतप्रतिशत लाभ दिलाया जाए. उन्होंने कहा कि किसी भी हथियार वाले आन्दोलन को लोगों में सरकार के प्रति विश्वास पैदा करके ही समाप्त किया जा सकता है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए 30 करोड़ देने की घोषणा की.
छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, माओवादी आतंक विरोधी अभियान की प्रगति और भावी योजनाओं पर प्रस्तुतिकरण दिया। इस पर विचार-विमर्श के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लोगों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ के माओवादियों में से अधिकाधिक, आत्म समर्पण करना चाहते हैं, हमें समर्पण योजना की व्यापक जानकारी रखनी चाहिए.
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, आईबी, एनआइए, सीआरपीफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी के महानिदेशक, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा सहित झारखंड, ओडिशा, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक, केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
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छत्तीसगढ़ की 6 स्थानीय भाषाओं में रूपांतरित पुस्तक का किया विमोचन

रायपुर : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज नया रायपुर स्थित होटल मेफेयर में 'नए भारत का नया कानून' पुस्तक का विमोचन किया. यह पुस्तक '2023 के नए आपराधिक कानून' का छत्तीसगढ़ की छह प्रमुख स्थानीय भाषाओं—हल्बी, गोंडी, भतरी, कुडुख, छत्तीसगढ़ी और हिंदी में रूपांतरित संस्करण है. विमोचन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा उपस्थित थे.