छत्तीसगढ़ में उत्साह पूर्वक मनाया गया हलषष्ठी का पर्व, संतान की दीर्घायु और खुशहाली की कामना के लिए माताओं ने रखा हलषष्ठी व्रत
The festival of Halashashthi was celebrated with enthusiasm in Chhattisgarh mothers observed Halashashthi fast to pray for the longevity and happiness of their children
नवागांव (खिसोरा) में धूमधाम से मनाया गया हलषष्ठी पर्व
नवागांव : मां शीतला चौक भाटापारा में हलषष्ठी का पर्व धूमधाम से मनाया गया. वही इस बार षष्ठी तिथि 24 अगस्त 2024 को है. जिसमें उपस्थित ग्राम वासियों ने भगवान के छः कथाओ का श्रवण किया. उपासीन महिलाओं ने अपने बच्चों के लंबी आयु के लिए भगवान बलराम का पूजा अर्चना कर प्रार्थना किया.
इस अवसर पर भारतीय संस्कृति रामायण पार्टी कपालफोड़ी का आयोजन किया गया. जिसमें कथा वाचक रमेश साहू, दिग्विजय साहू, पेनलाल साहू, फूल सिंह साहू का कथा वाचन रहा और विशेष सहयोग मनोज कंवर, देवनारायण चेलक, धनेश्वर चेलक, प्रेमलाल यादव, रमेश साहू, सोमनाथ कंवर, सागर कंवर, चद्रशेखर कंवर और उपस्थित सभी मातृ शक्तियों एवं ग्राम वासियों का योगदान रहा.
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संतान के दीर्घायु के लिए माताओं ने रखा व्रत, सगरी की पूजा अर्चना कर की मंगल कामना
गोबर नवापारा : 24 अगस्त को क्षेत्र में हलषष्ठी का पर्व बड़े धुम-धाम, हर्षाेल्लास से विधि विधान पूर्वक मनाया गया। नगर के गायत्री मंदिर, बजरंग चौक किसानपारा, रामजानकी मंदिर सोमवारी बाजार, मारुति मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, कर्मा मंदिर सहित नगर और अंचल के मंदिरों में पूजन की व्यवस्था की गई थी.
महिलाओं ने अपने पुत्रों की दीर्घायु और समृद्धि की कामना के लिए हलषष्ठी का व्रत रखा. क्षेत्र सहित गांव-गाँव में माताओं-बहनों ने एक साथ सामूहिक रूप से भगवान भोलेनाथ व माता पार्वती के प्रतीक के रुप में सगरी बनाकर, जल चढ़ाकर, नारियल, धूप बत्ती, लाई एवं पसहर चांवल के प्रसाद चढ़ाकर पूजा की.
कवर्धा : नगर के प्रतिष्ठित संस्था दिल्ली पब्लिक स्कूल कवर्धा में कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के संचालकों के द्वारा मां सरस्वती व राधा-कृष्ण की प्रतिमा की पृजा अर्चना द्वारा हुआ । तत्पश्चात कक्षा नर्सरी से पांचवीं के नन्हें-मुन्हें बच्चों के लिए फैंसी ड्रेस का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिये । बच्चे राधा-कृष्ण, सुदामा व वासुदेव की वेशभूषा में अपनी मनोरम प्रस्तुति व नृत्य के माध्यम से सभी का मन मोह लिया । वहीं दूसरी ओर कक्षा 6वीं से 12वीं के बच्चों के लिए कक्षा सजावट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ।
अन्य गतिविधियों में उच्च कक्षा के छात्र-छात्राओं द्वारा श्री भगवद गीता के श्लोक का वाचन किया गया और दही-हण्डी फोड़ का आयोजन किया गया, जिसने कार्यक्रम को अधिक रोचक बना दिया । इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं व विद्यालय के कर्मचारियों व बच्चों का विशेष योगदान रहा । इस अवसर पर मुख्य अतिथि संस्था के संचालक अभिषेक अग्रवाल,आशीष अग्रवाल,शिव अग्रवाल, विजय गुप्ता,मनोज अग्रवाल व प्राचार्य एन.राजेश कुमार एवं शिक्षक-शिक्षिकायें उपस्थित रहे.
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कुरुद और गुरुर में उत्साह पूर्वक मनाया गया हलषष्ठी का पर्व
बालोद/कुरुद : छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार हलषष्ठी व्रत एवं भगवान बलराम जन्म उत्सव पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में बड़े ही उत्साह एवं विश्वास के साथ पारंपरिक रूप से मनाया जा रहा है। इसी क्रम में नगर कुरूद सहित नगर गुरूर में भी माताओं, बहनों के द्वारा अपने पुत्र, पुत्रियों की सुख समृद्धि व उज्ज्वल भविष्य की कामनाएं हेतु व्रत रखकर पूजा–पाठ करते हुए हलषष्ठी त्योहार बड़े ही उत्साह पूर्वक धूमधाम से मनाया जा रहा है.
विदित हो कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्यौहारो में एक हलषष्ठी पर्व जो भादो मास के कृष्ण पक्ष की छठी तिथि को मनाया जाता है। इस पर्व को गांव-गांव में कमरछठ पर्व के नाम से जाना जाता है। हलषष्ठी पर्व के दिन संतान की प्राप्ति तथा उनके सुख-समृद्धि के लिए महिलाएं व्रत रखती हैं। नवविवाहित स्त्रियां भी संतान प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती हैं। इस अवसर पर कुरूद नगर पंचायत के अस्पताल वार्ड एवं ग्राम भरदा में तथा इसी प्रकार नगर गुरुर सहित ग्राम कोलिहामार में भी हलषष्ठी (कमरछठ) पूजा का आयोजन किया गया है जहां पर माताओं एवं बहनों के द्वारा विशेष रूप से व्रत रखकर सगरी बनाकर पूजा अर्चना किया गया.
नगर कुरूद में इस हलषष्ठी पूजा अर्चना कार्यक्रम महाराज श्रीमान डायमंड वैष्णव जी के सानिध्य में संपन्न हुआ जहां पर व्रत रख कर श्रीमती ज्योति चंद्राकर, दामिनी चंद्राकर, भूमिका सिन्हा, तुलसी सिन्हा, गुंजन चंद्राकर, पूर्व पार्षद श्रीमती अहिल्या ढीमर, रूखमणी देवांगन, नर्मदा चंद्राकर, चंद्रिका देवांगन, राधिका साहू, कीर्तिबाला साहू, रूखमणी वर्मा, स्वाति वर्मा, नूतन साहू, जगदम्बा ठाकुर, दीपाली बंजारे, कुंती पांडेय, धन्नी बाई कुर्रे, मंजू राजपूत, भेनू बाई साहू , कैलाश विश्वकर्मा, प्रेरणा साहू , राम्हीन बाई कुर्रे, भारती कुर्रे, लक्ष्मी सारथी, भुनेश्वरी ढीमर, मनीषा ढीमर, कुसुम ढीमर सहित वार्ड की माताएं बहनें तथा ग्राम भरदा की माताएं, बहनें शामिल होकर पूजा कार्यक्रम में शामिल हुई.
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संतान की दीर्घायु और खुशहाली की कामना के लिए माताओं ने रखा हलषष्ठी व्रत
कोरबा : संतान की दीर्घायु और खुशहाली की कामना के लिए माताओं ने शनिवार को हलषष्ठी का व्रत रखा। इस बार तिथि को लेकर संशय है। जिसे लेकर रविवार को भी हलषष्ठी व्रत और पूजा होगी। जिले में शहर सहित उप नगरीय क्षेत्र में भी हलषष्ठी यानी आज के दिन माताओं ने सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लिया। इसके बाद घर या बाहर कहीं भी दीवार पर भैंस के गोबर से छठ माता का चित्र बनाया। फिर भगवान गणेश और माता पार्वती की पूजा की पूजा कर छठ माता की पूजा की।
कई जगह माताओं ने घर में ही गोबर से प्रतीक रूप में तालाब बनाकर, उसमें झरबेरी, पलाश और कांसी के पेड़ लगाए और वहां पर बैठकर पूजा अर्चना की। हल षष्ठी की कथा सुनाई गई। हलषष्ठी के दिन संतान की प्राप्ति और सुख-समृद्धि के लिए माताएं व्रत रखती हैं। नवविवाहित स्त्रियां भी संतान की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं। बलराम जयंती होने के कारण बलराम व भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। साथ ही इस दिन खेती में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा भी की जाती है।हलषष्ठी का व्रत जिसे खमरछट भी कहा जाता है इस दिन सभी मातायें अपने – अपने पुत्रों की दीर्घायु की कामना कर निर्जला व्रत रखती हैं। हलषष्ठी देवी का कथा सुनते हैं सगरी बनाकर पुजा पाठ करते हैं। अपने पुत्रों के पीठ पर पोती लगाते हैं।छ: प्रकार के भाजी और लाल चावल की मान्यता है। खमरछट के त्योहार पर लाल चावल जिसे पसहर चावल भी कहा जाता है इस दिन पर लाल चांवल का भात(खाना) बनाकर खाने का रिवाज है और इसके साथ छ: प्रकार के भाजी जैसे मुनगा भाजी,चरोटा भाजी,चरपनिया भाजी, कुम्हड़ा भाजी,करमत्ता भाजी,चेंच भाजी आदि सभी को मिलाकर सब्जी बनाया जाता है। महुआ, करोंदा,धनमिर्ची आदि सभी प्रकार के प्राकृतिक रूप से उपज फलों का सेवन कर सभी माताएं अपना व्रत पारण करती हैं.
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